सपा भाषण को अपनी कार्यशैली में उतारे लोटन राम निषाद

सपा भाषण को अपनी कार्यशैली में उतार कर चुनावी समर का करें शंखनाद लौटन राम निषाद

ब्यूरो रिपोर्ट 

2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है।  समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता चाहते हैं कि पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव  कुशल नेतृत्व करते हुए 2022 के विधानसभा चुनाव में उतरने के लिए शंखनाद करें ।सामाजिक मुद्दों के  साथ सामाजिक न्याय के संकल्प को दोहराते हुए चुनाव मैदान में सपा को उतरना चाहिए ।

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता लौटन राम निषाद से साउथ में विस्तार पूर्वक 2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा की। लौटन राम निषाद का कहना है कि फिलहाल समाजवादी पार्टी को यादव और मुस्लिम तक सीमित रहने की जरूरत नहीं है। पार्टी को लोधी, सैनी कुशवाहा ,राजभर ,निषाद, विश्वकर्मा के साथ दूसरी जातियों, माइक्रो सोशल इंजीनियरिंग को बनाने की जरूरत है। 

जिससे 2022 के विधानसभा चुनाव में फतह किया जा सकें। उनका कहना है कि समाजवादी पार्टी के संस्थापक संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने जिस तरह से पार्टी को राष्ट्रीय स्तर की पहचान दिलाई थी। उस दिशा में भी पार्टी के अध्यक्ष को काम करने की जरूरत है । जिसकी जितनी संख्यादारी, उसकी उतनी भागीदारी को सुनिश्चित कराने के लिए पार्टी को जातिगत आधार पर गणना कराने की भी जरूरत है । जिससे यह पता चल सके कि आखिर में किस जाति के कितनी तादात है। उसी आधार पर भागीदारी भी होनी चाहिए। खास बात है कि समाजवादी पार्टी सामाजिक समरसता की पार्टी है और ऐसे में पार्टी को 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए सभी जातियों के समीकरण को साधने की जरूरत है ।

चाहे वह कुर्मी, निषाद हो या फिर शोषित दलित जाति हो सभी को एक मंच पर लाकर उनके साथ चुनावी मैदान में उतरने की जरूरत है। उनका कहना है कि जिस तरह से मुलायम सिंह यादव ने लगातार सामाजिक समरसता की लड़ाई लड़ी और कई राज्यों में पार्टी का विस्तार किया उस दिशा में भी पार्टी को काम करने की जरूरत है ।जिससे दूसरे राज्यों के कार्यकर्ताओं ने भी उत्साह बढ़ सके ।  2022 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश के कार्यकर्ता एकजुट होकर, एक मन से चुनावी समर को जीतने के लिए काम करें। लौटन राम निषाद एक वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता के साथ समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता भी हैं गाजीपुर से लौटन राम निषाद समाजवादी पार्टी के संगठन को मजबूत कर रहे हैं। देश की आर्थिक, सामाजिक और जातिय समीकरण का बहुत ही गहरा अध्ययन किया है उनका मानना है कि कोई पार्टी चुनाव तभी जीत सकती है जब पार्टी का संगठन मजबूत होगा।

Editor in Chief

Deepak Narang

Recent story

Translate »
%d bloggers like this:
Breaking News