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भीमताल झील का कायाकल्प: CDO अरविंद पांडे की कमान में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ और सौंदर्यकरण अभियान का शंखनाद

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भीमताल झील का कायाकल्प: CDO अरविंद पांडे की कमान में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ और सौंदर्यकरण अभियान का शंखनाद

भीमताल (नैनीताल)।

विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर पर्यटन नगरी भीमताल की प्रसिद्ध झील के किनारे एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सूबे के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय श्री पुष्कर सिंह धामी जी की गरिमामयी उपस्थिति और कैबिनेट मंत्री श्री राम सिंह कैड़ा जी, कुमाऊं कमिश्नर एवं जिला अधिकारी (DM) की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को बेहद खास बनाया। लेकिन, इस पूरे महाअभियान को धरातल पर उतारने और इसकी रूपरेखा तैयार करने में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) श्री अरविंद पांडे की दूरदर्शी सोच और प्रशासनिक कुशलता सबसे प्रमुख रही।

​CDO अरविंद पांडे के नेतृत्व में भीमताल झील को न सिर्फ हरा-भरा बनाने बल्कि इसके वैश्विक स्तर पर सौंदर्यकरण की एक नई इबारत लिखी गई है।

CDO अरविंद पांडे के प्रयासों से रोपा गया ‘एक पेड़ माँ के नाम’

​देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान को भीमताल में एक भावुक और ऐतिहासिक मोड़ देने का श्रेय मुख्य विकास अधिकारी अरविंद पांडे को जाता है। उन्होंने इस अभियान के तहत स्व. नागिन्दी पांडेय जी की स्मृति में वृक्षारोपण कार्यक्रम की कमान संभाली।​मुख्य फोकस: CDO अरविंद पांडे ने माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा के साथ मिलकर पूरी श्रद्धा के साथ ‘नागिन्दी पांडेय’ (एक पेड़ माँ के नाम) वृक्षारोपण कार्यक्रम को संपन्न कराया। श्री पांडे ने इस दौरान संदेश दिया कि माँ के नाम पर लगाया गया एक पौधा न केवल धरती को नया जीवन देगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य धरोहर साबित होगा। उनकी इस आत्मीय पहल की मुख्यमंत्री और कमिश्नर साहब ने भी मुक्तकंठ से सराहना की।

भीमताल झील का सौंदर्यकरण: अरविंद पांडे का ‘बोगनवेलिया विजन’

​भीमताल झील न केवल स्थानीय निवासियों के लिए बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र है। इस बार पर्यावरण दिवस को केवल वृक्षारोपण तक सीमित न रखकर, इसके दीर्घकालिक सौंदर्यकरण से जोड़ने का बड़ा खाका CDO अरविंद पांडे द्वारा तैयार किया गया।

​श्री अरविंद पांडे की प्रमुख पहल पर भीमताल झील के चारों ओर ‘बोगनवेलिया’ के पौधों से सौंदर्यकरण कार्य का विधिवत आरंभ किया गया।​पर्यटन को बढ़ावा: बोगनवेलिया के रंग-बिरंगे फूल जब पूरी झील के किनारों को सजाएंगे, तो भीमताल की खूबसूरती में चार चांद लग जाएंगे।​पारिस्थितिकी संतुलन: यह योजना पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन स्वरोजगार को भी नई गति देगी।​प्रशासनिक तालमेल: CDO साहब ने स्वयं खड़े रहकर कमिश्नर साहब, डीएम साहब और वन विभाग की टीम के साथ मिलकर इस योजना के पहले चरण की शुरुआत कराई।

सराहनीय प्रशासनिक प्रबंधन और सक्रियता

​एक कुशल मार्गदर्शक के रूप में सीडीओ अरविंद पांडे ने कार्यक्रम की सफलता के लिए कई दिनों पहले से ही जमीन तैयार कर ली थी। मुख्यमंत्री जी के आगमन से लेकर झील के संवेदनशील किनारों पर पौधारोपण की जगहों को चिन्हित करने तक, हर एक बारीक पहलू पर अरविंद पांडे की पैनी नजर रही। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान न केवल वीआईपी प्रोटोकॉल और सुरक्षा का ध्यान रखा, बल्कि स्थानीय जनता और स्वयं सहायता समूहों को भी इस पर्यावरण महाकुंभ से जोड़ने का सराहनीय प्रयास किया।

सशक्त नेतृत्व से बदलेगी भीमताल की सूरत

​कार्यक्रम के समापन पर मुख्य विकास अधिकारी श्री अरविंद पांडे ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि आज लगाए गए पौधों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी कि रोपण की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि भीमताल झील के किनारे लगाए गए बोगनवेलिया और अन्य पौधों की नियमित देखरेख की जाए।

​निश्चित रूप से, पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री जी की उपस्थिति में शुरू हुआ यह अभियान, सीडीओ अरविंद पांडे के अनथक प्रयासों और कुशल प्रबंधन के कारण लंबे समय तक याद रखा जाएगा। श्री पांडे की इस सजगता और कर्मठता ने यह साबित कर दिया है कि यदि प्रशासनिक नेतृत्व मजबूत हो, तो पर्यावरण और विकास का एक सुंदर समन्वय स्थापित किया जा सकता है।

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