राज्यपाल गुरमीत सिंह ने वरिष्ठ पत्रकार राम अनुज की पुस्तक ‘द टनल ऑफ सिल्क्यारा’ का विमोचन,
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राज्यपाल गुरमीत सिंह ने वरिष्ठ पत्रकार राम अनुज की पुस्तक ‘द टनल ऑफ सिल्क्यारा’ का विमोचन,
देहरादून। राजभवन (लोक भवन) में सोमवार को आयोजित ‘लोक मिलन’ कार्यक्रम के दौरान जनसेवा और साहित्य का अनूठा संगम देखने को मिला। एक ओर जहां राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों से आए नागरिकों और पूर्व सैनिकों की पीड़ा सुनी, वहीं दूसरी ओर उत्तरकाशी के बहुचर्चित रेस्क्यू ऑपरेशन पर आधारित पुस्तक ‘द टनल ऑफ सिल्क्यारा’ का विमोचन भी हुआ।
सिल्क्यारा सुरंग रेस्क्यू: साहस और तकनीक की अनकही कहानी
वरिष्ठ पत्रकार और लेखक राम अनुज ने अपनी नई पुस्तक ‘द टनल ऑफ सिल्क्यारा’ राज्यपाल को भेंट की। यह पुस्तक नवंबर 2023 में उत्तरकाशी की सिल्कयारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को बचाने के लिए चले 17 दिनों के लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन का जीवंत दस्तावेज है।
लेखक ने इस पुस्तक में पल-पल की उन चुनौतियों को पिरोया है, जिनसे पूरा देश और दुनिया रूबरू हुई थी। पुस्तक की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:ग्राउंड जीरो की रिपोर्टिंग: पुस्तक में बताया गया है कि कैसे दीपावली की सुबह टनल ढहने से खुशियां मातम में बदलीं और फिर उम्मीद की किरण जगी।तकनीक और संघर्ष: ऑगर मशीन के फेल होने से लेकर ‘रैट होल माइनर्स’ के जादुई हाथ से खुदाई तक के सफर का इसमें विस्तृत विवरण है।मानवीय संवेदनाएं: सुरंग के भीतर फंसे श्रमिकों का हौसला और बाहर बैठे उनके परिजनों के दर्द और प्रार्थनाओं को राम अनुज ने अपनी कलम से बखूबी उकेरा है।
राज्यपाल ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि यह दस्तावेजीकरण भविष्य की आपदा प्रबंधन रणनीतियों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ साबित होगा।
लोक मिलन: समस्याओं के त्वरित समाधान का संकल्प
राज्यपाल ने लोक भवन में आयोजित ‘लोक मिलन’ कार्यक्रम के तहत उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार और देहरादून से आए लगभग 20 लोगों की समस्याएं सुनीं। राज्यपाल के समक्ष मुख्य रूप से भूमि विवाद, रोजगार की मांग, ग्राम विकास में सहयोग और आर्थिक सहायता जैसे मुद्दे उठाए गए।
राज्यपाल ने शिकायत निवारण अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि:
सभी शिकायतों को संबंधित जिलाधिकारियों और विभागों को तुरंत भेजा जाए।प्रकरणों का निस्तारण नियत समयसीमा के भीतर सुनिश्चित हो।जनहित के कार्यों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।लोक मिलन का उद्देश्य आम जनता, विशेषकर हमारे पूर्व सैनिकों की बात सीधे सुनना और उनकी समस्याओं का संवेदनशील समाधान करना है।” — राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह
