उत्तराखंड में ‘विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR 2026)’ का शंखनाद: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन को सौंपा गया गणना फॉर्म
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उत्तराखंड में ‘विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR 2026)’ का शंखनाद: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन को सौंपा गया गणना फॉर्म
देहरादून:
उत्तराखंड में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को और अधिक पारदर्शी, सुदृढ़ और त्रुटिहीन बनाने की दिशा में एक बड़े अभियान की शुरुआत हो चुकी है। राज्य में ‘विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR 2026)’ के तहत प्रशासनिक और निर्वाचन संबंधी गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है। इसी कड़ी में मंगलवार को सचिवालय में एक महत्वपूर्ण शिष्टाचार और प्रशासनिक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मुख्य सचिव को इस अभियान का आधिकारिक गणना फॉर्म सौंपा।
उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने मंगलवार को राज्य सचिवालय में मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मुख्य सचिव को ‘विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान’ के अंतर्गत तैयार किया गया गणना फॉर्म (Enumeration Form) भेंट किया। यह फॉर्म राज्य में मतदाता सूचियों के शुद्धीकरण और पुनरीक्षण की प्रक्रिया का एक बेहद अहम हिस्सा है।
7 जुलाई 2026 तक पूरे प्रदेश में चलेगा महाअभियान
गणना फॉर्म सौंपने के साथ ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने मुख्य सचिव को इस पूरे अभियान की रूपरेखा और कार्यप्रणाली से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों, तहसीलों और बूथ स्तरों पर यह विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान 7 जुलाई 2026 तक निरंतर चलाया जाएगा।
इस समय सीमा के भीतर राज्य के प्रत्येक नागरिक, विशेषकर नए और छूटे हुए मतदाताओं को मतदाता सूची से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस अभियान के माध्यम से निर्वाचन विभाग का प्रयास है कि राज्य में एक भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे।
बैठक में शीर्ष निर्वाचन अधिकारियों की रही मौजूदगी
सचिवालय में आयोजित इस बेहद महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड निर्वाचन विभाग के शीर्ष अधिकारी भी मौजूद रहे। इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के साथ:
- डॉ. विजय कुमार जोगदंडे (अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड)
- श्री मस्तू दास (सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड)
इन वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग इस पुनरीक्षण अभियान को पूरी गंभीरता और माइक्रो-प्लानिंग के साथ धरातल पर उतारने के लिए तैयार हैं। बैठक में अभियान की सफलता को लेकर अधिकारियों के बीच रणनीतिक चर्चा भी हुई।
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान’ के मुख्य उद्देश्य (Key Objectives)
इस अभियान (SIR 2026) को उत्तराखंड के परिप्रेक्ष्य में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके तहत निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर विशेष फोकस किया जा रहा है:
नए मतदाताओं का पंजीकरण: ऐसे युवा जो 1 जनवरी 2026 या उसके बाद की अर्हता तिथि (Eligibility Date) के अनुसार 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं, उनका नाम प्राथमिकता के आधार पर मतदाता सूची में दर्ज करना।त्रुटियों का सुधार: मतदाता सूची में मौजूद नाम, पते, आयु या किसी अन्य लिपिकीय गलती को पूरी तरह से ठीक करना ताकि भविष्य में मतदान के दौरान किसी को परेशानी न हो।फर्जी और दोहरे नामों को हटाना: ऐसे मतदाता जो पलायन कर चुके हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जिनका नाम किन्हीं कारणों से दो जगहों पर दर्ज है, उनका नाम सूची से हटाकर मतदाता सूची को 100% शुद्ध बनाना।दूरस्थ क्षेत्रों पर विशेष ध्यान: उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सीमांत और दूरदराज के पर्वतीय गांवों में विशेष कैंप लगाकर लोगों को जागरूक और पंजीकृत करना।
मुख्य सचिव ने दिए सख्त और सुचारू निर्देश
मुख्य निर्वाचन अधिकारी से विस्तृत फीडबैक लेने के बाद मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए एक शुद्ध और अद्यतन (Updated) मतदाता सूची का होना सबसे पहली शर्त है।
मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने निर्वाचन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि:”7 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस अभियान के दौरान सभी जिलाधिकारियों (DEOs) और बूथ स्तर के अधिकारियों (BLOs) को सक्रिय रखा जाए। पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों में विशेष रूप से प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि कोई भी योग्य नागरिक इस अभियान से अछूता न रहे।”
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि इस अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए राज्य प्रशासन, पुलिस और जिला तंत्र निर्वाचन विभाग को हर संभव लॉजिस्टिक और प्रशासनिक सहयोग प्रदान करेगा।
आम जनता से निर्वाचन विभाग की अपील
अभियान की शुरुआत के साथ ही उत्तराखंड निर्वाचन विभाग ने राज्य की जनता से भी इस महाअभियान में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि नागरिक अपने नजदीकी मतदेय स्थल (Polling Station) पर जाकर या ऑनलाइन माध्यमों (Voter Helpline App/Portal) का उपयोग करके मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांच लें। यदि नाम में कोई सुधार करवाना हो या नया नाम जुड़वाना हो, तो 7 जुलाई 2026 की समय सीमा से पहले आवश्यक फॉर्म भरकर संबंधित अधिकारी के पास जमा करा दें।
निश्चित रूप से, मुख्य सचिव को गणना फॉर्म सौंपे जाने के बाद अब पूरे उत्तराखंड के प्रशासनिक अमले में इस अभियान को लेकर हलचल तेज हो गई है और आने वाले दिनों में बूथ स्तर पर बड़े पैमाने पर गतिविधियां देखने को मिलेंगी।
