सोनबरसा की बेटी आफिया निगार को मिली पीएचडी की उपाधि, पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर
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सोनबरसा की बेटी आफिया निगार को मिली पीएचडी की उपाधि, पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर
कासिमाबाद (गाजीपुर)। ग्रामीण अंचलों की प्रतिभाएं जब अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर उच्च शिक्षा के शिखरों को छूती हैं, तो पूरा समाज गौरवान्वित उठता है। विकासखंड कासिमाबाद के सोनबरसा गांव की होनहार बेटी आफिया निगार ने वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के 30वें दीक्षांत समारोह में उर्दू विषय में पीएचडी (Ph.D.) की उपाधि प्राप्त कर अपने परिवार और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
दीक्षांत समारोह के भव्य मंच पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल द्वारा आफिया नेगार को यह प्रतिष्ठित उपाधि प्रदान की गई। पूर्वांचल विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की डिग्री मिलते ही सोनबरसा और कासिमाबाद क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बन गया।
यूजीसी-नेट से पीएचडी तक का सफर
आफिया निगार की यह उपलब्धि वर्षों की अटूट लगन और कठिन परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने वर्ष 2017 में राष्ट्रीय स्तर की ‘यूजीसी-नेट’ (UGC-NET) परीक्षा में सफलता हासिल की थी। इसके पश्चात्, उन्होंने डीसीएसके पीजी कॉलेज, मऊ के उर्दू विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. शकील अहमद के कुशल निर्देशन में अपना शोध कार्य शुरू किया।शोध का विषय:
आफिया ने ‘अली अब्बास हुसैनी : हयात और अदबी खिदमत’ (जीवन और साहित्यिक योगदान) विषय पर अपना गहन शोध कार्य प्रस्तुत किया। वर्षों के समर्पण और शोध के बाद उन्होंने अपना प्रबंध सफलतापूर्वक पूर्ण किया।
”सपनों को सच करने के लिए निरंतर परिश्रम आवश्यक”: आफिया नेगार
वर्तमान में बिहार राज्य में उर्दू विषय की प्रवक्ता (Lecturer) के पद पर कार्यरत आफिया नेगार ने इस सफलता पर अपनी प्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने भावुक होते हुए कहा:”पीएचडी की उपाधि मिलना मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। एक समय ऐसा भी था जब मैंने कभी यह नहीं सोचा था कि मैं डॉक्टरेट की डिग्री हासिल कर सकूँगी। लेकिन निरंतर परिश्रम, खुद पर विश्वास और गुरुजनों के सही मार्गदर्शन ने मेरे इस असंभवनिष्ठ सपने को सच कर दिखाया।”
आफिया ने अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय मुख्य रूप से अपने बड़े भाई जावेद अहमद और शोध निर्देशक प्रो. डॉ. शकील अहमद को दिया। उन्होंने बताया कि उनके भाई ने हर विषम परिस्थिति में उनका उत्साहवर्धन किया और शोध निर्देशक के अकादमिक संबल एवं मार्गदर्शन से ही शोध ग्रंथ का कार्य सुगमता से संपन्न हो सका।
छात्राओं और युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा
आफिया निगार की इस उपलब्धि पर सोनबरसा गांव सहित पूरे कासिमाबाद क्षेत्र के गणमान्य लोगों, ग्रामीणों और शिक्षाविदों ने उन्हें बधाई दी एवं उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
क्षेत्र के लोगों का मानना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद ग्रामीण परिवेश से निकलकर आफिया द्वारा हासिल की गई यह सफलता स्थानीय विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं के लिए एक मिसाल साबित होगी। उनकी यह यात्रा क्षेत्र की अन्य बेटियों को भी उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने की प्रेरणा देगी।
