उत्तराखंड में ‘स्मार्ट मीटर पखवाड़ा’ का आगाज: ‘मेरी बिजली, मेरा कंट्रोल’ से सशक्त होंगे उपभोक्ता
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उत्तराखंड में ‘स्मार्ट मीटर पखवाड़ा’ का आगाज: ‘मेरी बिजली, मेरा कंट्रोल’ से सशक्त होंगे उपभोक्ता
हल्द्वानी (नैनीताल): उत्तराखंड में विद्युत व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लि० (UPCL) ने ‘स्मार्ट मीटर पखवाड़ा’ का विधिवत शुभारंभ कर दिया है। केंद्र सरकार की रिवैम्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) के तहत संचालित इस राज्य स्तरीय जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत प्रबंध निदेशक द्वारा कुमाऊँ जोन, हल्द्वानी से की गई।
पारदर्शिता और नियंत्रण पर जोर
अभियान का आगाज करते हुए प्रबंध निदेशक ने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस पहल का मूल उद्देश्य विद्युत उपभोग में पूर्ण पारदर्शिता लाना और सटीक बिलिंग सुनिश्चित करना है। स्मार्ट मीटर लग जाने के बाद उपभोक्ताओं को ‘अनुमानित’ या ‘औसत’ बिलिंग की समस्या से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाएगा। अब उपभोक्ता केवल उतनी ही बिजली का भुगतान करेंगे जितनी उन्होंने वास्तव में खर्च की है।
रीयल-टाइम मॉनिटरिंग और डिजिटल सुविधाएं
इस पखवाड़े के दौरान विभाग उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर के तकनीकी लाभों से रूबरू कराएगा। इसके तहत उपभोक्ताओं को निम्नलिखित सुविधाएं प्राप्त होंगी:
- रीयल-टाइम डेटा: उपभोक्ता अपने मोबाइल ऐप पर देख सकेंगे कि किस समय कितनी बिजली खर्च हो रही है।
- बैलेंस की जानकारी: प्रीपेड मोड के माध्यम से उपभोक्ता अपने बैलेंस की निरंतर निगरानी कर सकेंगे।
- ऊर्जा बचत: अपनी खपत का विश्लेषण कर उपभोक्ता बिजली की बचत के लिए बेहतर नियोजन कर पाएंगे।
- त्वरित निवारण: डिजिटल माध्यम से बिल भुगतान और शिकायतों का तेजी से समाधान सुनिश्चित होगा।
भ्रांतियों को दूर करने के लिए विशेष रणनीति
प्रबंध निदेशक ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि स्मार्ट मीटर को लेकर जनता में व्याप्त भ्रांतियों को दूर किया जाए। इसके लिए स्थानीय भाषा में प्रचार सामग्री (IEC), लघु वीडियो और पोस्टरों का व्यापक प्रसार किया जाएगा। भीड़भाड़ वाले इलाकों में अस्थायी हेल्प डेस्क और सुविधा कियोस्क स्थापित किए जाएंगे, जहाँ स्मार्ट मीटर के संचालन और रिचार्ज प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन (Live Demo) दिया जाएगा।
जवाबदेही और मूल्यांकन
निदेशक (परिचालन) श्री एम०आर० आर्य ने बताया कि इस अभियान की सफलता को मापने के लिए Key Performance Indicators (KPIs) तय किए गए हैं। इसके तहत मोबाइल ऐप इंस्टॉलेशन, घर-घर जाकर दिए गए डेमो और प्राप्त फीडबैक के आधार पर अधिकारियों के कार्यों का मूल्यांकन होगा। अभियान की विस्तृत रिपोर्ट भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय को भेजी जाएगी।
कार्यक्रम के अंत में विभाग ने जनता से ‘मेरी बिजली, मेरा कंट्रोल’ अभियान में सहयोग की अपील की। इस अवसर पर निदेशक (परिचालन), मुख्य अभियंता, और जोन व सर्किल स्तर के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह अभियान उत्तराखंड में एक आधुनिक, उपभोक्ता-हितैषी और जवाबदेह विद्युत तंत्र की स्थापना के संकल्प को दोहराता है।
