UPSTF का बड़ा धमाका: रोहित शेट्टी के घर फायरिंग मामले में कुख्यात शुभम लोनकर गैंग का गुर्गा गिरफ्तार; आगरा से दबोचा गया प्रदीप शर्मा
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UPSTF का बड़ा धमाका: रोहित शेट्टी के घर फायरिंग मामले में कुख्यात शुभम लोनकर गैंग का गुर्गा गिरफ्तार; आगरा से दबोचा गया प्रदीप शर्मा
लखनऊ/आगरा: उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (UPSTF) ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता का लोहा मनवाते हुए अंतरराष्ट्रीय अपराध जगत में हलचल मचा दी है। एसटीएफ ने प्रसिद्ध फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के निवास पर दहशत फैलाने और रंगदारी वसूलने के उद्देश्य से की गई फायरिंग की घटना में शामिल वांछित अपराधी प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू को गिरफ्तार करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। यह गिरफ्तारी आगरा जिले के बाह क्षेत्र से हुई है।
कुख्यात शुभम लोनकर गैंग से जुड़े हैं तार
पकड़ा गया अभियुक्त प्रदीप शर्मा, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय कुख्यात अपराधी शुभम लोनकर गैंग का सदस्य बताया जा रहा है। शुभम लोनकर गैंग पिछले कुछ समय से फिल्म जगत की बड़ी हस्तियों को निशाना बनाने और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को अपराध की ओर धकेलने के लिए चर्चा में रहा है। रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग की घटना ने न केवल मुंबई बल्कि पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे, जिसके बाद से ही यूपी और महाराष्ट्र पुलिस की टीमें सक्रिय थीं।
आगरा के बाह क्षेत्र से हुई गिरफ्तारी
एसटीएफ की टीम को सटीक सूचना मिली थी कि फायरिंग की घटना के बाद से फरार चल रहा प्रदीप शर्मा आगरा के बाह इलाके में छिपा हुआ है। एसटीएफ ने घेराबंदी कर महावीर नगर, बिजौली (थाना बाह) से उसे दबोच लिया।
- अभियुक्त का विवरण: प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू (23 वर्ष), पुत्र राधा मोहन शर्मा।
- निवासी: मोहल्ला महावीर नगर, पक्की तलैया, बिजौली, आगरा।
सोशल मीडिया और ‘बर्चस्व’ की सनक ने बनाया अपराधी
पूछताछ के दौरान प्रदीप शर्मा ने जो खुलासे किए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। उसने बताया कि वह शुभम लोनकर गैंग के फेसबुक और इंस्टाग्राम पोस्ट से काफी प्रभावित था। सोशल मीडिया पर गैंग की धमक और हथियारों के प्रदर्शन को देखकर उसने अपराध की दुनिया में अपना ‘वर्चस्व’ कायम करने की योजना बनाई।
प्रदीप ने स्वीकार किया कि उसके साथी शिवम दुबे (पुत्र अनिल दुबे, निवासी बाह, आगरा) ने उसे इस पूरी साजिश के बारे में बताया था। शिवम दुबे के कहने पर ही उसने फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग कर दहशत फैलाने की इस वारदात को अंजाम देने में सक्रिय भूमिका निभाई।
योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का असर
उत्तर प्रदेश की एसटीएफ जिस तरह से अंतरराष्ट्रीय गैंग्स के गुर्गों को एक-एक कर दबोच रही है, उससे साफ है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपराधियों की कमर तोड़ रही है। फिल्म जगत से जुड़े हाई-प्रोफाइल मामलों में यूपी एसटीएफ की यह कार्रवाई राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से शुभम लोनकर गैंग के नेटवर्क को ध्वस्त करने में बड़ी मदद मिलेगी।
इस घटना की विस्तृत टाइमलाइन और घटनाक्रम नीचे दिया गया है:
घटना का मुख्य विवरण:
- तारीख और समय: 1 फरवरी 2026, रात के करीब 12:45 से 1:00 बजे के बीच।
- स्थान: रोहित शेट्टी का निवास, शेट्टी टावर्स, जुहू, मुंबई।
- वारदात: अज्ञात हमलावरों ने उनकी नौ मंजिला इमारत की पहली मंजिल पर कम से कम 5 राउंड फायरिंग की थी।
- नुकसान: एक गोली इमारत के अंदर बने जिम के शीशे पर लगी थी। गनीमत रही कि इस हमले में कोई घायल नहीं हुआ।
साजिश और रेकी:
- एसटीएफ और मुंबई पुलिस की जांच में सामने आया कि शूटरों ने वारदात को अंजाम देने से पहले रोहित शेट्टी के घर की तीन बार रेकी (निरीक्षण) की थी।
- हमले की रात, हमलावरों ने पास ही में शराब का सेवन किया और फिर योजना के अनुसार गोलियां चलाईं।
- फायरिंग के बाद मुख्य शूटर प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू और उसके साथी एक ऑटो रिक्शा से कल्याण (ठाणे) भागे और वहां से ट्रेन पकड़कर उत्तर भारत (हरियाणा और यूपी) में छिप गए।
गैंग का कनेक्शन और मकसद:
- शुभम लोनकर गैंग: घटना के तुरंत बाद, लॉरेंस बिश्नोई गैंग के करीबी माने जाने वाले शुभम लोनकर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस हमले की जिम्मेदारी ली थी।
- मकसद: पुलिस के अनुसार, इस फायरिंग का मुख्य उद्देश्य रोहित शेट्टी से रंगदारी (Extortion) वसूलना और फिल्म जगत में अपनी दहशत व ‘वर्चस्व’ कायम करना था।
- गिरफ्तारी: इस मामले में अब तक प्रदीप शर्मा सहित कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन सभी पर मकोका (MCOCA) के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
