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सैन्य अनुशासन और लोक सेवा के संगम से अभिभूत हुआ उत्तराखंड: सचिवालय संघ के नवनिर्वाचित महासचिव का हुआ भव्य नागरिक अभिनंदन

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सैन्य अनुशासन और लोक सेवा के संगम से अभिभूत हुआ उत्तराखंड: सचिवालय संघ के नवनिर्वाचित महासचिव का हुआ भव्य नागरिक अभिनंदन

देहरादून, 25 मई 2026। सेना का अटूट अनुशासन और लोक सेवा का पावन संकल्प जब एक धरातल पर मिलते हैं, तो समाज में एक नई प्रेरणा का संचार होता है। कुछ ऐसा ही अभूतपूर्व और गौरवशाली दृश्य रविवार, 24 मई 2026 को राजधानी के प्रतिष्ठित ‘श्रेष्ठ वेडिंग पॉइंट’ में देखने को मिला। अवसर था—उत्तराखंड सचिवालय संघ के द्विवार्षिक चुनाव में नवनिर्वाचित महासचिव के नागरिक अभिनंदन और सैन्य सम्मान समारोह का। पूर्व सैनिक संगठन द्वारा आयोजित इस भव्य समारोह में सैन्य अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और सचिवालय कर्मियों का हुजूम उमड़ पड़ा, जिसने इस पल को इतिहास के पन्नों में दर्ज कर दिया।

​लेफ्टिनेंट जनरल डी. एस. राणा के हाथों मिला दोहरा सम्मान

​समारोह का मुख्य आकर्षण वह ऐतिहासिक क्षण रहा जब कर्नल ऑफ द रेजिमेंट, द गढ़वाल राइफल्स एवं गढ़वाल स्काउट्स तथा आर्मी कमांडर, लेफ्टिनेंट जनरल डी. एस. राणा (PVSM, AVSM, YSM, SM) के कर-कमलों से नवनिर्वाचित महासचिव को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। सैन्य परंपरा के सर्वोच्च मानकों के बीच मिला यह प्रशस्ति पत्र किसी पदक से कम नहीं था। एक तरफ सचिवालय संघ के चुनाव में ऐतिहासिक जीत और दूसरी तरफ देश के शीर्ष सैन्य नेतृत्व से मिला यह सम्मान—इस दोहरे गौरव ने कार्यक्रम में मौजूद हर व्यक्ति को गर्व से भर दिया। उपस्थित जनसमुदाय ने खड़े होकर करतल ध्वनि से इस अविस्मरणीय पल का स्वागत किया।

​दिग्गजों की उपस्थिति ने बढ़ाई समारोह की गरिमा

​समारोह में समाज, सेना और शासन के कई शीर्ष चेहरों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान करने के लिए सेनाध्यक्ष से प्राप्त प्रशस्ति पत्र से सम्मानित सूबेदार बिक्रम सिंह कंडारी पहुंचे। उनके साथ ही अजय पैन्यूली, वार्ड 83 के पार्षद बिंजोला और वार्ड 85 के पार्षद सोबत चंद रमोला ने शिरकत कर आयोजन की राजनीतिक और सामाजिक स्वीकार्यता को रेखांकित किया।

​इसके अलावा, कर्मचारी राजनीति और आंदोलनों के शीर्ष नेतृत्व ने भी नवनिर्वाचित महासचिव को अपनी शुभकामनाएं दीं। इनमें सचिवालय संघ के पूर्व अध्यक्ष सुनील लखेड़ा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश जोशी, पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन के अध्यक्ष जीतमणि पैन्यूली, उपाध्यक्ष संजय शर्मा और पूर्व कोषाध्यक्ष बची सिंह बिष्ट शामिल रहे। सचिवालय परिवार से समीक्षा अधिकारी धीरज कुमार अग्रवाल, वीरेंद्र रावत और मनोज भट्ट सहित सैकड़ों की संख्या में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी व समाजसेवी इस गौरवशाली पल के साक्षी बने।

​पूर्व सैनिकों का उमड़ा अपार स्नेह

​देश की रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले पूर्व सैनिकों ने कार्यक्रम की कमान संभाली। कर्नल जे पी अंथवाल, कैप्टन भंडारी, सूबेदार मेजर विनोद बड़ोनी और नायक सुरेश सकलानी सहित भारी संख्या में पहुंचे पूर्व सैन्य वीरों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का पारंपरिक और आत्मीय स्वागत किया। पूर्व सैनिकों ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था के शीर्ष पर ऐसे कर्मठ व्यक्तित्व का होना न केवल सचिवालय, बल्कि पूरे प्रदेश के विकास के लिए शुभ संकेत है।

​यह सम्मान मेरा नहीं, सहयोगियों के विश्वास का प्रतिफल है: महासचिव

​सम्मान से भावुक और अभिभूत नवनिर्वाचित महासचिव ने अपने संबोधन में सभी के प्रति विनम्रतापूर्वक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा:

​”यह सम्मान मेरी कोई व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है। यह मेरे उन तमाम साथियों, सहयोगियों और मार्गदर्शकों के अटूट विश्वास, कड़ी मेहनत और आशीर्वाद का प्रतिफल है, जो हर सुख-दुख में मेरे साथ चट्टान की तरह खड़े रहे। श्रेष्ठ वेडिंग पॉइंट में पूर्व सैनिक संगठन द्वारा आयोजित यह समारोह मेरे लिए केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि अपनों के निश्छल प्रेम और भरोसे का जीवंत प्रतीक है।”

 

​उन्होंने आगे संकल्प लेते हुए कहा कि सेना से मिले अनुशासन और सचिवालय के साथियों से मिले इस अपार स्नेह की लाज वे हमेशा रखेंगे। जीवन की इस सबसे अविस्मरणीय घड़ी में वे यह वचन देते हैं कि इस सम्मान के बदले वे जीवन भर पूरी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भावना से समाज और सचिवालय परिवार के हितों की रक्षा के लिए काम करते रहेंगे।

​समारोह का समापन राष्ट्रगान और भारत माता के जयकारों के साथ हुआ। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और पूर्व सैनिकों की इस साझा उपस्थिति ने इस दिन को न केवल यादगार बनाया, बल्कि उत्तराखंड की लोक सेवा में एक नए और ईमानदार अध्याय की शुरुआत का शंखनाद भी कर दिया।

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