धामी सरकार के 4 साल: UCC से लेकर रिकॉर्ड निवेश तक, कैसे बदला उत्तराखंड का चेहरा? जानें ‘विकास के धामी मॉडल’ की पूरी कहानी
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धामी सरकार के 4 साल: UCC से लेकर रिकॉर्ड निवेश तक, कैसे बदला उत्तराखंड का चेहरा? जानें ‘विकास के धामी मॉडल’ की पूरी कहानी
देहरादून: उत्तराखंड की राजनीति और विकास के इतिहास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाले पिछले चार साल ‘परिवर्तनकारी’ सिद्ध हुए हैं। ‘विकसित उत्तराखंड’ के संकल्प के साथ शुरू हुआ यह सफर अब धरातल पर बड़े बदलावों के रूप में नजर आने लगा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत @2047” के विजन को देवभूमि में उतारने के लिए धामी सरकार ने कड़े फैसले और बड़ी योजनाओं का जो मिश्रण तैयार किया है, उसे अब देश भर में ‘उत्तराखंड मॉडल’ के रूप में देखा जा रहा है।
ऐतिहासिक फैसले: जो बने देश के लिए नजीर
धामी सरकार के इन चार वर्षों की सबसे बड़ी पहचान उनके साहसिक निर्णय रहे हैं।
- समान नागरिक संहिता (UCC): उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जिसने UCC लागू कर ‘एक देश, एक कानून’ की दिशा में कदम बढ़ाया।
- कड़े कानून: राज्य में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून और सख्त भू-कानून लागू कर देवभूमि की सांस्कृतिक अस्मिता को सुरक्षित किया गया।
- नकल विरोधी कानून: देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून बनाकर धामी सरकार ने युवाओं का भरोसा जीता। इसका परिणाम यह रहा कि बीते 4 वर्षों में 32 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां मिलीं।
आर्थिक तरक्की: डेढ़ गुना बढ़ा राज्य का GSDP
आंकड़े बताते हैं कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था अब ‘उड़ान’ भर रही है।
- GSDP में उछाल: वर्ष 2021-22 की तुलना में 2024-25 में राज्य का GSDP ₹3.81 लाख करोड़ तक पहुँच गया है।
- प्रति व्यक्ति आय: उत्तराखंड में प्रति व्यक्ति आय बढ़कर ₹2.73 लाख हो गई है, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर स्थिति को दर्शाती है।
- गरीबी में कमी: मल्टी डायमेंशनल पॉवर्टी इंडेक्स में राज्य की गरीबी घटकर मात्र 6.92% रह गई है।
इन्वेस्टमेंट का हब बना देवभूमि
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के जरिए उत्तराखंड ने दुनिया भर के निवेशकों को आकर्षित किया। ₹3.56 लाख करोड़ के एमओयू (MoU) साइन हुए, जिनमें से ₹1 लाख करोड़ से अधिक का निवेश जमीन पर उतर चुका है। MSME क्षेत्र में 80 हजार नई इकाइयों के साथ लाखों रोजगार सृजित हुए हैं। साथ ही, स्टार्टअप इकोसिस्टम में उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर “लीडर” का दर्जा मिलना एक बड़ी उपलब्धि है।
पर्यटन और आस्था: 6 करोड़ सैलानियों का रिकॉर्ड
पर्यटन उत्तराखंड की रीढ़ है। वर्ष 2025 में रिकॉर्ड 6 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन हुआ।
- चारधाम और कांवड़ यात्रा: श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए।
- मास्टर प्लान: केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं।
- मानसखंड मंदिर माला मिशन: कुमाऊं के प्राचीन मंदिरों को भव्य रूप देकर पर्यटन को नई दिशा दी गई है।
महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य सेवा
धामी सरकार ने ‘आधी आबादी’ को पूरा हक देने का काम किया है।
- महिला आरक्षण: सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30% क्षैतिज आरक्षण सुनिश्चित किया गया।
- लखपति दीदी: इस योजना से 2.5 लाख से अधिक महिलाएं आर्थिक रूप से स्वतंत्र हुईं।
- अटल आयुष्मान योजना: 61 लाख कार्डधारकों को ₹3400 करोड़ का मुफ्त इलाज मिलना राज्य की मजबूत स्वास्थ्य नीति का प्रमाण है।
इंफ्रास्ट्रक्चर: बदल रही है कनेक्टिविटी
पहाड़ की दूरी अब कम हो रही है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड और हेली सेवाओं के विस्तार ने दुर्गम क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ दिया है। “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के जरिए स्थानीय उत्पादों (मिलेट्स, कीवी, ड्रैगन फ्रूट) को अब ग्लोबल मार्केट मिल रहा है।
मुख्यमंत्री का संकल्प: “हमारा लक्ष्य केवल विकास नहीं, बल्कि संतुलित और समग्र विकास है। मोदी जी के मार्गदर्शन में हम उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।” — पुष्कर सिंह धामी
