धामी सरकार का बड़ा फैसला: उत्तराखंड में जर्जर सरकारी आवासों का होगा कायाकल्प, रेसकोर्स में बनेंगे 41 नए आधुनिक क्वार्टर
1 min read


धामी सरकार का बड़ा फैसला: उत्तराखंड में जर्जर सरकारी आवासों का होगा कायाकल्प, रेसकोर्स में बनेंगे 41 नए आधुनिक क्वार्टर
देहरादून | 29 मार्च 2026 उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने राज्य के सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाओं को विश्वस्तरीय और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री धामी और मुख्य सचिव आनंद बर्धन के दिशा-निर्देशों के बाद, राज्य संपत्ति विभाग ने प्रदेश भर में जर्जर हो चुके सरकारी आवासों के पुनर्निर्माण और खाली पड़ी सरकारी भूमि पर नए आवासीय परिसरों के निर्माण की योजना को रफ्तार दे दी है।
कर्मचारियों के कार्य परिवेश में सुधार का लक्ष्य
राज्य सरकार का मानना है कि यदि कर्मचारियों को सुरक्षित और आधुनिक आवास मिलेंगे, तो उनकी कार्यक्षमता (Efficiency) में वृद्धि होगी। वर्तमान में कई जिलों में सरकारी आवास दशकों पुराने और जर्जर स्थिति में हैं। सरकार अब चरणबद्ध तरीके से इन आवासों की पहचान कर रही है। जिन भवनों की स्थिति मरम्मत के लायक नहीं है, उन्हें ध्वस्त कर उनकी जगह आधुनिक मल्टीस्टोरी क्वार्टर बनाए जाएंगे।
देहरादून के रेसकोर्स में होगा भव्य निर्माण
इस योजना के तहत राजधानी देहरादून के ओल्ड ऑफिसर्स कॉलोनी, रेसकोर्स क्षेत्र के लिए विशेष खाका तैयार किया गया है। राज्य संपत्ति विभाग की उच्चस्तरीय समिति ने यहाँ दो बड़ी परियोजनाओं को हरी झंडी दी है:श्रेणी-2 के 31 आवास: पुराने भवनों के ध्वस्तीकरण के बाद खाली हुई भूमि पर लगभग 1458.56 लाख रुपये की लागत से 31 नए आवास बनाए जाएंगे।श्रेणी-4 के 10 आवास: इसी परिसर की अन्य उपलब्ध भूमि पर 743.95 लाख रुपये की अनुमानित लागत से श्रेणी-4 के 10 नए आवासों का निर्माण होगा।
सिंचाई विभाग के परियोजना खंड द्वारा इन दोनों प्रोजेक्ट्स का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार कर लिया गया है, जिसे समिति ने अपनी स्वीकृति दे दी है।
निगरानी के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन
योजनाओं के पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए एक उच्चस्तरीय मॉनिटरिंग समिति बनाई गई है। यह समिति प्रदेश भर में उपलब्ध विभागीय भूमि और जर्जर भवनों का त्वरित सर्वेक्षण कर शासन को रिपोर्ट सौंपेगी। कार्यदायी संस्थाओं को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों से कोई समझौता न किया जाए और सभी प्रोजेक्ट तय समय सीमा के भीतर पूरे हों।
क्या बोले आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार?
राज्य संपत्ति विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने इस पहल पर विस्तृत जानकारी देते हुए कहा: कि“मुख्यमंत्री जी के विजन के अनुरूप हमारा लक्ष्य सरकारी आवासीय ढांचे को पूरी तरह आधुनिक बनाना है। हम उन सभी आवासों की पहचान कर रहे हैं जो जर्जर हो चुके हैं। कर्मचारियों को कार्यस्थल के निकट सुरक्षित और सुविधाजनक घर देना हमारी प्राथमिकता है। गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए हमने नियमित निरीक्षण की व्यवस्था भी की है।”
निष्कर्ष: प्रशासनिक ढांचे को मिलेगी मजबूती
सरकार की इस पहल से न केवल देहरादून बल्कि पूरे उत्तराखंड में सरकारी आवासीय संपत्तियों का व्यवस्थित रखरखाव सुनिश्चित होगा। नए आवासों में आधुनिक सुख-सुविधाओं का समावेश किया जाएगा, जिससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और प्रशासनिक कार्यों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।
