South Asia 24×7 का मतलब पक्की खबर, देश और जहान की ताजातरीन खबरें,पत्रकारिता की नई आधारशिला, निष्पक्षता और पारदर्शिता अब, South Asia 24×7 पर खबर ग्राउंड जीरो से, मंझे हुए संवाददाताओं के साथ,हर जन मुद्दे पर, सीधा सवाल सरकार से ,सिर्फ South Asia 24 ×7 पर,पत्रकारिता की मजबूती के लिए जुड़िए हमारे साथ, South Asia 24×7 के यूट्यूब चैनल,फेसबुक और ट्विटर पर क्योंकि हम करते है बात मुद्दे की

South Asia24x7

Hindi News, Breaking News in Hindi, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi,South Asia24x7

UPPSC PCS 2024 Result Out: यूपी पीसीएस का रिजल्ट जारी, नेहा पांचाल बनीं टॉपर; टॉप 10 में 6 बेटियों का दबदबा

1 min read

UPPSC PCS 2024 Result Out: यूपी पीसीएस का रिजल्ट जारी, नेहा पांचाल बनीं टॉपर; टॉप 10 में 6 बेटियों का दबदबा

लखनऊ | 30 मार्च 2026

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने सोमवार को सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (PCS) परीक्षा 2024 का अंतिम चयन परिणाम घोषित कर दिया है। इस बार के नतीजों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उत्तर प्रदेश की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। परीक्षा में नेहा पांचाल ने प्रदेश भर में प्रथम स्थान प्राप्त कर टॉप किया है। सबसे खास बात यह है कि टॉप-10 की सूची में 6 महिला अभ्यर्थियों ने अपनी जगह बनाकर महिला सशक्तिकरण की नई इबारत लिखी है।

यूपी पीसीएस 2024 की परीक्षा में नेहा पांचाल ने टॉप किया,

दूसरे स्थान पर अनन्या त्रिवेदी,

तीसरे स्थान पर अभय प्रताप सिंह,

चौथे स्थान पर अनामिका मिश्रा,

पांचवें स्थान पर नेहा सिंह,

छठवें स्थान पर दीप्ति वर्मा,

सातवें स्थान पर पूजा तिवारी,

आठवें नंबर पर अनुराग पाण्डेय,

नवें स्थान पर शुभम सिंह

दसवें स्थान पर आयुष पाण्डेय।

947 पदों के सापेक्ष 932 अभ्यर्थी सफल

​आयोग द्वारा जारी सूचना के अनुसार, कुल 947 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया आयोजित की गई थी, जिसमें से 932 अभ्यर्थियों को अंतिम रूप से सफल घोषित किया गया है। उपयुक्त अभ्यर्थी न मिलने के कारण 15 पद रिक्त रह गए हैं। बता दें कि इस परीक्षा के साक्षात्कार (Interview) चरण में कुल 2,719 अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिनमें से मेधावियों का चयन उनके मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू के अंकों के आधार पर किया गया है।

पदों का विवरण: किसे क्या मिला?

​यूपी पीसीएस 2024 के जरिए प्रदेश को नई ऊर्जा वाले प्रशासनिक अधिकारी मिले हैं। चयनित 932 अभ्यर्थियों में से महत्वपूर्ण पदों का विवरण इस प्रकार है:​SDM (उपजिलाधिकारी): 37 अभ्यर्थी ​DSP (पुलिस उपाधीक्षक): 17 अभ्यर्थीअसिस्टेंट कमिश्नर (कॉमर्शियल टैक्स): 196 अभ्यर्थी ​ARTO: 16 अभ्यर्थी​ट्रेजरी ऑफिसर: 22 अभ्यर्थी ​इसके अलावा खंड विकास अधिकारी (BDO), नायब तहसीलदार और अन्य राजपत्रित पदों पर भी नियुक्तियां की गई हैं।

बेटियों ने फिर गाड़े सफलता के झंडे

​नतीजों के विश्लेषण से साफ है कि इस बार भी लड़कियों का प्रदर्शन लड़कों की तुलना में काफी बेहतर रहा है। टॉप-10 में 6 लड़कियों का होना यह दर्शाता है कि प्रशासनिक सेवाओं की ओर प्रदेश की बेटियों का रुझान और उनकी तैयारी का स्तर बेहद ऊंचा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा है कि पारदर्शी चयन प्रक्रिया से प्रदेश को योग्य अधिकारी मिल रहे हैं।

UPSC की तर्ज पर कठिन परीक्षा प्रणाली

​गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पिछले कुछ वर्षों में अपने परीक्षा पैटर्न को काफी हद तक UPSC (संघ लोक सेवा आयोग) के समकक्ष बना दिया है। यही कारण है कि अब यूपी पीसीएस निकालने वाले अभ्यर्थी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में भी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद अब सफल अभ्यर्थियों की ट्रेनिंग प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी।

PCS 2025 की तैयारी भी तेज

​जहाँ एक ओर 2024 के सफल अभ्यर्थियों के घरों में जश्न का माहौल है, वहीं आयोग PCS 2025 की प्रक्रिया को भी तेजी से आगे बढ़ा रहा है। हाल ही में पीसीएस 2025 की मुख्य परीक्षा का आयोजन संपन्न हुआ है। युवाओं के लिए उत्तर प्रदेश शासन में राजपत्रित अधिकारी के रूप में सेवा देने का यह सबसे बड़ा और स्वर्णिम अवसर माना जाता है।

प्रारंभिक परीक्षा (प्रिलिम्स)

​यह परीक्षा का पहला चरण है, जिसमें दो अनिवार्य वस्तुनिष्ठ (MCQs) प्रश्नपत्र होते हैं। पहला प्रश्नपत्र ‘सामान्य अध्ययन-1’ का होता है, जिसमें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की वर्तमान घटनाएं (करंट अफेयर्स), भारत का इतिहास, भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन, भारत एवं विश्व का भूगोल, भारतीय राजनीति, शासन व्यवस्था, आर्थिक एवं सामाजिक विकास, पर्यावरण और सामान्य विज्ञान जैसे विषय शामिल हैं। दूसरा प्रश्नपत्र ‘सीसैट’ (CSAT) का होता है, जिसमें कॉम्प्रिहेंशन, पारस्परिक कौशल, तार्किक क्षमता, निर्णय लेने की क्षमता, सामान्य मानसिक योग्यता और हाईस्कूल स्तर की प्रारंभिक गणित, अंग्रेजी व हिंदी पूछी जाती है। ध्यान रहे कि मेरिट पहले पेपर से बनती है, जबकि दूसरा पेपर केवल 33% अंकों के साथ पास करना अनिवार्य है।

2. मुख्य परीक्षा (मेंस)

​मुख्य परीक्षा पूरी तरह से वर्णनात्मक (लिखित) होती है, जिसमें कुल आठ अनिवार्य प्रश्नपत्र होते हैं। पहले दो पेपर भाषा और लेखन कौशल के हैं, जिनमें ‘सामान्य हिंदी’ (150 अंक) और ‘निबंध’ (150 अंक) शामिल हैं। इसके बाद सामान्य अध्ययन के छह प्रश्नपत्र (प्रत्येक 200 अंक) होते हैं। सामान्य अध्ययन-1 में भारतीय संस्कृति, आधुनिक इतिहास, विश्व का भूगोल और समाज जैसे विषय हैं। सामान्य अध्ययन-2 में भारतीय संविधान, शासन प्रणाली, राजनीति, सामाजिक न्याय और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों पर ध्यान दिया जाता है। सामान्य अध्ययन-3 में भारतीय अर्थव्यवस्था, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन शामिल हैं। सामान्य अध्ययन-4 पूरी तरह से ‘नीतिशास्त्र’ (Ethics), सत्यनिष्ठा और मानवीय अभिवृत्ति पर आधारित है।

3. उत्तर प्रदेश विशेष और साक्षात्कार

​हाल के बदलावों के बाद वैकल्पिक विषयों को हटाकर दो नए पेपर जोड़े गए हैं। सामान्य अध्ययन-5 और सामान्य अध्ययन-6 पूरी तरह से ‘उत्तर प्रदेश विशेष’ पर आधारित हैं। इसमें उत्तर प्रदेश का इतिहास, संस्कृति, राजनीति, सुरक्षा व्यवस्था, अर्थव्यवस्था, भूगोल, कृषि, सामाजिक मुद्दे और राज्य सरकार की विशिष्ट योजनाओं का विस्तृत अध्ययन करना होता है। मुख्य परीक्षा के सफल अभ्यर्थियों को अंत में 100 अंकों के ‘साक्षात्कार’ (व्यक्तित्व परीक्षण) के लिए बुलाया जाता है। अंतिम चयन मुख्य परीक्षा के 1500 अंक और साक्षात्कार के 100 अंकों को मिलाकर कुल 1600 अंकों की मेरिट के आधार पर किया जाता है।

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा घोषित पीसीएस 2024 के परिणामों में बेटियों ने सफलता का जो परचम लहराया है, उसमें नेहा पांचाल और अनन्या द्विवेदी की उपलब्धियां पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन गई हैं। मेरिट सूची में प्रथम स्थान पर कब्जा जमाकर नेहा पांचाल ने जहां अपनी मेधा का लोहा मनवाया, वहीं रायबरेली के आनंद नगर की रहने वाली अनन्या द्विवेदी ने प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त कर अपने परिवार और जिले का नाम रोशन किया है। अनन्या की इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे एक सामान्य मध्यमवर्गीय परिवार का अटूट संघर्ष छिपा है। उनके पिता सुशील कुमार त्रिवेदी एक जनरल स्टोर चलाते हैं, जबकि मां रेखा रानी बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षिका हैं। अनन्या अपनी इस स्वर्णिम सफलता का मुख्य श्रेय अपनी मां के कठिन परिश्रम और त्याग को देती हैं, जिन्होंने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया।

​अनन्या का शैक्षणिक सफर बेहद मजबूत रहा है, जिसकी नींव उन्होंने रायबरेली से ही रखी और साल 2019 में प्रतिष्ठित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से समाजशास्त्र में स्नातक की डिग्री हासिल की। अपनी इस उपलब्धि के पीछे उन्होंने परिवार के साथ-साथ अपने मामा और कानपुर देहात के एडिशनल एसपी राजेश कुमार पांडेय के मार्गदर्शन को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है। अनन्या और नेहा जैसी बेटियों की यह सफलता दर्शाती है कि यदि सही दिशा और परिवार का समर्थन मिले, तो छोटे शहरों की प्रतिभाएं भी प्रशासनिक सेवा के शीर्ष पायदान पर पहुंच सकती हैं। इन दोनों मेधावियों ने न केवल पीसीएस परीक्षा में बाजी मारी है, बल्कि टॉप-10 में शामिल अन्य चार लड़कियों के साथ मिलकर प्रदेश की नारी शक्ति को एक नई पहचान दी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!