ब्राह्मण रक्षा दल ने निकाली भव्य परशुराम शोभा यात्रा: भक्ति और हुंकार का संगम
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ब्राह्मण रक्षा दल ने निकाली भव्य परशुराम शोभा यात्रा: भक्ति और हुंकार का संगम
अकील अहमद कासिमाबाद, गाज़ीपुर। जनपद के कासिमाबाद क्षेत्र में रविवार को उस समय भक्ति और उत्साह का सैलाब उमड़ पड़ा, जब ब्राह्मण रक्षा दल के तत्वावधान में भगवान परशुराम की भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। धरवार कला से शुरू होकर कासिमाबाद ब्लॉक तक जाने वाली इस यात्रा में भारी संख्या में विप्र बंधुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और भगवान परशुराम के जयघोष से पूरे क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया।
भव्य शुभारंभ और भक्तिमय यात्रा
शोभा यात्रा का विधिवत शुभारंभ धरवार कला से हुआ, जहाँ ब्राह्मण रक्षा दल के संरक्षक राकेश तिवारी ने पवित्र ध्वज दिखाकर और हरी झंडी देकर यात्रा को रवाना किया। इस दौरान पारंपरिक वेशभूषा—पीतांबर और तिलक धारण किए युवाओं का जोश देखते ही बन रहा था। झांकी में भगवान परशुराम के जीवन प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया, जो आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। मार्ग में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक और भक्तिमय हो गया।
सुरक्षा और अनुशासन
हजारों की संख्या में उमड़ी भीड़ और संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा, जिसकी निगरानी में यात्रा अनुशासित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। विप्र बंधुओं ने भी अनुशासन का परिचय देते हुए जय श्री राम और भगवान परशुराम के नारों के साथ आगे प्रस्थान किया।
ब्लॉक सभागार में विचार गोष्ठी
शोभा यात्रा का समापन कासिमाबाद ब्लॉक सभागार में हुआ, जहाँ एक विशाल सभा का आयोजन किया गया। यहाँ वक्ताओं ने भगवान परशुराम के शस्त्र और शास्त्र के समन्वय पर विस्तार से चर्चा की।न्याय के प्रतीक परशुराम: मुख्य वक्ता बाल कृष्ण त्रिवेदी ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान परशुराम केवल एक योद्धा नहीं थे, बल्कि वे अन्याय के विरुद्ध न्याय और धर्म की स्थापना के शाश्वत प्रतीक थे। उन्होंने समाज को शिक्षित और संगठित होने पर जोर दिया ताकि परशुराम के आदर्शों पर चलकर समानता स्थापित की जा सके।राजनीतिक चेतना की हुंकार: सभा के दौरान तीखे स्वर भी सुनाई दिए। पंकज दुबे ने अपने संबोधन में वर्तमान सत्ता तंत्र पर निशाना साधते हुए उसे ‘ब्राह्मण विरोधी’ करार दिया। उन्होंने समाज का आह्वान करते हुए कहा कि अपने अधिकारों की रक्षा के लिए अब विप्र समाज को संघर्ष के लिए तैयार रहना होगा।
प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति
इस भव्य आयोजन में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मुख्य रूप से निम्नलिखित लोग उपस्थित रहे:संरक्षक: राकेश तिवारीप्रमुख सदस्य: जेपी पाण्डेय, निमेष पाण्डेय, अवनीश पाण्डेय, संजय पाण्डेय, सोनू दुबे, जितेंद्र मिश्रा।महिला प्रतिनिधि: रितिका द्विवेदी।अन्य गणमान्य: पीयूष, हरिप्रसाद, अनुज, राजेश मिश्रा, हीरामणि चौहान, रुस्तम अली।
कार्यक्रम का सफल संचालन विमलेश तिवारी ने किया। कार्यक्रम के अंत में ब्राह्मण रक्षा दल के संयोजक प्रेम मिश्रा ने सभी आगंतुकों, पुलिस प्रशासन और सहयोगियों का हृदय से आभार व्यक्त किया।
यह शोभा यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रदर्शन थी, बल्कि इसने कासिमाबाद में ब्राह्मण समाज की एकता और उनकी वैचारिक मुखरता को भी एक नया आयाम दिया है। समाज के प्रबुद्ध वर्ग ने इस आयोजन के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया कि वे अपनी विरासत के संरक्षण और अपने अधिकारों के प्रति पूरी तरह सजग हैं।
