AIIMS Rishikesh 6th Convocation: उप-राष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन करेंगे शिरकत, 386 मेधावियों को मिलेगी Degree और Medal
1 min read


AIIMS Rishikesh 6th Convocation: उप-राष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन करेंगे शिरकत, 386 मेधावियों को मिलेगी Degree और Medal
ऋषिकेश: देवभूमि के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), ऋषिकेश में आगामी 23 अप्रैल, गुरुवार को 6th Convocation Ceremony का भव्य आयोजन होने जा रहा है। इस समारोह में चिकित्सा जगत के भविष्य कहे जाने वाले 386 छात्र-छात्राओं को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए डिग्रियाँ प्रदान की जाएंगी। कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने के लिए देश की कई विशिष्ट हस्तियाँ ऋषिकेश पहुँच रही हैं।
विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर डॉ. मीनू सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि भारत के माननीय उप-राष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन समारोह के मुख्य अतिथि (Chief Guest) होंगे। उनके साथ उत्तराखंड के माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) और प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। साथ ही, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ‘Guest of Honour’ के रूप में मेधावियों का उत्साहवर्धन करेंगी।
मेधावियों का सम्मान: Gold Medal की गूँज
इस दीक्षांत समारोह में एमबीबीएस (2019 बैच), बी.एससी. नर्सिंग, एमडी/एमएस, एमपीएच और पीएचडी सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों के कुल 386 विद्यार्थियों को उपाधियाँ दी जाएंगी। शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए कुल 23 मेडल वितरित किए जाएंगे, जिनमें 13 स्वर्ण (Gold), 5 रजत (Silver) और 5 कांस्य (Bronze) पदक शामिल हैं।
Academic Stars:
डॉ. देवांग अग्रवाल (MBBS): 7 मेडल के साथ इस साल के सबसे सफल छात्र रहे। उन्हें 7 ‘Certificate of Honour’ और 1 ‘Certificate of Excellence’ से भी नवाजा जाएगा।डॉ. रश्मीत कौर: 2 पदक हासिल कर दूसरे स्थान पर रहीं। उन्हें भी कई प्रशंसा प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।कुल मिलाकर 21 ‘Certificate of Excellence’ और 13 ‘Certificate of Honour’ वितरित किए जाएंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं में AIIMS ऋषिकेश का बढ़ता दबदबा
प्रो. मीनू सिंह ने संस्थान की यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एम्स ऋषिकेश अब केवल एक अस्पताल नहीं, बल्कि Education और Research का एक ग्लोबल हब बन चुका है। वर्तमान में 49 विभागों के माध्यम से संस्थान सुपर-स्पेशियलिटी सेवाएँ दे रहा है।
Innovation और आधुनिक पहल:
संस्थान ने दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों के लिए Telemedicine, Digital Health, और Artificial Intelligence का प्रभावी उपयोग शुरू किया है। विशेष रूप से Aeromedical Services और HEMS (Helicopter Emergency Medical Services) जैसी पहलें उत्तराखंड जैसे भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण राज्य के लिए जीवन रक्षक साबित हो रही हैं।
रिकॉर्ड ऑपरेशन्स और जनसेवा
आंकड़ों पर गौर करें तो संस्थान ने अब तक 1.5 लाख से अधिक सर्जरियाँ और 7,000 से अधिक नवजात शिशुओं का सफल उपचार किया है। हजारों टेलीमेडिसिन परामर्शों के माध्यम से एम्स ने दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों का विश्वास जीता है।
डीन एकेडमिक प्रो. डॉ. सौरभ वार्ष्णेय ने बताया कि यह समारोह न केवल एक डिग्री वितरण कार्यक्रम है, बल्कि यह देश को ‘Compassionate and Ethical’ स्वास्थ्य पेशेवर सौंपने की एम्स की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। संस्थान का लक्ष्य भविष्य में Medical Technology और Patient Care के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करना है।
