ISC Board Result: देहरादून के हर्षित अरोड़ा ने लहराया परचम, 95% अंक पाकर बढ़ाया मान; मां. मोनिका ने दिए सफलता के मंत्र
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ISC Board Result: देहरादून के हर्षित अरोड़ा ने लहराया परचम, 95% अंक पाकर बढ़ाया मान; मां. मोनिका ने दिए सफलता के मंत्र
देहरादून। काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISCE) ने आईएससी (12वीं) बोर्ड के परिणाम घोषित कर दिए हैं। परिणाम जारी होते ही राजधानी देहरादून के स्कूलों में जश्न का माहौल है। इस कड़ी में शहर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान सेंट जोसेफ एकेडमी के छात्र हर्षित अरोड़ा ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए 95 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। हर्षित की इस शानदार उपलब्धि से उनके परिवार और विद्यालय में खुशी की लहर है।
कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन का परिणाम
12वीं (सेक्शन-बी) के छात्र हर्षित अरोड़ा ने अपनी सफलता का श्रेय निरंतर मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया है। परीक्षा परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए हर्षित ने कहा कि यह मुकाम हासिल करना उनके लिए एक सपना सच होने जैसा है। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के दौरान उन्होंने कभी भी घंटों की गिनती नहीं की, बल्कि ‘क्वालिटी स्टडी’ पर ध्यान केंद्रित किया।
हर्षित ने अपनी सफलता के पीछे अपने अभिभावकों और शिक्षकों के अटूट सहयोग को सबसे महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा: कि माता ने हर कदम पर मेरा उत्साहवर्धन किया और शिक्षकों ने कठिन विषयों को भी सरल बनाकर समझाया। बेहतर ढंग से की गई तैयारी और फोकस्ड एप्रोच के चलते ही आज मेरा रिजल्ट इतना बेहतर आया है।”
हर्षित ने बताया कि वह भविष्य में उच्च शिक्षा हासिल कर एक शानदार करियर बनाने की दिशा में काम करेंगे। उन्होंने अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए अभी से लक्ष्य निर्धारित कर लिए हैं और वह पूरी लगन के साथ आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए उत्साहित हैं।
तकनीक के दौर में ‘फोकस’ है सबसे बड़ा हथियार: डॉ. मोनिका

हर्षित की इस उपलब्धि पर उनकी माता. मोनिका ने अपार खुशी जताई। उन्होंने अपने बेटे के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए अन्य छात्र-छात्राओं के लिए भी महत्वपूर्ण संदेश दिया। डॉ. मोनिका ने कहा कि आज का दौर सूचना और संचार तकनीक (ICT) का दौर है, जहाँ हर जानकारी उंगलियों पर उपलब्ध है, लेकिन असली चुनौती ध्यान भटकने से रोकने की है।
उन्होंने सफलता के सूत्र साझा करते हुए कहा:लक्ष्य पर ध्यान: सफलता के लिए जरूरी है कि बच्चे अपने लक्ष्य को लेकर ‘फोकस्ड’ रहें।तकनीक का सही उपयोग: आज के समय में पढ़ाई के लिए तकनीक कई सुविधाएं दे रही है, लेकिन इसका उपयोग सही दिशा में होना चाहिए।अभिभावकों की भूमिका: बच्चों के साथ मिलकर उनके तनाव को कम करना और उन्हें प्रेरित करना ही अभिभावकों की असली जीत है।
डॉ. मोनिका ने कहा कि हर्षित ने जिस तरह से अपनी पढ़ाई और अन्य गतिविधियों के बीच संतुलन बनाया, वह काबिले तारीफ है। उन्हें पूरा विश्वास है कि हर्षित आगे चलकर समाज और देश के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान देगा।
शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन में हर्ष का माहौल
सेंट जोसेफ एकेडमी के शिक्षकों ने भी हर्षित की सफलता पर बधाई देते हुए उसे एक मेधावी और अनुशासित छात्र बताया। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि राजधानी देहरादून हमेशा से ही शिक्षा का केंद्र रही है और यहाँ के छात्र हर साल बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर शहर का नाम रोशन करते रहे हैं।
भविष्य की योजनाएं
हर्षित अरोड़ा ने अपनी भविष्य की योजनाओं के बारे में साझा किया कि वह अब उच्च शिक्षा के लिए बेहतरीन संस्थानों में प्रवेश की तैयारी कर रहे हैं। उनका मानना है कि यदि नींव मजबूत हो, तो करियर की इमारत भी शानदार बनती है। 12वीं के इस रिजल्ट ने उन्हें आगे की चुनौतियों के लिए और अधिक आत्मविश्वास प्रदान किया है।
राजधानी देहरादून के विभिन्न स्कूलों से आ रहे परिणाम यह दर्शाते हैं कि यहाँ के छात्रों में प्रतिस्पर्धा और बेहतर करने का जज्बा कूट-कूट कर भरा है। हर्षित जैसे मेधावी छात्र निश्चित रूप से आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगे।
