देहरादून में 17 साल बाद पुलिस एनकाउंटर में एक बदमाश ढेर, थाना प्रभारी को लगी गोली कांबिंग जारी
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देहरादून में 17 साल बाद पुलिस एनकाउंटर में एक बदमाश ढेर, थाना प्रभारी को लगी गोली कांबिंग जारी
देहरादून। राजधानी देहरादून के प्रेमनगर में बुधवार रात हुई पुलिस और बदमाशों की मुठभेड़ ने 17 साल पुराने जख्म और यादें ताजा कर दी हैं। यह राजधानी में वर्ष 2009 के बहुचर्चित रणवीर एनकाउंटर के बाद पहली ऐसी बड़ी मुठभेड़ है, जिसमें पुलिस की गोली से कोई बदमाश मारा गया है। इस सनसनीखेज वारदात ने न केवल कानून-व्यवस्था को लेकर हड़कंप मचा दिया है, बल्कि दून पुलिस के सख्त तेवरों का भी अहसास करा दिया है।
वारदात: लूट के बाद पीड़ित को मारी गोली
घटना की शुरुआत 29 और 30 अप्रैल की मध्य रात्रि को हुई। प्रेमनगर थाना क्षेत्र में काली रंग की गुजरात नंबर की कार में सवार बदमाशों ने ‘देवराज’ नामक व्यक्ति को अपना निशाना बनाया। बदमाशों ने तमंचे की नोक पर देवराज से उसका नीले रंग का बैग छीन लिया, जिसमें 2 लाख रुपये नगद, मोबाइल और जरूरी दस्तावेज थे। विरोध करने पर बेखौफ बदमाशों ने देवराज को गोली मार दी और ‘विश्रांति’ के जंगलों की तरफ फरार हो गए।
मुठभेड़: जंगल में पुलिस और बदमाशों के बीच खूनी संघर्ष
सूचना मिलते ही प्रेमनगर थाना प्रभारी नरेश राठौर फोर्स के साथ मौके पर पहुँचे। उन्होंने घायल पीड़ित को साथ लेकर बदमाशों का पीछा शुरू किया। जंगल के पास पुलिस ने बदमाशों को घेर लिया, जिसके बाद बदमाशों ने पुलिस पार्टी पर सीधा फायर झोंक दिया। इस साहसी मुकाबले में बदमाशों की एक गोली प्रभारी निरीक्षक नरेश राठौर को जा लगी।
जवाबी कार्रवाई और आत्मरक्षा में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जिसमें एक बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गया। अंधेरे का फायदा उठाकर उसके दो साथी जंगल में गायब हो गए। अस्पताल ले जाने के दौरान घायल बदमाश की मृत्यु हो गई।
17 साल बाद दून में ‘एनकाउंटर’ की गूँज
देहरादून के अपराध इतिहास में यह मुठभेड़ बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 3 जुलाई 2009 को रायपुर क्षेत्र में हुए चर्चित ‘रणवीर एनकाउंटर’ के बाद पुलिस और बदमाशों के बीच इस तरह की यह पहली बड़ी मुठभेड़ है जिसमें अपराधी ढेर हुआ है। लगभग 17 सालों तक राजधानी में इस तरह की सीधी मुठभेड़ की घटना सामने नहीं आई थी। इस एनकाउंटर ने एक बार फिर चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है कि क्या दून में फिर से बाहरी राज्यों के अपराधी सक्रिय हो रहे हैं?
एसएसपी का बयान और गैंग की तलाश
एसएसपी देहरादून ने अस्पताल पहुँचकर घायल थाना प्रभारी का हाल जाना और ऑपरेशन की जानकारी ली। एसएसपी ने बताया:“बदमाश गुजरात नंबर की गाड़ी का इस्तेमाल कर रहे थे। एक बदमाश मुठभेड़ में मारा गया है। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। जल्द ही इस बात का खुलासा होगा कि यह बदमाश किस बड़े गैंग से जुड़े थे और इनका उद्देश्य क्या था।”
हाई अलर्ट और सर्च ऑपरेशन
फिलहाल, फरार दो बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए पूरे जनपद में ‘रेड अलर्ट’ जारी कर दिया गया है। जिले के सभी बॉर्डरों पर नाकाबंदी कर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस की कई टीमें जंगलों में कॉम्बिंग कर रही हैं ताकि फरार अपराधियों को दबोचा जा सके।
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