देहरादून: प्रेमनगर में पुलिस मुठभेड़, 50 हजारी इनामी बदमाश अकरम ढेर; थानेदार घायल
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देहरादून: प्रेमनगर में पुलिस मुठभेड़, 50 हजारी इनामी बदमाश अकरम ढेर; थानेदार घायल
देहरादून। राजधानी के थाना प्रेमनगर क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी और कुख्यात अपराधी अकरम मारा गया है। इस जवाबी कार्रवाई में प्रेमनगर थाना प्रभारी निरीक्षक भी गोली लगने से घायल हुए हैं। मारे गए बदमाश पर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में हत्या, लूट और डकैती जैसे एक दर्जन से अधिक संगीन मामले दर्ज थे। वह साल 2014 के चर्चित अंकित हत्याकांड का मुख्य अभियुक्त भी था।
घटना का घटनाक्रम: ठेकेदार से लूट और फायरिंग
पुलिस प्रेस नोट के अनुसार, घटना की शुरुआत 29-30 अप्रैल 2026 की रात को हुई। कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना मिली कि पौंधा रोड पर कुछ अज्ञात बदमाशों ने ठेकेदार देवराज को गोली मारकर उनसे 2 लाख रुपये, मोबाइल और जरूरी दस्तावेज लूट लिए हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी प्रेमनगर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
घायल ठेकेदार ने बताया कि गुजरात नंबर की काले रंग की कार में सवार बदमाशों ने उनकी स्कूटी के आगे अपनी गाड़ी लगाकर उन्हें गोली मारी और बैग छीनकर फरार हो गए। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी शुरू की और जंगल के रास्ते भाग रही संदिग्ध कार का पीछा किया।
जंगल में मुठभेड़ और जवाबी फायरिंग
पुलिस टीम ने जब बदमाशों को घेरा, तो उन्होंने खुद को फंसता देख पुलिस पर जानलेवा हमला कर दिया। बदमाशों की ओर से की गई फायरिंग में थाना प्रभारी प्रेमनगर के हाथ में गोली लग गई, जिससे वे घायल हो गए। आत्मरक्षा में पुलिस टीम ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसके अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भागने में सफल रहे।
घायल बदमाश और थाना प्रभारी को तत्काल प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया। उपचार के दौरान कोरोनेशन अस्पताल में घायल बदमाश की मृत्यु हो गई।
अपराधी का काला इतिहास: अकरम पुत्र मासूम अली
मृतक बदमाश की पहचान अकरम पुत्र मासूम अली, निवासी ग्राम बूंटा, शामली (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। अकरम का आपराधिक इतिहास दहला देने वाला है:अंकित हत्याकांड (2014): अकरम साल 2014 में देहरादून के बालावाला क्षेत्र में हुई डकैती और अंकित नामक युवक की हत्या का मुख्य आरोपी था। इस घटना के बाद वह 3 साल तक फरार रहा और उस पर 50 हजार का इनाम घोषित किया गया था।संगीन अपराध: अकरम पर नेहरू कॉलोनी, रायपुर, पटेलनगर, क्लेमेंटटाउन (देहरादून) के साथ-साथ शामली और सहारनपुर (यूपी) में हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, डकैती और पोक्सो एक्ट जैसे कुल 14 मुकदमे दर्ज थे।हालिया सक्रियता: वह वर्ष 2024 और 2025 में भी चोरी की घटनाओं में जेल जा चुका था। हाल ही में वह कोर्ट की तारीख पर देहरादून आया था और अपने साथियों के साथ मिलकर लूट की योजना को अंजाम दिया।
बरामदगी और पुलिस की कार्रवाई
मुठभेड़ स्थल और मृतक बदमाश के पास से पुलिस ने निम्नलिखित सामग्री बरामद की है:
- 01 देसी पिस्टल (32 बोर) मय जिंदा कारतूस।
- 01 देसी तमंचा (315 बोर) मय खोखा व जिंदा कारतूस।
- घटना में प्रयुक्त बलेनो कार (संख्या: GJ06 MD 9084)।
- लूटी गई नकदी (2 लाख रुपये), मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज।
एसएसपी का सख्त संदेश
घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी देहरादून और अन्य उच्चाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। फरार बदमाशों की तलाश के लिए पूरे जनपद में सघन चेकिंग अभियान (कॉम्बिंग) चलाया जा रहा है। एफएसएल (FSL) की टीम ने भी साक्ष्य संकलन की कार्यवाही पूरी कर ली है।
पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि देवभूमि में अपराधियों के लिए कोई स्थान नहीं है और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ इसी तरह की कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। शामली पुलिस को भी घटना के संबंध में सूचित कर दिया गया है।
