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बकरीद (ईद-उल-अज़हा) पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित माहौल में मनाने के उद्देश्य से हुई बैठक

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बकरीद (ईद-उल-अज़हा) पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित माहौल में मनाने के उद्देश्य से हुई बैठक

बहादुरगंज (गाज़ीपुर)। आगामी बकरीद (ईद-उल-अज़हा) पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से गाज़ीपुर जनपद के बहादुरगंज चौकी परिसर में एक महत्वपूर्ण ‘पीस कमेटी’ (शांति समिति) की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता उपजिलाधिकारी (एसडीएम) कासिमाबाद लोकेश कुमार ने की। इस अवसर पर क्षेत्र के धर्मगुरुओं, जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और विभिन्न समुदायों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और त्योहार को आपसी भाईचारे के साथ मनाने का संकल्प लिया।

प्रशासन की अपील: अफवाहों से बचें और भाईचारा बनाए रखें

​बैठक को संबोधित करते हुए एसडीएम कासिमाबाद लोकेश कुमार ने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे क्षेत्र में आपसी सौहार्द और भाईचारे की परंपरा को अक्षुण्ण रखें। उन्होंने कहा कि त्योहार खुशियां बांटने का जरिया होते हैं, इसलिए प्रशासन को पूरा सहयोग दें।

​क्षेत्राधिकारी (सीओ) कासिमाबाद अनुभव राजर्षी ने कहा:​”बकरीद का पर्व प्रेम, त्याग, समर्पण और सद्भाव का संदेश देता है। सभी लोग मिलजुल कर इस त्योहार की खुशियां मनाएं। किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और न ही उसे आगे बढ़ाएं। यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।”

 

​वहीं, कासिमाबाद के थाना प्रभारी (एसओ) राजनरायन ने सुरक्षा व्यवस्था और सोशल मीडिया की मॉनिटरिंग को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर भ्रामक, भड़काऊ या आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे तत्वों पर पुलिस की पैनी नजर है और माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम और साफ-सफाई पर जोर

​बहादुरगंज चौकी प्रभारी पुष्पेषचंद दुबे ने बैठक में सुरक्षा व्यवस्था का खाका पेश किया। उन्होंने स्थानीय नागरिकों को आश्वस्त किया कि त्योहार के दौरान पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहेगी।

मुख्य सुरक्षा एवं नागरिक दिशा-निर्देश:विशेष पुलिस बल की तैनाती: क्षेत्र के सभी संवेदनशील और प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा।​सघन गश्त: शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की टीमें लगातार गश्त (पेट्रोलिंग) करेंगी।​कुर्बानी के नियम: चौकी प्रभारी ने स्पष्ट किया कि कुर्बानी केवल निर्धारित और पारंपरिक स्थानों पर ही की जाए। खुले में या सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी की सख्त मनाही है।​स्वच्छता प्रबंधन: कुर्बानी के बाद अवशेषों को खुले में न फेंकें। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें ताकि किसी भी समुदाय के व्यक्ति को कोई असुविधा या ठेस न पहुंचे।

जनप्रतिनिधियों के सुझाव और मूलभूत सुविधाओं पर विमर्श

​बैठक के दौरान क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने विचार और सुझाव प्रशासन के सामने रखे। स्थानीय लोगों ने त्योहार के मद्देनजर बिजली की निर्बाध आपूर्ति, पेयजल की उपलब्धता और नगर में साफ-सफाई की व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की।

​जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर ही संबंधित विभागों के कर्मचारियों व अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि त्योहार के दौरान बिजली, पानी और सफाई जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं मुस्तैदी से उपलब्ध कराई जाएंगी।

गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल है बहादुरगंज

​बैठक में उपस्थित विभिन्न समुदायों के वक्ताओं ने एक सुर में कहा कि बहादुरगंज क्षेत्र का इतिहास हमेशा से गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी सौहार्द का प्रतीक रहा है। यहाँ सभी धर्मों के लोग एक-दूसरे के त्योहारों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं और सुख-दुख साझा करते हैं। इस बार भी क्षेत्रवासी मिलकर बकरीद के पर्व को शांतिपूर्ण और ऐतिहासिक सौहार्द के साथ मनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

बैठक के अंत में अग्रिम शुभकामनाएं

कार्यक्रम के समापन पर प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने सभी क्षेत्रवासियों को बकरीद पर्व की अग्रिम बधाई और शुभकामनाएं दीं। साथ ही, शांति व्यवस्था बनाए रखने में निरंतर सहयोग की अपील की।

बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित रहे:

​इस शांति समिति की बैठक में मुख्य रूप से मौलवी हफीजुर्रहमान, संतोष जायसवाल, मौलवी महफुजुर्रहमान, लिपिक हरि प्रकाश, मुस्तफा खान, अरविन्द प्रजापति, नौशाद अयान, परवेज उर्फ मोनू, सईदुल हक, आफताब आलम और जफर अकील सहित भारी संख्या में स्थानीय संभ्रांत नागरिक मौजूद रहे।

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