मेधावियों का महाकुंभ: श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में दून के 30 से अधिक स्कूलों के 350 टॉपर्स सम्मानित
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मेधावियों का महाकुंभ: श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में दून के 30 से अधिक स्कूलों के 350 टॉपर्स सम्मानित
विशेष संवाददाता, देहरादून
23 मई, 2026
देहरादून। राजधानी देहरादून के प्रतिष्ठित श्री गुरु राम राय (एसजीआरआर) विश्वविद्यालय ने अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए मेधावी छात्र-छात्राओं के हौसलों को नई उड़ान दी है। विश्वविद्यालय एवं श्री गुरु राम राय पीजी कॉलेज छात्रसंघ के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य ‘प्रतिभा सम्मान समारोह’ का आयोजन किया गया। इस गौरवमयी समारोह में देहरादून के 30 से अधिक विभिन्न स्कूलों के करीब 350 दसवीं और बारहवीं के टॉपर्स छात्र-छात्राओं को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। अपनी सालभर की कड़ी मेहनत का प्रतिफल और मंच पर सम्मान पाकर मेधावियों के चेहरे खुशी और भावी आत्मविश्वास से खिल उठे। विद्यार्थियों ने इस दौरान अपनी सफलता के सूत्र और खुशियां एक-दूसरे के साथ साझा कीं।
सभागार में गूंजी मेधावियों की गूंज, दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ
शनिवार को श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के पटेल नगर कैंपस स्थित मुख्य सभागार में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ मुख्य अतिथि कुलदीप बुटोला (अध्यक्ष, उत्तराखण्ड राज्य स्तरीय खेल परिषद), एसजीआरआर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) के. प्रतापन एवं कुलसचिव डॉ. लोकेश गम्भीर ने संयुक्त रूप से पारंपरिक दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद मंच से एक-एक कर दून के होनहारों को स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर नवाजा गया, जिससे पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
करियर और कोर्स का चयन जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव: कुलदीप बुटोला
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि कुलदीप बुटोला ने सभी मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी शानदार सफलता पर बधाई दी। उन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि 12वीं कक्षा के बाद सही करियर और सही कोर्स का चयन जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और निर्णायक पड़ाव होता है। अक्सर छात्र दूसरों की देखादेखी निर्णय ले लेते हैं, लेकिन विद्यार्थियों को किसी दबाव में आए बिना अपनी आंतरिक क्षमता, व्यक्तिगत रुचि और भविष्य की संभावनाओं को अच्छी तरह आंककर ही सही दिशा का चुनाव करना चाहिए।
केवल डिग्री तक सीमित न रहें छात्र, कौशल पर दें ध्यान: कुलपति
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) के. प्रतापन ने आधुनिक युग की मांग पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज का समय केवल किताबी ज्ञान का नहीं, बल्कि कौशल आधारित (स्किल-बेस्ड) शिक्षा का है। एसजीआरआर विश्वविद्यालय वर्तमान समय में विद्यार्थियों को ऐसे रोजगारपरक पाठ्यक्रम उपलब्ध करा रहा है, जो सीधे तौर पर वैश्विक अवसरों और बाजार की मांग के अनुरूप हैं। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे खुद को केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित न रखें, बल्कि अपनी छिपी हुई प्रतिभा, नवाचार (इन्नोवेशन) और व्यावहारिक ज्ञान को लगातार विकसित करें, ताकि भविष्य की कठिन चुनौतियों का डटकर सामना कर सकें।
उत्कृष्टता के प्रति सकारात्मक माहौल बनाना हमारा लक्ष्य: कुलसचिव
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. लोकेश गम्भीर ने शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इन मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धियों का उत्सव नहीं है, बल्कि इसके जरिए समाज में शिक्षा और उत्कृष्टता के प्रति एक सकारात्मक और प्रेरणादायी वातावरण तैयार करने का हमारा प्रयास है। उन्होंने छात्रों को गुरुमंत्र देते हुए कहा कि कड़ी मेहनत, अटूट अनुशासन और जीवन में निरंतर कुछ नया सीखने की भावना ही सफलता की वास्तविक कुंजी है।
विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति और इन स्कूलों का रहा जलवा
इस विशेष अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के प्रदेश मंत्री यशवंत पंवार, भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिलाध्यक्ष कुलदीप पंत, अंतरराष्ट्रीय रग्बी खिलाड़ी महक चौहान और एसजीआरआर पीजी कॉलेज छात्रसंघ के अध्यक्ष बलबीर कुंवर ने भी उपस्थित होकर छात्र-छात्राओं को जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरणादायी संदेश दिए।
इस प्रतिभा सम्मान समारोह में दून के जिन प्रमुख स्कूलों के टॉपर्स को सम्मानित किया गया, उनमें मुख्य रूप से:
- सोशल विवेकानंद स्कूल
- स्वामी विवेकानंद स्कूल
- जीआरडी निरंजनपुर
- सीएनआई (CNI)
- एसजीएनपी (SGNP)
- एसबीएन (SBN) एकेडमी
- एसआरडी बहुगुणा स्कूल
- विलफील्ड स्कूल
- दि हिमालयन इंटरनेशनल स्कूल
- सरस्वती विद्या मंदिर
- फिलफोर्ट स्कूल
सहित 30 से अधिक विद्यालयों के होनहार छात्र शामिल रहे। इस पूरे आयोजन को भव्य और सफल बनाने में छात्रसंघ अध्यक्ष बलबीर कुंवर एवं उनकी पूरी छात्रसंघ टीम का विशेष और सराहनीय सहयोग रहा। कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय प्रबंधन ने सभी आगंतुकों और शिक्षकों का आभार जताया।
