डिजिटल शिक्षा की ओर बढ़ते कदम: चमोली के नंदा नगर में ‘प्रतिज्ञा एनजीओ’ ने स्मार्ट स्कूल बनाने के लिए बांटे डिजिटल उपकरण
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डिजिटल शिक्षा की ओर बढ़ते कदम: चमोली के नंदा नगर में ‘प्रतिज्ञा एनजीओ’ ने स्मार्ट स्कूल बनाने के लिए बांटे डिजिटल उपकरण
विशेष संवाददाता, चमोली
23 मई, 2026
चमोली (उत्तराखंड)। उत्तराखंड के ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षा की दशा सुधारने और होनहार बच्चों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए ‘प्रतिज्ञा एनजीओ’ ने एक और सराहनीय कदम उठाया है। संस्था द्वारा जनपद चमोली के नंदा नगर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में ‘सपोर्ट माय स्कूल’ कार्यक्रम के तहत एक विशेष आयोजन किया गया। इस अनूठी पहल का मुख्य उद्देश्य देवभूमि के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना और उनके लिए ‘स्मार्ट लर्निंग’ की राह आसान करना है। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के बच्चों को आधुनिक डिजिटल उपकरण और शिक्षण सामग्रियां उपलब्ध कराई गईं, जिससे स्कूली बच्चों के चेहरों पर भारी उत्साह और खुशी देखने को मिली।
डिजिटल संसाधनों से लैस हुआ सुदूरवर्ती विद्यालय
ग्रामीण अंचल के इस प्राथमिक विद्यालय को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और इसे एक ‘स्मार्ट स्कूल’ के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से प्रतिज्ञा एनजीओ द्वारा कई महत्वपूर्ण उपकरण भेंट किए गए। संस्था की ओर से विद्यालय को एक आधुनिक डिजिटल प्रोजेक्टर, एचपी (HP) स्मार्ट टैंक प्रिंटर, संपूर्ण कंप्यूटर सेटअप (जिसमें सीपीयू, मॉनिटर, कीबोर्ड और माउस शामिल हैं), तथा एक दमदार साउंड सिस्टम (थंडरबॉक्स) सौंपा गया। इसके साथ ही बच्चों के बौद्धिक विकास के लिए कई ज्ञानवर्धक पुस्तकें, पाठ्य सामग्रियां और स्टेशनरी भी वितरित की गईं। इन संसाधनों की मदद से अब विद्यालय के शिक्षक बच्चों को ऑडियो-विजुअल माध्यम से और अधिक रोचक तरीके से पढ़ा सकेंगे।
डिजिटल शिक्षा से संवरेगा ग्रामीण नौनिहालों का भविष्य
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस गरिमामयी अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने शिक्षा के बदलते स्वरूप और डिजिटल क्रांति पर विशेष जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि आज के वैश्विक दौर में कंप्यूटर, इंटरनेट और डिजिटल तकनीक की बुनियादी शिक्षा बेहद जरूरी हो चुकी है। अब तक उत्तराखंड के दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों के बच्चे इन आधुनिक संसाधनों से वंचित रह जाते थे, जिससे वे महानगरीय शिक्षा की दौड़ में पिछड़ जाते थे। लेकिन ‘प्रतिज्ञा एनजीओ’ की इस पहल के बाद ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे भी शहरों की तरह ‘स्मार्ट क्लास’ का लाभ उठा सकेंगे और देश-दुनिया के ज्ञान से सीधे जुड़ सकेंगे। नए और चमचमाते कंप्यूटर व प्रोजेक्टर पाकर छात्र-छात्राओं का उत्साह देखते ही बनता था।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की गरिमामयी उपस्थिति
इस अनूठे और प्रेरणादायक कार्यक्रम में क्षेत्र के तमाम प्रमुख जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर ग्राम प्रधान बूरा सावित्री देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य मनीषा देवी, महिला मंगल दल की अध्यक्ष ममता देवी और एसएमसी (SMC) अध्यक्ष सुदर्शन सिंह नेगी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
इसके साथ ही, इस पूरी मुहिम को धरातल पर उतारने वाले प्रतिज्ञा एनजीओ के निदेशक (Director) अजय सैनी और स्टेट कोऑर्डिनेटर सजेंद्र कठैत भी कार्यक्रम में विशेष रूप से मौजूद रहे, जिन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के सहयोग को जारी रखने का संकल्प दोहराया। संस्था की ओर से सोहन सिंह कठैत ने भी कार्यक्रम के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विद्यालय परिवार और ग्रामीणों ने जताया आभार
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सुर्भीश्याम, शिक्षक स्टाफ में शामिल आस्था दुबे, कपिल चौहान और विद्यालय की भोजन माताओं का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के समापन पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित उपस्थित महिलाओं—सतीश्वरी देवी, अंजलि, दीपा देवी, लक्ष्मी देवी, अनीता और विमला देवी आदि ने प्रतिज्ञा एनजीओ की इस दूरदर्शी सोच की मुक्तकंठ से सराहना की।
ग्रामीणों और विद्यालय परिवार ने एक सुर में कहा कि दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में इस स्तर के डिजिटल उपकरण उपलब्ध कराना किसी मिसाल से कम नहीं है। इस अभूतपूर्व और ऐतिहासिक सहयोग के लिए पूरी टीम का सहृदय आभार व्यक्त किया गया। निश्चित रूप से प्रतिज्ञा एनजीओ की यह ‘सपोर्ट माय स्कूल’ मुहिम उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों की सूरत बदलने में एक मील का पत्थर साबित हो रही है।
