एसजीआरआर शिक्षक चयन प्रक्रिया: उत्तर भारत के युवाओं में भारी उत्साह, 100 से अधिक शाखाओं के लिए 5,500 अभ्यर्थियों की दावेदारी देहरादून।
1 min read


एसजीआरआर शिक्षक चयन प्रक्रिया: उत्तर भारत के युवाओं में भारी उत्साह, 100 से अधिक शाखाओं के लिए 5,500 अभ्यर्थियों की दावेदारी
देहरादून।
उत्तर भारत के युवाओं के लिए रोजगार का एक बड़ा मंच बनकर उभरे श्री गुरु राम राय (एसजीआरआर) एजुकेशन मिशन में शिक्षक भर्ती चयन प्रक्रिया पूरे उत्साह और पारदर्शिता के साथ जारी है। मिशन के 100 से अधिक विद्यालयों के लिए आयोजित इस मेगा भर्ती अभियान में देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में युवा अभ्यर्थी भाग ले रहे हैं। एसजीआरआर पब्लिक स्कूल की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित तालाब शाखा में यह चार दिवसीय चयन प्रक्रिया 26 मई से आरम्भ होकर 29 मई 2026 तक संचालित की जा रही है।
शिक्षक चयन प्रक्रिया के मुख्य आकर्षण और विवरण इस प्रकार हैं:
1,300 से अधिक अभ्यर्थी प्रतिदिन शामिल
एसजीआरआर पब्लिक स्कूल, तालाब शाखा परिसर इन दिनों विभिन्न राज्यों से आई युवा प्रतिभाओं के संगम का गवाह बना हुआ है। भर्ती प्रक्रिया के पहले दिन से ही सुबह सात बजे से अभ्यर्थियों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं, और यह प्रक्रिया प्रतिदिन देर शाम तक सतत चल रही है। परीक्षा आयोजन समिति के अनुसार, यहाँ रोजाना 1,300 से अधिक अभ्यर्थी लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में हिस्सा ले रहे हैं। पूरे चार दिवसीय अभियान में लगभग 5,500 अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना जताई गई है।
शत-प्रतिशत योग्यता आधारित चयन प्रणाली
चयन प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए इसमें उत्तराखण्ड के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों और विषय विशेषज्ञों का सहयोग लिया जा रहा है। भर्ती की चयन प्रणाली को दो मुख्य भागों में बांटा गया है:
- लिखित परीक्षा (80 अंक): इसमें अभ्यर्थियों की विषय विशेषज्ञता, विश्लेषण क्षमता और प्रस्तुतीकरण कौशल का गहन आकलन किया जा रहा है।
- साक्षात्कार (20 अंक): लिखित परीक्षा में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किया जा रहा है।
त्वरित परिणाम और ऑन-कैमरा पुनर्मूल्यांकन की व्यवस्था
इस मेगा भर्ती अभियान की सबसे सराहनीय पहल यह है कि अभ्यर्थियों की सुविधा को देखते हुए मिशन प्रबंधन ने परीक्षा के दिन ही मूल्यांकन, साक्षात्कार और परिणाम घोषित करने की त्वरित व्यवस्था सुनिश्चित की है। इस त्वरित प्रणाली की अभ्यर्थियों ने खुलकर प्रशंसा की है।
इसके साथ ही विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए परीक्षा समिति ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई अभ्यर्थी अपने परिणाम से संतुष्ट नहीं होता है, तो वह पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकता है। विशेषज्ञ समिति द्वारा ऐसे मामलों का ऑन-कैमरा पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा।
उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से पहुंचे अभ्यर्थी
इस चयन प्रक्रिया में केवल उत्तराखण्ड ही नहीं, बल्कि दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश समेत उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में युवा रोजगार की उम्मीद लिए देहरादून पहुंचे हैं। रोजगार के सशक्त अवसर उपलब्ध कराकर एसजीआरआर एजुकेशन मिशन एक बार फिर शिक्षा जगत में अपनी अग्रणी और महत्वपूर्ण भूमिका को साबित कर रहा है।
