नीती एक्सट्रीम अल्ट्रा रन: सीमांत स्वाभिमान और बार्डर टूरिज्म की नई इबारत
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नीती एक्सट्रीम अल्ट्रा रन: सीमांत स्वाभिमान और बार्डर टूरिज्म की नई इबारत
चमोली (सोहन सिंह): भारत-तिब्बत सीमा से सटी उत्तराखंड की सुरम्य नीती घाटी में आयोजित ‘नीती एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ ने सीमांत स्वाभिमान, देशभक्ति और साहसिक पर्यटन की एक नई गाथा लिखी है। पर्यटन विभाग के तत्वाधान में आयोजित इस भव्य खेल उत्सव ने न केवल उच्च हिमालयी क्षेत्र में ‘फिट इंडिया’ के नारे को बुलंद किया, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का काम भी किया है। इस ऐतिहासिक आयोजन में देश के 27 राज्यों से आए 1,200 से अधिक धावकों ने हिस्सा लेकर अपने अदम्य साहस और ऊर्जा का प्रदर्शन किया।
मलारी गांव में आयोजित मुख्य पुरस्कार वितरण समारोह को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित ‘वाइब्रेंट विलेज’ कार्यक्रम सीमांत क्षेत्रों के कायाकल्प में मील का पत्थर साबित हो रहा है। यह अल्ट्रा रन सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
रिवर्स माइग्रेशन और होमस्टे क्रांति
मुख्यमंत्री धामी ने सीमांत क्षेत्रों से होने वाले पलायन पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा और रिवर्स माइग्रेशन (गांवों की ओर वापसी) को बल मिलेगा। उन्होंने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साझा करते हुए बताया कि नीती घाटी में होमस्टे की संख्या महज 35 से बढ़कर अब 450 हो गई है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि स्थानीय लोग अब स्वरोजगार की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आयोजन को सफल बनाने के लिए भारतीय सेना, आईटीबीपी (ITBP) और स्थानीय जनता का आभार व्यक्त किया।
रिमखिम और बाडाहोती बनेंगे सीमा दर्शन केंद्र
सीमांत पर्यटन (बार्डर टूरिज्म) को नया आयाम देते हुए मुख्यमंत्री ने नीती घाटी के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:सीमा दर्शन केंद्र: रिमखिम तथा बाडाहोती क्षेत्र में पर्यटकों के लिए विशेष सीमा दर्शन केंद्र विकसित किए जाएंगे।पर्यटन सुविधाएं: नीती घाटी के प्रमुख गांवों और पर्यटन स्थलों पर साइनबोर्ड (साइनज) और खूबसूरत व्यू प्वाइंट बनाए जाएंगे।साहसिक पर्यटन: गमशाली स्थित दंफुधार मैदान में बुनियादी सुविधाओं का विकास कर इसे साहसिक खेल और बड़े आयोजनों के लिए तैयार किया जाएगा।सामुदायिक सहभागिता: नीती, मलारी, कोषा, फरकिया, बांपा, गुरूगुटी, कैलाशपुर और महरगांव में सामुदायिक सहभागिता आधारित ग्रामीण पर्यटन और होमस्टे को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा।
धावकों ने दिखाया दमखम: प्रतियोगिता के मुख्य परिणाम
अल्ट्रा रन के तहत 5, 10, 21, 42 और 75 किलोमीटर की श्रेणियों में कड़ा मुकाबला देखने को मिला। पर्यटन सचिव धीराज गब्र्याल और अन्य अतिथियों ने विजेताओं को नकद पुरस्कार एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। मुख्य परिणाम इस प्रकार रहे:
5 किमी और 10 किमी स्पर्धा
5 किमी (अंडर 18): पुरुष वर्ग में हर्षित यादव प्रथम, आयुष कुमार द्वितीय और शिवम भुजवान तृतीय रहे। महिला वर्ग में रेखा प्रथम, भावना रावत द्वितीय व राधिका तृतीय रहीं।5 किमी (ओपन): पुरुष वर्ग में प्रकाश भट्ट और महिला वर्ग में अर्पिता सैनी ने बाजी मारी।10 किमी (ओपन): पुरुष वर्ग में सुरेंद्र सिंह प्रथम, मन्नू सिंह द्वितीय व सजन पंवार तृतीय रहे। महिला वर्ग में पूजा बिष्ट प्रथम, निशा नेगी द्वितीय व ईशा बर्त्वाल तृतीय रहीं।10 किमी (60+ आयु वर्ग): दलबीर सिंह प्रथम, गोविंद कुमार राणा द्वितीय और सतीश चंद चौहान तृतीय स्थान पर रहे।
21 किमी और 42 किमी (मैराथन) स्पर्धा
21 किमी (ओपन): पुरुष वर्ग में लोकेश कुमार प्रथम और महिला वर्ग में प्रिया प्रथम स्थान पर रहीं।
21 किमी (50+ आयु वर्ग): पुरुष वर्ग में दीपेश जोशी और महिला वर्ग में अनुदा तमांग ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।42 किमी (ओपन): पुरुष वर्ग में यश राज और महिला वर्ग में दिया ने पहला स्थान हासिल किया।42 किमी (40+ और 60+ आयु वर्ग): 40+ वर्ग में सतपाल और मीना कंडारी, जबकि 60+ वर्ग में थॉमस ने बाजी मारी।
75 किमी (अल्ट्रा मैराथन) सबसे कठिन चुनौती
ओपन वर्ग: पुरुष वर्ग की इस सबसे कठिन रेस में दिगंबर सिंह प्रथम, अर्जुन प्रधान द्वितीय और विजय सिंह तृतीय रहे। महिला वर्ग में मीनाक्षी ने पहला, मीना कुमारी सुब्बा ने दूसरा और फलेश्वरी रजवाड़े ने तीसरा स्थान पाया।50+ और 60+ आयु वर्ग: 50+ में चरण सिंह और आशा सिंह प्रथम रहे। वहीं 60+ वर्ग में कृष्णा तमांग ने प्रथम स्थान हासिल कर युवाओं को प्रेरित किया।
एमटीबी चैलेंज के साथ समापन
इस भव्य आयोजन के अंतिम दिन गमसाली से मलारी के बीच 30 किलोमीटर की एमटीबी (माउंटेन टरेन बाइकिंग) चैलेंज प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इस रोमांचक साइकिलिंग स्पर्धा में देश भर के 100 से अधिक साइकिल चालक अपनी ताकत और कौशल का प्रदर्शन करेंगे, जिसके साथ ही इस ऐतिहासिक खेल महोत्सव का समापन होगा।
