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पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना में उत्तराखण्ड ने देशभर में लहराया परचम, चार प्रमुख श्रेणियों में प्राप्त किया प्रथम स्थान

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पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना में उत्तराखण्ड ने देशभर में लहराया परचम, चार प्रमुख श्रेणियों में प्राप्त किया प्रथम स्थान

देहरादून, 04 जून 2026:

उत्तराखण्ड ने अक्षय ऊर्जा और हरित भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के सफल और प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तराखण्ड ने पूरे देश में अपना परचम लहराया है। राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राज्य ने एक साथ चार प्रतिष्ठित पुरस्कार अपने नाम किए हैं। नई दिल्ली स्थित अटल अक्षय ऊर्जा भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में उत्तराखण्ड को इन राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।

​यह गौरवपूर्ण उपलब्धि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व, मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्धन और प्रमुख सचिव (ऊर्जा) डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम के कुशल मार्गदर्शन और दूरदर्शी रणनीतियों का परिणाम है। इस योजना के सफल संचालन के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित गरिमामयी पुरस्कार समारोह में केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री प्रहलाद जोशी द्वारा उत्तराखण्ड को सम्मानित किया गया। राज्य की ओर से यह सम्मान उत्तराखण्ड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के प्रबंध निदेशक श्री जी. एस. बुदियाल द्वारा ग्रहण किया गया।

इन चार प्रमुख श्रेणियों में उत्तराखण्ड रहा देश में अव्वल:

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय अवार्ड समारोह में उत्तराखण्ड को ‘औसत उपभोक्ता आधार’ (Low Consumer Base States) वाले राज्यों की श्रेणी में निम्नलिखित चार सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है:

  1. सर्वाधिक उपभोक्ता आवेदन (Maximum Consumer Applications): योजना के तहत राज्य में रिकॉर्ड संख्या में उपभोक्ताओं ने रुचि दिखाते हुए आवेदन किया, जो जनता के बीच इसकी भारी लोकप्रियता को दर्शाता है।
  2. सर्वाधिक रूफटॉप सोलर संस्थापन (Maximum Solar Installations): घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र (सोलर पैनल) स्थापित करने के मामले में उत्तराखण्ड ने देश के अन्य राज्यों को पीछे छोड़ दिया।
  3. सर्वाधिक डिस्कॉम निरीक्षण (Maximum DISCOM Inspections): यूपीसीएल द्वारा तकनीकी निरीक्षण, सेफ्टी चेक और गुणवत्ता जांच के कार्य को बेहद त्वरित और पारदर्शी तरीके से पूरा किया गया।
  4. सर्वाधिक विक्रेता पंजीकरण (Maximum Vendor Registrations): स्थानीय स्तर पर सौर ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अधिक से अधिक वेंडर्स और प्रदाताओं को इस अभियान से जोड़ा गया, जिससे स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिला।

यूपीसीएल के उत्कृष्ट प्रयासों और जन-केंद्रित नीतियों को मिला फल:

यह राष्ट्रीय सम्मान उत्तराखण्ड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, व्यापक उपभोक्ता जागरूकता, त्वरित सेवा वितरण तथा पूरी तरह से पारदर्शी डिजिटल प्रक्रियाओं के माध्यम से किए गए उत्कृष्ट प्रदर्शन का सीधा प्रमाण है। राज्य सरकार द्वारा अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में किए जा रहे सतत प्रयासों और जन-केंद्रित नीतियों के परिणामस्वरूप ही उत्तराखण्ड ने इस योजना के क्रियान्वयन में देशभर में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है।

​यूपीसीएल द्वारा राज्यभर में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाए गए, जगह-जगह शिविर आयोजित किए गए और डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर स्थानीय स्तर पर उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ने का विशेष कार्य किया गया। इसके साथ ही, आवेदन की स्वीकृति, तकनीकी निरीक्षण, नेट मीटरिंग और सौर संयंत्र स्थापना से संबंधित प्रक्रियाओं को बेहद सरल और समयबद्ध बनाकर योजना के लाभों को आम नागरिकों तक पहुँचाया गया।

ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण की ओर बढ़ते कदम:

इस योजना के अंतर्गत पात्र उपभोक्ताओं को अपने घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा बेहद आकर्षक सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं के घरेलू बिजली बिलों में उल्लेखनीय कमी आ रही है। साथ ही, इससे राज्य में स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा (Green Energy) को भारी बढ़ावा मिल रहा है। उत्तराखण्ड में इस योजना के प्रति आम उपभोक्ताओं की बढ़ती रुचि राज्य की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बेहद सकारात्मक संकेत है।

​यह सम्मान केवल एक उपलब्धि नहीं है, बल्कि राज्य में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्टता प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रेरणा है। यूपीसीएल ने भविष्य में भी इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है, ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को इससे जोड़कर उत्तराखण्ड को सौर ऊर्जा अपनाने वाले अग्रणी राज्यों में शीर्ष पर बनाए रखा जा सके। यह ऐतिहासिक सफलता न केवल उत्तराखण्ड के लिए गौरव का विषय है, बल्कि राज्य में स्वच्छ ऊर्जा क्रांति और सतत विकास के प्रति सामूहिक संकल्प का प्रतीक है।

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