कम तेल की थाली, स्वस्थ भारत की खुशहाली”: चम्पावत के टनकपुर में भाजपा महिला मोर्चा ने फूंका स्वास्थ्य क्रांति का बिगुल
1 min read



“कम तेल की थाली, स्वस्थ भारत की खुशहाली”: चम्पावत के टनकपुर में भाजपा महिला मोर्चा ने फूंका स्वास्थ्य क्रांति का बिगुल
टनकपुर (चम्पावत)।
मातृशक्ति के संकल्प और राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए उत्तराखंड के चम्पावत जिले के टनकपुर मंडल में भाजपा महिला मोर्चा द्वारा एक भव्य और प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘स्वस्थ भारत, समृद्ध भारत’ के देशव्यापी आह्वान को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से “कम तेल की थाली, स्वस्थ भारत की खुशहाली” अभियान के तहत इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
यह गरिमामयी कार्यक्रम भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष आदरणीया श्रीमती रुचि भट्ट जी के कुशल एवं दूरदर्शी निर्देशानुसार आयोजित हुआ। कार्यक्रम को जिला चम्पावत की महिला मोर्चा प्रभारी व आदरणीय प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती कमला चुफाल जी का मार्गदर्शक संरक्षण प्राप्त हुआ। जिला अध्यक्ष श्रीमती दीपा जोशी के ओजस्वी नेतृत्व और टनकपुर मंडल अध्यक्ष श्रीमती बबीता गोस्वामी जी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र की महिलाओं ने अभूतपूर्व उत्साह के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
देशभर से जुटीं महिला नेत्रियां, मातृशक्ति का दिखा अद्भुत समागम
राष्ट्रीय महत्व के इस विषय पर आयोजित कार्यक्रम में न केवल स्थानीय बल्कि अंतर्जिला स्तर पर भी महिला मोर्चा की शीर्ष पदाधिकारियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में अल्मोड़ा जिले की सह-प्रभारी श्रीमती माला सौन जी, पिथौरागढ़ महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी मेहता जी और सम्मानित मंडल अध्यक्ष तुलसी कुंवर जी उपस्थित रहीं।
इसके साथ ही, चम्पावत महिला मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष अनीता यादव जी और कोमल गिरी जी सहित संगठन की तमाम वरिष्ठ पदाधिकारियों और क्षेत्र की प्रबुद्ध मातृशक्ति ने इस अभियान में हिस्सा लेकर इसे एक बड़े जन-आंदोलन का रूप दे दिया। उपस्थित अतिथियों का पारंपरिक रूप से स्वागत कर रसोई और स्वास्थ्य के इस अंतर्संबंध पर गंभीर विमर्श की शुरुआत की गई।
रसोई से होगी देश की खुशहाली की शुरुआत: वक्ता
राष्ट्रीय पोर्टल के लिए विशेष रूप से रेखांकित करने योग्य बात यह है कि कार्यक्रम में पारंपरिक राजनीतिक विमर्श से इतर राष्ट्र के स्वास्थ्य और नागरिकों की जीवनशैली जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषय पर गहराई से चर्चा की गई। वक्ताओं ने वैज्ञानिक और व्यावहारिक दोनों दृष्टिकोणों से कम तेल और संतुलित आहार के महत्व को समझाया।कार्यक्रम के दौरान पदाधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा:
“एक स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण केवल अस्पतालों से नहीं, बल्कि घर की रसोई से होता है। हमारी थाली जितनी शुद्ध, सात्विक और संतुलित होगी, हमारा परिवार और आने वाली पीढ़ी उतनी ही ऊर्जावान होगी। माननीय प्रधानमंत्री जी का यह विजन देश के प्रत्येक नागरिक को गैर-संचारी रोगों (NCDs) जैसे हृदय रोग, मोटापा, और मधुमेह से बचाने का एक सुरक्षा कवच है।”
जागरूकता और संकल्प की त्रिवेणी
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को घर के बजट के साथ-साथ परिवार के ‘स्वास्थ्य बजट’ को सुधारने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में उपस्थित सभी महिलाओं ने एक सुर में इस बात को स्वीकार किया कि स्वाद के चक्कर में सेहत से समझौता करना देश के भविष्य से समझौता करने जैसा है।
कार्यक्रम के तहत निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर व्यापक जन-जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया गया:‘कम तेल, उत्तम सेहत’: भोजन में रिफाइंड और अत्यधिक तेल के उपयोग को सीमित करना।पारंपरिक और पौष्टिक भोजन: थाली में स्थानीय मोटे अनाजों (मिलेट्स), हरी पत्तेदार सब्जियों और पोषक तत्वों को अनिवार्य रूप से शामिल करना।स्वस्थ जीवनशैली: जंक फूड और अत्यधिक वसायुक्त भोजन का परित्याग कर योग और सक्रिय जीवनशैली को अपनाना।
टनकपुर मंडल में आयोजित भाजपा महिला मोर्चा का यह “कम तेल की थाली, स्वस्थ भारत की खुशहाली” कार्यक्रम केवल एक दिवसीय आयोजन बनकर नहीं रहा, बल्कि इसने क्षेत्र की महिलाओं के भीतर स्वास्थ्य के प्रति एक नई चेतना की अलख जगा दी है। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित देवतुल्य मातृशक्ति ने इस संदेश को उत्तराखंड के गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने का सामूहिक संकल्प लिया। निश्चित रूप से, महिलाओं का यह छोटा सा प्रयास देश को पूर्णतः स्वस्थ और आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।
