South Asia 24×7 का मतलब पक्की खबर, देश और जहान की ताजातरीन खबरें,पत्रकारिता की नई आधारशिला, निष्पक्षता और पारदर्शिता अब, South Asia 24×7 पर खबर ग्राउंड जीरो से, मंझे हुए संवाददाताओं के साथ,हर जन मुद्दे पर, सीधा सवाल सरकार से ,सिर्फ South Asia 24 ×7 पर,पत्रकारिता की मजबूती के लिए जुड़िए हमारे साथ, South Asia 24×7 के यूट्यूब चैनल,फेसबुक और ट्विटर पर क्योंकि हम करते है बात मुद्दे की

South Asia24x7

Hindi News, Breaking News in Hindi, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi,South Asia24x7

कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल: विदाई के मुहाने पर खड़े रेंजर कुंदन सिंह ने बचाए कई आशियाने, चमोली के नंदानगर में धधकती आग पर पाया काबू

1 min read

कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल: विदाई के मुहाने पर खड़े रेंजर कुंदन सिंह ने बचाए कई आशियाने, चमोली के नंदानगर में धधकती आग पर पाया काबू

सोहन सिंह ​विशेष संवाददाता, चमोली (नंदानगर)।

देवभूमि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में वनाग्नि की घटनाएं लगातार चुनौती बनी हुई हैं, लेकिन आपदा के इन क्षणों में वन विभाग के जांबाज अधिकारियों और स्थानीय ग्रामीणों की सूझबूझ बड़े हादसों को टाल रही है। ऐसा ही एक मामला जनपद चमोली के नंदानगर विकासखंड से सामने आया है, जहाँ अज्ञात शरारती तत्वों द्वारा लगाई गई आग ने विकराल रूप ले लिया था। यदि वन विभाग की टीम और स्थानीय जनमानस समय रहते मुस्तैद न होता, तो एक बड़ा आवासीय क्षेत्र मलबे और राख में तब्दील हो सकता था।

अज्ञात तत्वों ने लगाई आग, खतरे में आए आशियाने

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनपद चमोली के अलकनंदा वन प्रभाग के अंतर्गत नंदकिनी रेंज में आने वाली ग्राम सभा जाखनी और खुनाणा के बीच अचानक भीषण आग भड़क उठी। बताया जा रहा है कि यह आग किन्हीं अज्ञात व्यक्तियों द्वारा लगाई गई थी, जिसने देखते ही देखते हाई कोर्ट क्षेत्र के ठीक ऊपर के ढलानों को अपनी चपेट में ले लिया। चीड़ की सूखी पत्तियों और तेज हवाओं के कारण आग तेजी से नीचे आबादी वाले क्षेत्र की ओर बढ़ने लगी। स्थिति इतनी भयावह थी कि हाई कोर्ट क्षेत्र के पास स्थित लगभग पांच आवासीय मकान सीधे तौर पर इस वनाग्नि की जद में आ गए थे। ग्रामीणों में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल पैदा हो गया था।

सूचना मिलते ही आधी रात को दौड़ी वन विभाग की टीम

​इस संकट की घड़ी में अलकनंदा वन प्रभाग की नंदकिनी रेंज के वन क्षेत्राधिकारी (Ranger) श्री कुंदन सिंह परमार ने अनुकरणीय तत्परता दिखाई। रात के लगभग 7:00 बजे जैसे ही रेंजर कुंदन सिंह परमार को जाखनी और खुनाणा के बीच वनाग्नि भड़कने की सूचना मिली, उन्होंने बिना एक पल गंवाए अपनी टीम को अलर्ट किया और खुद मोर्चे पर डट गए।

​दुर्गम पहाड़ी रास्ता और रात के अंधेरे के बावजूद वन क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में टीम तुरंत मौके पर पहुंची। इस रेस्क्यू ऑपरेशन में उनके साथ दैनिक श्रमिक कुताल सिंह, फायर वाचर दिगंबर सिंह, राहुल सिंह, राकेश सिंह और रेंज का अन्य स्टाफ शामिल रहा।

ग्रामीणों और वन पंचायत ने मिलाए हाथ, टाला बड़ा हादसा

​आग की लपटों को आबादी की तरफ बढ़ता देख स्थानीय ग्रामीण और वन पंचायत भी पूरी ताकत से आग बुझाने में जुट गई। वन पंचायत जाखनी के सरपंच राम सिंह कठैत, सोहन कठैत, विशंभर दत्त तिवारी और भगवती तिवारी सहित कई ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम के साथ कंधे से कंधा मिलाकर पारंपरिक तरीकों और फायर फाइटिंग उपकरणों की मदद से आग पर काबू पाना शुरू किया।

​लगभग चार घंटे की कड़ी मशक्कत और जान जोखिम में डालकर किए गए प्रयासों के बाद, रात के करीब 11:00 बजे आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया। यदि यह संयुक्त टीम समय पर मौके पर न पहुंचती और त्वरित निर्णय न लेती, तो वे पांच मकान पूरी तरह आग की चपेट में आ जाते और जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था। स्थानीय जनता ने इस त्वरित कार्रवाई के लिए वन विभाग और ग्रामीणों की संयुक्त टीम की मुक्तकंठ से सराहना की है।

चार माह बाद सेवानिवृत्ति, पर कर्तव्य के प्रति समर्पण बेमिसाल

​इस पूरे घटनाक्रम में सबसे प्रेरणादायक पहलू नंदकिनी रेंज के वन क्षेत्राधिकारी श्री कुंदन सिंह परमार का अपने काम के प्रति जज्बा रहा। गौर करने वाली बात यह है कि रेंजर कुंदन सिंह परमार की राजकीय सेवा के अब मात्र लगभग चार महीने ही शेष बचे हैं। अमूमन नौकरी के आखिरी दौर में लोग जोखिम लेने से बचते हैं, लेकिन कुंदन सिंह परमार ने यह साबित कर दिया कि एक सच्चे लोकसेवक के लिए कर्तव्य सर्वोपरि होता है। विदाई के मुहाने पर खड़े होने के बावजूद, आधी रात को दुर्गम पहाड़ियों पर खुद खड़े रहकर आग बुझाना और जनता के आशियानों को सुरक्षित करना उनके सेवाकाल के प्रति समर्पण की एक जीती-जागती मिसाल है। उनका यह कार्य विभाग के युवा कर्मियों और समाज के लिए काबिले तारीफ और अत्यंत प्रेरणादायी है।

​वन विभाग ने एक बार फिर स्थानीय जनता से अपील की है कि वे जंगलों में आग लगाने वाले अराजक तत्वों की पहचान करने में मदद करें और वनों को सुरक्षित रखने में अपना सहयोग दें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

प्रमुख खबरे

error: Content is protected !!