यूपीसीएल प्रबंध निदेशक का सख्त रुख: देहरादून में अंडरग्राउंड केबलिंग कार्य समय पर पूरा करने और मानसून में सुरक्षा के कड़े निर्देश
1 min read



यूपीसीएल प्रबंध निदेशक का सख्त रुख: देहरादून में अंडरग्राउंड केबलिंग कार्य समय पर पूरा करने और मानसून में सुरक्षा के कड़े निर्देश
देहरादून, 7 जुलाई 2026
उत्तराखण्ड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के प्रबंध निदेशक ने आज देहरादून शहर में ए.डी.बी. (एशियाई विकास बैंक) योजना के तहत चल रहे विद्युत केबल अंडरग्राउंडिंग (भूमिगतिकरण) कार्यों की एक उच्च स्तरीय बैठक में विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों और संबंधित अभियंताओं को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि कार्यों को पूरी तरह सुनियोजित ढंग से किया जाए और इसमें किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
परियोजना की वर्तमान स्थिति और भौतिक प्रगति
समीक्षा बैठक में अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, देहरादून की मुख्य सड़कों पर 33 केवी, 11 केवी और एलटी (लो टेंशन) विद्युत लाइनों को भूमिगत करने का काम तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही आर.एम.यू. (रिंग मेन यूनिट), कॉम्पैक्ट सब-स्टेशन और एलटी फीडर पैनलों की स्थापना का कार्य भी इसी परियोजना का हिस्सा है।कुल प्रगति: ए.डी.बी. परियोजना के अंतर्गत अब तक लगभग 72 प्रतिशत भौतिक कार्य पूरा किया जा चुका है।केबलिंग का विवरण: अब तक 67 किलोमीटर लंबी 33 केवी लाइन, 193 किलोमीटर 11 केवी लाइन, 716 किलोमीटर एलटी लाइन और 180 किलोमीटर सर्विस लाइन को भूमिगत करने का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है।उपकरणों की स्थापना: 400 आर.एम.यू. के कुल लक्ष्य के मुकाबले अब तक 318 आर.एम.यू. कॉम्पैक्ट सब-स्टेशन और 4618 एलटी फीडर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं।सड़कों की स्थिति: योजना के तहत चिन्हित कुल 53 सड़कों में से 28 सड़कों पर काम पूरा कर लिया गया है, और लगभग 60 किलोमीटर सड़कें संबंधित विभागों को वापस हस्तांतरित कर दी गई हैं। बाकी बचे मार्गों पर काम चल रहा है या विभागों से अनुमति मिलते ही शुरू कर दिया जाएगा।
काम में तेजी लाने और लाइनों को ऊर्जीकृत करने के निर्देश
प्रबंध निदेशक ने सभी कार्यदायी संस्थाओं और विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट किया कि जिन क्षेत्रों में केबल बिछाने का काम पूरा हो चुका है, वहां केवल औपचारिकताएं न लटकाई जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि आवश्यक तकनीकी परीक्षण और सभी कानूनी प्रक्रियाएं तुरंत पूरी कर इन विद्युत लाइनों को जल्द से जल्द ऊर्जीकृत (Energize) किया जाए। उन्होंने कहा कि इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को त्वरित लाभ पहुंचाना है, इसलिए इसमें कोई भी ढिलाई नहीं होनी चाहिए।
मानसून को लेकर विशेष सतर्कता और सुरक्षा प्रोटोकॉल
वर्तमान में चल रहे मानसून सत्र को देखते हुए प्रबंध निदेशक ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बेहद सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा:”वर्षा ऋतु के दौरान कार्यस्थलों पर सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। खुदाई और केबलिंग वाले स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए ताकि आम जनता को किसी भी तरह की असुविधा न हो और किसी भी प्रकार की अप्रिय दुर्घटना से बचा जा सके।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी निर्माण और स्थापना कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों, सुरक्षा प्रोटोकॉल तथा प्रचलित नियमों व विनियमों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता के साथ ही होने चाहिए।
साप्ताहिक निगरानी और जवाबदेही तय
परियोजना की कड़ाई से निगरानी करने के लिए प्रबंध निदेशक ने एक विशेष व्यवस्था लागू करने को कहा है। अब से इस पूरी परियोजना की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट (Weekly Progress Report) सीधे उनके कार्यालय को भेजी जाएगी। इससे कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग हो सकेगी और जहां भी कोई अड़चन आएगी, वहां तुरंत निर्णय लेकर काम को आगे बढ़ाया जा सकेगा।
विश्वसनीय बिजली आपूर्ति और शहर का सौंदर्यीकरण
बैठक के अंत में प्रबंध निदेशक ने यूपीसीएल के मुख्य विजन को दोहराते हुए कहा कि देहरादून के उपभोक्ताओं को चौबीसों घंटे विश्वसनीय और निर्बाध बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है। अंडरग्राउंड केबलिंग से न केवल बिजली वितरण व्यवस्था आधुनिक और सुरक्षित बनेगी, बल्कि राजधानी देहरादून के सौंदर्य में भी भारी वृद्धि होगी। उन्होंने सभी अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ तय समय-सीमा के भीतर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूर्ण करने का आह्वान किया।
