पर्यावरण और आजीविका संवर्धन को नई दिशा: नंदानगर में गूंजा ‘एक पेड़, समृद्धि के नाम’ का संदेश
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पर्यावरण और आजीविका संवर्धन को नई दिशा: नंदानगर में गूंजा ‘एक पेड़, समृद्धि के नाम’ का संदेश
नंदानगर (चमोली):
प्रकृति की गोद में बसे चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल देखने को मिली। ‘ग्लोबल क्लाइमेट सोसाइटी’ के विशेष सहयोग से क्षेत्र में एक व्यापक और जन-उन्मुख पौधरोपण अभियान का सफल आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखने के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति को भी संबल प्रदान करना है।
औषधीय और फलदार पौधों पर विशेष जोर
अभियान के उद्देश्य और भावी योजनाओं की जानकारी देते हुए ग्लोबल क्लाइमेट सोसाइटी के जिला कोऑर्डिनेटर सोहन सिंह ने बताया कि इस अभियान के तहत केवल पौधरोपण तक ही सीमित नहीं रहा जा रहा, बल्कि उनके लंबे समय तक पोषण और संरक्षण की भी पुख्ता व्यवस्था की गई है।
क्षेत्र में विभिन्न प्रजातियों के औषधीय एवं फलदार वृक्ष रोपे जा रहे हैं। सोहन सिंह ने कहा:“पौधों की निरंतर देखभाल के लिए हमारी सोसाइटी के वॉलंटियर्स धरातल पर लगातार सक्रिय हैं। सबसे सुखद बात यह है कि पर्यावरण संरक्षण के इस महायज्ञ में स्थानीय जनता का भी भरपूर सहयोग और संबल हमें प्राप्त हो रहा है, जो इस पहल की सफलता का सबसे बड़ा आधार है।”
विभिन्न विभागों का साझा प्रयास: गांव-गांव में हरियाली की लहर
अनुसूचित जाति बाहुल्य ग्राम योजना के तहत क्षेत्र में विकास और पर्यावरण को एक साथ जोड़ने का सराहनीय प्रयास किया गया:उद्यान विभाग की पहल: ग्राम जाखनी में पोषाहार और आजीविका को ध्यान में रखते हुए आंवले के 278 पौधे रोपे गए।कृषि विभाग का योगदान: ग्राम बूरा में फल उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 200 माल्टा और 50 कागज़ी नींबू के फलदार पौधे लगाए गए।वन विभाग की सक्रियता: अलकनंदा वन प्रभाग के रेंजर (नंदानगर) के कुशल नेतृत्व में जाखनी और न्याय पंचायत बूरा क्षेत्र के विभिन्न संवेदनशील व सार्वजनिक स्थानों पर 150 अन्य महत्वपूर्ण पौधे रोपित किए गए।
प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की अनुकरणीय भागीदारी
इस बहुआयामी अभियान में प्रशासनिक मशीनरी, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय ग्रामीणों का अनूठा समन्वय देखने को मिला। हर वर्ग ने बढ़-चढ़कर पौधरोपण में हिस्सा लिया और पर्यावरण रक्षा का संकल्प दोहराया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित गणमान्य व्यक्ति:प्रशासनिक व विभागीय अधिकारी: मुख्य कृषि अधिकारी जे. पी. तिवारी, भूमि संरक्षण अधिकारी (गोपेश्वर) मनीषा बिष्ट, विकास खंड प्रभारी (उद्यान) जितेंद्र सिंह रावत, विकास खंड प्रभारी (कृषि) मांगे राम चौधरी, कृषि सहायक प्रकाश सिंह गुसाईं, एवं विधि सहायक वीरेंद्र शाह।शिक्षा व सामाजिक क्षेत्र: राजकीय इंटर कॉलेज बूरा के प्रधानाचार्य डॉ. जे. एस. नेगी, महिला मंगल दल अध्यक्ष ममता देवी व विमला देवी।स्थानीय प्रतिनिधि व ग्रामीण: ग्राम प्रधान बूरा, सोहन कठैत, सुमन कपरवान, बीना चौहान, अरुण त्रिपाठी, कन्हैया आगरी, आशाराम चमोली, और विवेक काला सहित भारी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे।
समृद्धि और संरक्षण का नया सवेरा
नंदानगर का यह साझा प्रयास इस बात का जीवंत प्रमाण है कि जब शासन, स्वयंसेवी संस्थाएं और जनता एक साथ मिलकर कदम बढ़ाते हैं, तो पर्यावरण संरक्षण केवल एक औपचारिकता न रहकर एक जन-आंदोलन बन जाता है। इन फलदार और औषधीय पौधों के बड़े होने पर न केवल क्षेत्र का हरित आवरण बढ़ेगा, बल्कि आने वाले वर्षों में यह स्थानीय किसानों और ग्रामीणों के लिए आय का एक मजबूत जरिया भी सिद्ध होगा।
