SGRR विश्वविद्यालय में ‘सांस्कृतिक सप्ताह’ का भव्य समापन; फूड फेस्ट और रंगारंग प्रस्तुतियों ने बिखेरी छात्र प्रतिभा की चमक
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SGRR विश्वविद्यालय में ‘सांस्कृतिक सप्ताह’ का भव्य समापन; फूड फेस्ट और रंगारंग प्रस्तुतियों ने बिखेरी छात्र प्रतिभा की चमक
देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (SGRR) में विद्यार्थियों की रचनात्मक और कलात्मक प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से आयोजित सात दिवसीय ‘सांस्कृतिक सप्ताह’ का आज रंगारंग समापन हुआ। समापन दिवस के मुख्य आकर्षण ‘फूड फेस्ट’ (पाक कला प्रतियोगिता) ने परिसर को स्वाद और नवाचार के संगम में बदल दिया, जहाँ छात्रों ने अपने पाक कौशल से निर्णायकों को अचंभित कर दिया।

सांस्कृतिक महाकुंभ: कला से कौशल तक
पूरे सप्ताह विश्वविद्यालय परिसर नृत्य, संगीत, फैशन शो, रंगोली और ‘बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट’ जैसी विविध गतिविधियों से सराबोर रहा। 07 फरवरी को पटेल नगर कैंपस के बास्केटबॉल कोर्ट में आयोजित प्रतियोगिताओं के परिणामों की घोषणा के साथ ही उत्सव अपने चरमोत्कर्ष पर पहुँचा। विद्यार्थियों की सशक्त अभिव्यक्ति और मंच पर उनके आत्मविश्वास ने दर्शकों का मन मोह लिया।
शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं: कुलपति
कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन कुलपति प्रो. (डॉ.) के. प्रतापन द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने शिक्षा के व्यापक अर्थ को रेखांकित करते हुए कहा, “सांस्कृतिक गतिविधियाँ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का आधार हैं। ये आयोजन केवल प्रतिस्पर्धा नहीं हैं, बल्कि छात्रों में नेतृत्व क्षमता और सामाजिक मूल्यों के बीज बोते हैं।”

अनुशासन और टीमवर्क का व्यावहारिक पाठ
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. लोकेश गंभीर ने अकादमिक उत्कृष्टता के साथ सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों (Co-curricular activities) के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों को संगठन और टीमवर्क का वह व्यावहारिक अनुभव देते हैं, जो भविष्य के पेशेवर जीवन में अनिवार्य है।

श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज (माननीय प्रेसिडेंट) ने भी इस सफल आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मानसिक और भावनात्मक विकास का मंच
डीन, स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. (डॉ.) मालविका सती कांडपाल ने जानकारी दी कि इस ‘सांस्कृतिक सप्ताह’ के दौरान छात्रों की रिकॉर्ड सहभागिता रही। उन्होंने इसे छात्रों के मानसिक और भावनात्मक विकास के लिए एक ‘अनिवार्य ऊर्जा’ बताया।
कार्यक्रम के सफल संचालन में सांस्कृतिक समिति की चेयरपर्सन डॉ. प्रिया पांडे, चीफ प्रॉक्टर डॉ. गणराजन सहित विभिन्न स्कूलों के डीन और विभागाध्यक्षों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
