ऊर्जा क्षेत्र में सुदृढ़ीकरण की कवायद: यूपीसीएल प्रबंध निदेशक का कुमाऊँ दौरा; राजस्व वसूली और स्मार्ट मीटरिंग पर कड़े निर्देश
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ऊर्जा क्षेत्र में सुदृढ़ीकरण की कवायद: यूपीसीएल प्रबंध निदेशक का कुमाऊँ दौरा; राजस्व वसूली और स्मार्ट मीटरिंग पर कड़े निर्देश
बनबसा/रुद्रपुर, 07 फरवरी 2026। उत्तराखण्ड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (UPCL) के प्रबंध निदेशक ने आज कुमाऊँ क्षेत्र के दो दिवसीय दौरे के दौरान विद्युत व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की। दौरे की शुरुआत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में एनएचपीसी बनबसा गेस्ट हाउस में आयोजित ‘बजट पूर्व संवाद’ बैठक से हुई, जिसमें प्रबंध निदेशक ने विभाग की भविष्य की योजनाओं और आर्थिक सुदृढ़ीकरण का खाका प्रस्तुत किया।
राजस्व वसूली में कोताही बर्दाश्त नहीं: एमडी के कड़े तेवर
बनबसा की बैठक के बाद प्रबंध निदेशक ने काशीपुर मंडल और रुद्रपुर जोन के अधिकारियों के साथ गहन समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता जितनी महत्वपूर्ण है, विभाग की आर्थिक सेहत भी उतनी ही जरूरी है।
- लक्ष्य: शत-प्रतिशत राजस्व वसूली।
- निर्देश: एन.बी. (New Billing), एस.बी. (Stop Billing) और आई.डी.एफ. (Identified Defective) मामलों का समयबद्ध निस्तारण।
- अभियान: फील्ड स्तर पर लंबित बिलों की वसूली के लिए सघन अभियान चलाने के आदेश दिए गए।
स्मार्ट मीटरिंग और लाइन लॉस पर फोकस
प्रबंध निदेशक ने केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी स्मार्ट मीटरिंग परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि इस परियोजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए ताकि उपभोक्ताओं को पारदर्शी बिलिंग का लाभ मिल सके। साथ ही, लाइन लॉस (विद्युत चोरी एवं तकनीकी हानि) को कम करने के लिए तकनीकी सुधारों पर बल दिया गया।
‘ग्राउंड जीरो’ पर स्थलीय निरीक्षण
केवल दफ्तरों तक सीमित न रहते हुए, प्रबंध निदेशक ने उपसंस्थानों और फीडरों का स्थलीय निरीक्षण भी किया। उन्होंने मौके पर ही समस्याओं को समझा और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुधार केवल कागजों पर नहीं, बल्कि उपभोक्ता के घर की बिजली में दिखना चाहिए।
