Nepal General Election 2026: नेपाल में लोकतंत्र का महाकुंभ, 275 सीटों के लिए मतदान शुरू, युवाओं के हाथ में सत्ता की चाबी
1 min read


Nepal General Election 2026: नेपाल में लोकतंत्र का महाकुंभ, 275 सीटों के लिए मतदान शुरू, युवाओं के हाथ में सत्ता की चाबी
काठमांडू | 05 मार्च, 2026 पड़ोसी देश नेपाल में आज एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत हो रही है। भारी सुरक्षा व्यवस्था और उत्साह के बीच नेपाल आम चुनाव 2026 (Nepal Elections) के लिए मतदान की प्रक्रिया सुबह 7 बजे से शुरू हो गई है। देश की 1.9 करोड़ जनता आज अपनी नई संसद (प्रतिनिधि सभा) और सात प्रांतीय विधानसभाओं के लिए वोट डाल रही है।
यह चुनाव नेपाल के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले साल हुई राजनीतिक अस्थिरता और जन-आंदोलन के बाद यह पहला बड़ा लोकतांत्रिक परीक्षण है।
चुनाव का गणित: 275 सीटों पर कड़ा मुकाबला
नेपाल निर्वाचन आयोग के अनुसार, आज प्रतिनिधि सभा की कुल 275 सीटों के लिए वोटिंग हो रही है।
- 165 सीटें: ‘फर्स्ट पास्ट द पोस्ट’ (FPTP) प्रणाली यानी सीधे चुनाव के जरिए भरी जाएंगी।
- 110 सीटें: समानुपातिक प्रतिनिधित्व (Proportional Representation) प्रणाली से तय होंगी।
- 7 प्रांतीय विधानसभाएं: इनके लिए भी आज ही मतदान संपन्न होगा।
मुख्य चेहरे: बालेन शाह बनाम के.पी. शर्मा ओली
इस बार का चुनाव पारंपरिक राजनीति से हटकर ‘युवा बनाम अनुभव’ के बीच सिमट गया है।
- के.पी. शर्मा ओली (CPN-UML): पूर्व प्रधानमंत्री ओली एक बार फिर सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहे हैं। उनका मुख्य मुद्दा ‘राष्ट्रवाद और स्थिरता’ है।
- बालेन शाह (राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी): काठमांडू के पूर्व मेयर और युवाओं के चहेते बालेन शाह इस चुनाव के सबसे बड़े ‘किंगमेकर’ माने जा रहे हैं। उनकी पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े रुख के साथ मैदान में है।
- गगन थापा (नेपाली कांग्रेस): नेपाली कांग्रेस के युवा चेहरे गगन थापा खुद को भावी प्रधानमंत्री के रूप में पेश कर रहे हैं, जो बदलाव की राजनीति की बात कर रहे हैं।
क्या हैं नेपाल चुनाव 2026 के बड़े मुद्दे?
सर्च इंजन और स्थानीय सर्वे के अनुसार, नेपाली जनता इस बार इन तीन मुद्दों पर सबसे ज्यादा ध्यान दे रही है:
- भ्रष्टाचार का खात्मा: पिछले कुछ वर्षों में उभरे बड़े घोटालों ने जनता में रोष पैदा किया है।
- बेरोजगारी और पलायन: युवाओं का खाड़ी देशों की ओर पलायन रोकना एक बड़ी चुनौती है।
- आर्थिक संकट: महंगाई और विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है।
भारी सुरक्षा और भारत-नेपाल सीमा पर हलचल
मतदान को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरे नेपाल में 3 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी (नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और सेना) तैनात किए गए हैं। सुरक्षा कारणों से भारत-नेपाल सीमा को अगले 72 घंटों के लिए सील कर दिया गया है, ताकि किसी भी तरह की अवांछित गतिविधि को रोका जा सके।
एक्सपर्ट व्यू: राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार ‘त्रिशंकु संसद’ (Hung Parliament) की स्थिति बन सकती है, जहाँ छोटे दल सरकार बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
