गाजीपुर: नगर पंचायत बहादुरगंज में फिर ‘प्रशासक’ राज, अध्यक्ष के फरार होने पर डीएम का बड़ा एक्शन
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गाजीपुर: नगर पंचायत बहादुरगंज में फिर ‘प्रशासक’ राज, अध्यक्ष के फरार होने पर डीएम का बड़ा एक्शन
अकील अहमद
बहादुरगंज (गाजीपुर): नगर पंचायत बहादुरगंज में पिछले कई दिनों से चल रहे गतिरोध और प्रशासनिक अनिश्चितता पर आखिरकार जिलाधिकारी गाजीपुर ने विराम लगा दिया है। कर्मचारियों के वेतन संकट और अध्यक्ष की अनुपस्थिति के कारण ठप पड़े विकास कार्यों को देखते हुए जिले के आला अधिकारियों ने एक बार फिर यहाँ प्रशासक की नियुक्ति कर दी है। इस फैसले के बाद कर्मचारियों और स्थानीय जनता ने राहत की सांस ली है।
हड़ताल की चेतावनी और कर्मचारियों का आक्रोश
बहादुरगंज नगर पंचायत के कर्मचारियों के सामने पिछले दो महीनों से आर्थिक संकट गहराया हुआ था। वेतन न मिलने के कारण कर्मचारी भुखमरी की कगार पर थे। कर्मचारियों ने अधिशासी अधिकारी (EO) को बाकायदा चेतावनी दी थी कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनका बकाया मानदेय और वेतन जारी नहीं किया गया, तो वे सामूहिक हड़ताल पर चले जाएंगे।
अपनी चेतावनी के अनुरूप, तय समय सीमा बीतने के बाद कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया और हड़ताल पर चले गए। इस दौरान उन्होंने उप जिलाधिकारी (SDM) कासिमाबाद को एक पत्रक सौंपकर अपनी व्यथा सुनाई और जल्द से जल्द वेतन निर्गत करने की गुहार लगाई।
अध्यक्ष रियाज अहमद अंसारी की फरारी बनी बाधा
प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार, नगर पंचायत के कार्यों में सबसे बड़ी बाधा अध्यक्ष रियाज अहमद अंसारी का निरंतर फरार होना रहा। अध्यक्ष के गायब रहने के कारण चेक पर हस्ताक्षर और अन्य महत्वपूर्ण वित्तीय स्वीकृतियां अटक गई थीं।
SDM कासिमाबाद लोकेश कुमार ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी गाजीपुर को सौंपी। इस रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि अध्यक्ष की अनुपस्थिति के कारण न केवल कर्मचारियों का वेतन रुका है, बल्कि आम जनता के रोजमर्रा के काम और नगर के विकास कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
जिलाधिकारी का त्वरित निर्णय और प्रशासक की नियुक्ति
एसडीएम की रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी गाजीपुर ने जनहित और कर्मचारी हित में कड़ा फैसला लिया। उन्होंने नगर पंचायत बहादुरगंज में पुनः प्रशासक नियुक्त करने के आदेश जारी कर दिए।
इस नियुक्ति के साथ ही अब वेतन भुगतान और रुके हुए कार्यों के निपटारे का रास्ता साफ हो गया है। जिलाधिकारी के इस कदम की आम जनमानस में व्यापक सराहना हो रही है। लोगों का मानना है कि इस निर्णय से नगर में व्याप्त अराजकता खत्म होगी और सफाई, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं फिर से सुचारू हो सकेंगी।
जनता में हर्ष, अब वेतन का इंतज़ार
प्रशासक की नियुक्ति की खबर सुनते ही नगर पंचायत के कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई। हालांकि, अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकारी फाइलें कितनी तेजी से घूमती हैं और कर्मचारियों के खातों में उनका रुका हुआ वेतन कब तक पहुंचता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बहादुरगंज के विकास के लिए एक सक्रिय नेतृत्व की आवश्यकता थी, जो अध्यक्ष की फरारी के कारण संभव नहीं हो पा रहा था। अब प्रशासक के आने से उम्मीद जगी है कि पेंडिंग फाइलों का जल्द निस्तारण होगा।
