UP Municipal Election: यूपी के नगर निकायों में नामित पार्षदों की लिस्ट जारी, लखनऊ समेत 17 नगर निगमों को मिले 170 नए सदस्य
1 min read


UP Municipal Election: यूपी के नगर निकायों में नामित पार्षदों की लिस्ट जारी, लखनऊ समेत 17 नगर निगमों को मिले 170 नए सदस्य
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने निकाय चुनावों के बाद अब नगर निकायों में मनोनीत होने वाले पार्षदों के नामों का ऐलान कर दिया है। शासन द्वारा जारी इस सूची के साथ ही लखनऊ समेत प्रदेश के सभी 17 नगर निगमों, 200 नगर पालिका परिषदों और 544 नगर पंचायतों में रिक्त चल रहे नामित पदों को भर दिया गया है। नगर विकास विभाग की इस घोषणा के बाद कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।




17 नगर निगमों में 170 पार्षदों की नियुक्ति
नगर विकास विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, प्रदेश के सभी 17 नगर निगमों के लिए कुल 170 नामित पार्षद बनाए गए हैं। सरकार ने प्रत्येक नगर निगम से 10-10 सदस्यों की सूची जारी की है। इन नगर निगमों में निम्नलिखित प्रमुख शहर शामिल हैं:
- लखनऊ, आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, मथुरा-वृंदावन, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, सहारनपुर, शाहजहांपुर और वाराणसी।
इन नामित पार्षदों की नियुक्ति से नगर निगम के सदन की कार्यवाही और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है।
नगर पालिका और नगर पंचायतों का गणित
सिर्फ बड़े शहरों ही नहीं, बल्कि छोटे कस्बों और मझोले शहरों के निकायों में भी नियुक्तियां की गई हैं:
- नगर पालिका परिषद: प्रदेश की 200 नगर पालिका परिषदों में कुल 1000 सदस्यों के नामों पर मुहर लगी है। अधिनियम के अनुसार, प्रत्येक नगर पालिका से 5-5 सदस्यों को नामित किया गया है।
- नगर पंचायत: प्रदेश की 544 नगर पंचायतों में कुल 1632 सदस्यों की नियुक्ति की गई है। नगर पालिका अधिनियम 1916 के प्रावधानों के तहत, प्रत्येक नगर पंचायत से 3-3 सदस्य नामित किए गए हैं।
अधिनियम और अधिकारों की भूमिका
नगर पालिका अधिनियम 1916 के तहत इन नामित पार्षदों की नियुक्ति की जाती है। हालांकि, नामित पार्षदों को सदन में वोट डालने का अधिकार नहीं होता, लेकिन वे नगर के विकास से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रख सकते हैं और कमेटियों का हिस्सा बनकर विकास कार्यों की निगरानी कर सकते हैं।
शासन का मानना है कि इन नियुक्तियों से स्थानीय प्रशासन और जनता के बीच का संवाद और बेहतर होगा। विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहाँ निर्वाचित प्रतिनिधियों के अलावा अनुभवी सामाजिक कार्यकर्ताओं की राय की आवश्यकता होती है, वहां ये नामित सदस्य सेतु का काम करेंगे।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
इन सूचियों के जारी होने के बाद भाजपा संगठन और कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है, क्योंकि नामित पदों पर अक्सर पार्टी के निष्ठावान और अनुभवी कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाती है। मिशन 2027 से पहले इन नियुक्तियों को संगठन को निचले स्तर तक मजबूत करने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है।
नगर विकास विभाग की इस बड़ी कवायद से निकायों के संचालन में गति आएगी। अब देखना यह होगा कि ये नवनियुक्त सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों और जनता की समस्याओं के समाधान में कितनी प्रभावी भूमिका निभाते हैं।
|
निकाय का प्रकार |
कुल संख्या |
प्रति निकाय नामित सदस्य |
कुल नियुक्तियां |
|---|---|---|---|
|
नगर निगम |
17 |
10 |
170 |
|
नगर पालिका परिषद |
200 |
05 |
1000 |
|
नगर पंचायत |
544 |
03 |
1632 |
