Lucknow Protest: दरोगा भर्ती परीक्षा के ‘ब्राह्मण’ सवाल पर बवाल, लखनऊ में युवक ने डीजल डालकर किया आत्मदाह का प्रयास
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Lucknow Protest: दरोगा भर्ती परीक्षा के ‘ब्राह्मण’ सवाल पर बवाल, लखनऊ में युवक ने डीजल डालकर किया आत्मदाह का प्रयास
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ आज एक आत्मदाह के प्रयास की घटना से दहल उठी। बुलंदशहर के रहने वाले एक युवक दीपक शर्मा ने हुसैनगंज इलाके के एक पेट्रोल पंप पर खुद पर डीजल डालकर जान देने की कोशिश की। यह पूरा मामला उपनिरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा के एक प्रश्न पत्र में ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ पूछी गई कथित अपमानजनक टिप्पणी से जुड़ा है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए युवक को हिरासत में ले लिया है, लेकिन इस घटना ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था और भर्ती बोर्ड की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विवाद की जड़: क्या था वो सवाल?
पूरा विवाद उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा के एक प्रश्न पत्र से शुरू हुआ। आरोप है कि इस परीक्षा में ‘अवसरवादी’ शब्द की व्याख्या या उससे जुड़े एक संदर्भ में ‘पंडित’ या ‘ब्राह्मण’ समुदाय को लेकर आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया था। दीपक शर्मा का दावा है कि यह न केवल एक समुदाय का अपमान है, बल्कि समाज में विद्वेष फैलाने की एक सोची-समझी साजिश है।
दीपक शर्मा ने इस मामले को लेकर दो दिन पहले लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में लिखित तहरीर दी थी। उनकी मांग थी कि जिस भी पैनल या व्यक्ति ने यह प्रश्न पत्र तैयार किया है, उनके खिलाफ धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के आरोप में FIR दर्ज की जाए।
हजरतगंज से हुसैनगंज तक का घटनाक्रम
दीपक शर्मा ने पुलिस प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम दिया था। उनका कहना था कि यदि निर्धारित समय में रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई, तो वह आत्मदाह कर लेंगे।
- अल्टीमेटम की समाप्ति: आज समय सीमा समाप्त होने के बाद जब पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो दीपक शर्मा आक्रोशित हो गए।
- पेट्रोल पंप पर हंगामा: दीपक लखनऊ के एक व्यस्त पेट्रोल पंप पर पहुँचे और अचानक अपने शरीर पर डीजल डालना शुरू कर दिया।
- पुलिस की मुस्तैदी: गनीमत रही कि वहां पास ही में हुसैनगंज पुलिस और एलआईयू की टीम सक्रिय थी। जैसे ही दीपक ने माचिस निकालने की कोशिश की, पुलिसकर्मियों ने उन्हें दबोच लिया।
दीपक शर्मा का कड़ा बयान: “आहुति देने को तैयार हूँ”
पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद दीपक शर्मा ने मीडिया से बात करते हुए अपना कड़ा रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा:
“ब्राह्मण समाज को टारगेट करना और उन्हें अपमानजनक शब्दों से नवाजना अब एक चलन बन गया है। हमने पुलिस को समय दिया था लेकिन उन्होंने कार्रवाई नहीं की। जब तक दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होती, मेरा संघर्ष जारी रहेगा। अगर जरूरत पड़ी तो मैं फिर से आत्मदाह कर अपनी आहुति देने का काम करूँगा।”
पुलिस का पक्ष और वर्तमान स्थिति
हुसैनगंज पुलिस ने दीपक शर्मा को हिरासत में लेकर थाने ले आई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला भर्ती बोर्ड से जुड़ा है, इसलिए इसकी जांच तकनीकी पहलुओं से की जा रही है।
- बुलंदशहर पुलिस से संपर्क: लखनऊ पुलिस दीपक के परिवार और उसके पिछले रिकॉर्ड के बारे में बुलंदशहर पुलिस से जानकारी जुटा रही है।
- भर्ती बोर्ड को सूचना: पुलिस ने संबंधित भर्ती बोर्ड को भी इस विवादित प्रश्न के बारे में अवगत कराया है ताकि स्पष्टीकरण मिल सके।
भर्ती परीक्षाओं में विवादों का पुराना नाता
यह पहली बार नहीं है जब उत्तर प्रदेश में किसी भर्ती परीक्षा के सवाल पर विवाद हुआ हो। इससे पहले भी कई बार जातिगत या धार्मिक संदर्भों को लेकर प्रश्न पत्रों पर उंगलियां उठती रही हैं। जानकारों का मानना है कि परीक्षा पैनल में विशेषज्ञों की कमी या राजनीतिक एजेंडे के कारण ऐसे संवेदनशील सवाल शामिल हो जाते हैं, जो बाद में बड़ी कानून-व्यवस्था की समस्या बन जाते हैं।
