रुद्रप्रयाग DM विशाल मिश्रा को मिली BKTC के मुख्य कार्याधिकारी की कमान
1 min read


रुद्रप्रयाग DM विशाल मिश्रा को मिली BKTC के मुख्य कार्याधिकारी की कमान
देहरादून। उत्तराखंड में आगामी 19 अप्रैल से विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा का आगाज होने जा रहा है। यात्रा की तैयारियों को लेकर जहां एक ओर शासन स्तर पर बैठकों और निरीक्षणों का दौर जारी है, वहीं दूसरी ओर सरकार ने प्रशासनिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। उत्तराखंड शासन ने रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी (DM) विशाल मिश्रा को श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के मुख्य कार्याधिकारी (CEO) की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है।
विजय थपलियाल के तबादले के बाद भरा गया पद
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी का पद रिक्त चल रहा था। हाल ही में सरकार ने तत्कालीन सीईओ विजय थपलियाल का तबादला मंडी परिषद में कर दिया था। यात्रा सीजन के मुहाने पर खड़े राज्य के लिए यह एक बेहद संवेदनशील पद है, जिस पर नियुक्ति को लेकर शासन स्तर पर गहन विचार-विमर्श चल रहा था। आखिरकार, शासन ने रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की कार्यकुशलता पर भरोसा जताते हुए उन्हें यह अहम जिम्मेदारी देने का निर्णय लिया।
प्रशासनिक आदेश और तत्काल प्रभाव
कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग-1 द्वारा जारी आधिकारिक आदेश (संख्या- 222/XXX-1-2026) के अनुसार, संयुक्त सचिव राजेन्द्र सिंह पतियाल ने स्पष्ट किया है कि जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को उनके वर्तमान पदभार के साथ-साथ ‘मुख्य कार्याधिकारी, श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC), देहरादून’ का अतिरिक्त प्रभार तत्काल प्रभाव से प्रदान किया जाता है। आदेश में जिलाधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे अविलंब कार्यभार ग्रहण कर इसकी आख्या शासन को प्रेषित करें।
विशाल मिश्रा के आने से कामकाज में आएगी तेजी
प्रशासनिक गलियारों और मंदिर समिति के भीतर यह माना जा रहा है कि विशाल मिश्रा के सीईओ बनने से मंदिर समिति के अटके हुए कार्यों में गति आएगी। चूंकि केदारनाथ धाम रुद्रप्रयाग जिले के अधिकार क्षेत्र में ही आता है, ऐसे में जिलाधिकारी के पास जिले और मंदिर प्रबंधन, दोनों की कमान होने से समन्वय (Coordination) बेहतर होगा। 19 अप्रैल से शुरू हो रही यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। विशाल मिश्रा के अनुभव का लाभ सीधे तौर पर मंदिर प्रबंधन, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और यात्रा मार्ग की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने में मिलेगा।
चारधाम यात्रा की चुनौतियों के बीच बड़ी जिम्मेदारी
इस वर्ष चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। ऐसे में मंदिर समिति के सामने मुख्य चुनौतियां निम्नलिखित होंगी:
- दर्शन व्यवस्था: भारी भीड़ के बावजूद सुगम और सुरक्षित दर्शन सुनिश्चित करना।
- बुनियादी ढांचा: मंदिर परिसर और पैदल मार्गों पर यात्रियों के लिए पेयजल, स्वास्थ्य और विश्राम की उचित व्यवस्था।
- डिजिटल प्रबंधन: ऑनलाइन पंजीकरण और क्यूआर कोड आधारित प्रवेश व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाना।
महत्वपूर्ण पदों को भेजी गई सूचना
शासन द्वारा जारी इस आदेश की प्रतिलिपि राज्यपाल के सचिव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव, सचिव (धर्मस्व एवं पर्यटन विभाग), गढ़वाल आयुक्त और मंदिर समिति के अध्यक्ष को सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दी गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यात्रा शुरू होने से ठीक तीन सप्ताह पहले लिया गया यह निर्णय मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकता है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नए सीईओ विशाल मिश्रा किस प्रकार केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम की व्यवस्थाओं को नए आयाम देते हैं, ताकि देश-दुनिया से आने वाले भक्तों को एक सुखद अनुभव मिल सके।
