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देवभूमि का डिजिटल डंका: उत्तराखंड श्रम विभाग को मिला राष्ट्रीय ‘गोल्ड’ अवॉर्ड; सीएम धामी के विजन ‘LCCMS’ मॉडल को अब पूरे देश में लागू करेगा केंद्र

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देवभूमि का डिजिटल डंका: उत्तराखंड श्रम विभाग को मिला राष्ट्रीय ‘गोल्ड’ अवॉर्ड; सीएम धामी के विजन ‘LCCMS’ मॉडल को अब पूरे देश में लागू करेगा केंद्र

नई दिल्ली/देहरादून। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘गुड गवर्नेंस’ और ‘डिजिटल इंडिया’ के संकल्प को आज राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित एक गरिमामय समारोह में उत्तराखंड के श्रम विभाग को डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रतिष्ठित SKOCH गोल्ड अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान विशेष रूप से उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (UKBOCW) द्वारा विकसित ‘लेबर सेस कलेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम’ (LCCMS) पोर्टल के लिए दिया गया है।

राष्ट्रीय मंच पर उत्तराखंड का गौरव

​SKOCH ग्रुप द्वारा आयोजित इस समारोह में उत्तराखंड के श्रम आयुक्त और UKBOCW के सचिव पी.सी. दुमका ने यह प्रतिष्ठित पुरस्कार ग्रहण किया। डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में इसे देश के सबसे बड़े सम्मानों में से एक माना जाता है। उत्तराखंड के इस नवाचार ने यह सिद्ध कर दिया है कि हिमालयी राज्य तकनीक के उपयोग में बड़े राज्यों को पछाड़ने की क्षमता रखते हैं।

क्या है LCCMS पोर्टल और क्यों मिली सफलता?

​श्रम विभाग द्वारा विकसित LCCMS पोर्टल ने पारंपरिक और जटिल मैनुअल प्रणाली को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। इसकी प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:​पारदर्शिता और जवाबदेही: लेबर सेस (श्रम उपकर) की वसूली में होने वाली मानवीय चूक और भ्रष्टाचार की गुंजाइश को इस पोर्टल ने शून्य कर दिया है।​ऑनलाइन कार्यप्रणाली: अब निर्माण कार्यों से जुड़े सेस का कलेक्शन पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से होता है, जिससे राजस्व की चोरी रुकी है।​दक्षता में वृद्धि: पोर्टल के माध्यम से प्राप्त होने वाले डेटा का उपयोग श्रमिक कल्याण योजनाओं को सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुँचाने में किया जा रहा है।

केंद्र सरकार बनाएगी इसे ‘नेशनल मॉडल’

​उत्तराखंड की इस उपलब्धि की गूँज अब दिल्ली के गलियारों में भी सुनाई दे रही है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने उत्तराखंड के इस LCCMS मॉडल की सफलता को देखते हुए इसे अन्य राज्यों के लिए भी एक ‘आदर्श मॉडल’ के रूप में अपनाने के निर्देश दिए हैं। यह पहला मौका है जब उत्तराखंड के किसी विभागीय डिजिटल पोर्टल को केंद्र ने राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने योग्य माना है।

मुख्यमंत्री धामी के ‘स्मार्ट गवर्नेंस’ का परिणाम

​श्रम आयुक्त पी.सी. दुमका ने इस उपलब्धि का श्रेय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व को दिया। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री जी ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि विभाग को तकनीक के माध्यम से पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाए। उन्हीं के मार्गदर्शन में हमने एक ऐसी प्रणाली विकसित की जो आज सुशासन का सफल उदाहरण बन चुकी है।” मुख्यमंत्री ने स्वयं इस पहल की मॉनिटरिंग की थी ताकि श्रमिकों के हक का पैसा बिना किसी बिचौलिए के सही जगह पहुँच सके।

श्रमिक कल्याण की दिशा में नई मिसाल

​उत्तराखंड श्रम विभाग की यह जीत केवल एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि उन हजारों निर्माण श्रमिकों के लिए उम्मीद की किरण है, जिनके कल्याण के लिए सेस का पैसा एकत्रित किया जाता है। इस पोर्टल की सफलता से अब कल्याणकारी योजनाओं का बजट समय पर और सही मात्रा में उपलब्ध हो सकेगा।

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