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उर्वरक बीज व्यापार सेवा समिति का प्रदेशव्यापी बंद कल, गाजीपुर में भी ठप रहेगा कारोबार

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उर्वरक बीज व्यापार सेवा समिति का प्रदेशव्यापी बंद कल, गाजीपुर में भी ठप रहेगा कारोबार

गाजीपुर। उत्तर प्रदेश के उर्वरक और बीज व्यापारियों ने सरकार की नीतियों और व्यापारिक विसंगतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उर्वरक बीज व्यापार सेवा समिति के आह्वान पर कल, यानी सोमवार को पूरे प्रदेश में व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। इसी क्रम में गाजीपुर के जिला अध्यक्ष संतोष कुशवाहा ने जिले के समस्त व्यापारियों से अपनी दुकानें बंद रख इस आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है।

प्रमुख मांगें और व्यापारियों का आक्रोश

​समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार द्वारा लागू किए जा रहे नए नियमों से न केवल व्यापारियों का दम घुट रहा है, बल्कि इसका सीधा नकारात्मक असर किसानों पर भी पड़ रहा है।

टैगिंग पर पूर्ण रोक की मांग: जिला अध्यक्ष संतोष कुशवाहा ने स्पष्ट किया कि उर्वरक (खाद) के साथ अन्य उत्पादों की जबरन टैगिंग (लेवी) की जा रही है। कंपनियों द्वारा यूरिया या डीएपी के साथ अनावश्यक उत्पाद व्यापारियों पर थोपे जाते हैं, जिसे आगे किसानों को बेचना पड़ता है। उन्होंने मांग की है कि इस ‘टैगिंग’ को तत्काल बंद किया जाए।​निर्धारित दर पर उपलब्धता: संगठन के महामंत्री विनोद पटेल ने मांग उठाई है कि डीएपी और यूरिया जैसे महत्वपूर्ण उर्वरक, सरकार द्वारा तय किए गए मूल्य पर ही रिटेलर की दुकानों तक पहुंचाए जाएं। अक्सर थोक रेट और परिवहन खर्च के कारण रिटेलर को सरकार द्वारा तय एमआरपी (MRP) पर बेचना घाटे का सौदा साबित हो रहा है।

प्रशासनिक स्तर पर दी गई सूचना

​व्यापारियों का यह आंदोलन केवल सड़कों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे विधिवत तरीके से शासन तक पहुँचाया गया है। समिति ने अपनी मांगों और बंद के निर्णय की प्रतिलिपि निम्नलिखित उच्चाधिकारियों को प्रेषित की है:​शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय कृषि मंत्री, भारत सरकार।​योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश।कृषि मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार।

किसानों और आम जनजीवन पर असर

​कल होने वाले इस बंद से खेती-किसानी के कार्यों पर प्रभाव पड़ने की आशंका है। चूंकि वर्तमान समय में खाद और बीज की मांग चरम पर रहती है, ऐसे में दुकानों के बंद रहने से किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

हालांकि, व्यापारियों का तर्क है कि यह लड़ाई अंततः किसानों के हित में है, क्योंकि टैगिंग हटने से किसानों पर फालतू उत्पादों का आर्थिक बोझ कम होगा।​”सरकार के जटिल नियमों और कंपनियों की मनमानी ने व्यापारियों के सामने संकट खड़ा कर दिया है। जब तक हमारी न्यायोचित मांगें पूरी नहीं होतीं, यह संघर्ष जारी रहेगा।”संतोष कुशवाहा, जिला अध्यक्ष

​गाजीपुर के बहादुरगंज सहित सभी प्रमुख बाजारों में इस बंद का व्यापक असर दिखने की उम्मीद है। पुलिस और प्रशासन भी कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अलर्ट मोड पर है।

रिपोर्ट: अकील अहमद, बहादुरगंज, गाजीपुर

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