South Asia 24×7 का मतलब पक्की खबर, देश और जहान की ताजातरीन खबरें,पत्रकारिता की नई आधारशिला, निष्पक्षता और पारदर्शिता अब, South Asia 24×7 पर खबर ग्राउंड जीरो से, मंझे हुए संवाददाताओं के साथ,हर जन मुद्दे पर, सीधा सवाल सरकार से ,सिर्फ South Asia 24 ×7 पर,पत्रकारिता की मजबूती के लिए जुड़िए हमारे साथ, South Asia 24×7 के यूट्यूब चैनल,फेसबुक और ट्विटर पर क्योंकि हम करते है बात मुद्दे की

South Asia24x7

Hindi News, Breaking News in Hindi, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi,South Asia24x7

चारधाम यात्रा में नहीं होगी ईंधन की कमी: मुख्यमंत्री धामी ने केंद्र से माँगी 100% एलपीजी आपूर्ति और 5% अतिरिक्त कोटा

1 min read

चारधाम यात्रा में नहीं होगी ईंधन की कमी: मुख्यमंत्री धामी ने केंद्र से माँगी 100% एलपीजी आपूर्ति और 5% अतिरिक्त कोटा

नई दिल्ली/देहरादून। उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित और निर्बाध बनाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली के ‘कर्तव्य भवन’ में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी से महत्वपूर्ण भेंट की। मुख्यमंत्री ने राज्य की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों और आपदा संवेदनशीलता को देखते हुए चारधाम यात्रा अवधि के दौरान व्यावसायिक एलपीजी (LPG) सिलेंडरों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का पुरजोर आग्रह किया।

चारधाम यात्रा: उत्तराखंड की आर्थिकी और आस्था का आधार

​मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से पर्यटन और तीर्थाटन पर टिकी है। प्रतिवर्ष अप्रैल से नवंबर तक चलने वाली चारधाम यात्रा में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु देवभूमि पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की इस भारी आमद के कारण राज्य में व्यावसायिक एलपीजी की मांग में अप्रत्याशित वृद्धि होती है।

​मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यात्रा सीजन के दौरान राज्य को लगभग 9,67,949 व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की नितांत आवश्यकता होती है। उन्होंने अनुरोध किया कि इस आपूर्ति को 100 प्रतिशत बनाए रखा जाए ताकि पर्यटन उद्योग और स्थानीय व्यापारियों को किसी भी प्रकार की किल्लत का सामना न करना पड़े।

आपदा प्रबंधन के लिए 5% अतिरिक्त आवंटन की मांग

​उत्तराखंड के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में मानसून के दौरान आने वाली चुनौतियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने एक दूरदर्शी प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि जून से सितंबर के मध्य राज्य को अक्सर प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है। ऐसी स्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों, विशेषकर दुर्गम क्षेत्रों में फंसे लोगों के लिए भोजन और ऊर्जा की व्यवस्था में एलपीजी की भूमिका जीवनरक्षक बन जाती है।

इस परिप्रेक्ष्य में मुख्यमंत्री ने निम्नलिखित प्रस्ताव दिए:अतिरिक्त आवंटन: सामान्य कोटे के अलावा, आपदा प्रबंधन हेतु व्यावसायिक सिलेंडरों का 5 प्रतिशत (लगभग 48,397 सिलेंडर) अतिरिक्त आवंटन किया जाए।त्वरित राहत: यह अतिरिक्त भंडार आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों के प्रभावी और त्वरित क्रियान्वयन में सहायक सिद्ध होगा।

सांस्कृतिक पहचान और आर्थिक विकास का संगम

​भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि चारधाम यात्रा न केवल उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान है, बल्कि यह लाखों परिवारों के रोजगार का जरिया भी है। यात्रा मार्ग पर स्थित होटलों, होमस्टे और ढाबों के संचालन के लिए गैस की उपलब्धता अनिवार्य है। यदि आपूर्ति में किसी भी प्रकार की कटौती होती है, तो इसका सीधा असर राज्य की छवि और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ेगा।

केंद्र सरकार का सकारात्मक रुख

​केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी ने मुख्यमंत्री द्वारा उठाए गए विषयों को गंभीरता से सुना। उन्होंने उत्तराखंड के विषम भौगोलिक स्वरूप और चारधाम यात्रा के राष्ट्रीय महत्व को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री के सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार उत्तराखंड के विकास और वहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

​मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की यह पहल दर्शाती है कि राज्य सरकार आगामी यात्रा सीजन और संभावित आपदाओं के लिए पहले से ही ‘अलर्ट मोड’ पर है। ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित होने से न केवल चारधाम यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि आपदा की स्थिति में भी प्रशासन अधिक मुस्तैदी से कार्य कर सकेगा। मुख्यमंत्री की इस सक्रियता से उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्र और स्थानीय व्यापारियों में विश्वास की नई लहर दौड़ी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!