कौशलम एक्सपो 2026: उद्यमी शिक्षिका लखी नेगी सम्मानित, DIET पौड़ी में गूंजी नवाचार की गूंज
1 min read


कौशलम एक्सपो 2026: उद्यमी शिक्षिका लखी नेगी सम्मानित, DIET पौड़ी में गूंजी नवाचार की गूंज
पौड़ी गढ़वाल: शिक्षा के गिरते स्तर को सुधारने और शिक्षकों को आधुनिक युग की चुनौतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET), पौड़ी गढ़वाल में ‘कौशलम कार्यक्रम’ के अंतर्गत एक दिवसीय ‘जिला स्तरीय कौशलम एक्सपो 2026’ का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नवाचारी प्रयासों के लिए राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चोपताखाल की सहायक अध्यापिका लखी रावत (नेगी) को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

लखी नेगी को मिला ‘उद्यमशील शिक्षिका’ का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन और शिक्षण में नए प्रयोगों को अपनाने के लिए लखी नेगी को ‘उद्यमशील शिक्षिका’ के सम्मान से नवाजा गया। इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मंच शिक्षकों के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं और उन्हें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का अहसास कराते हैं।

शिक्षकों की कार्यकुशलता पर फोकस
’कौशलम’ कार्यक्रम का मुख्य एजेंडा शिक्षकों की कार्यकुशलता (Efficiency) को बढ़ाना है। एक्सपो में इस बात पर गहन विचार-मंथन किया गया कि वर्तमान दौर में शिक्षक अपनी सेवाओं को और बेहतर कैसे बना सकते हैं।ट्रेनिंग और अपडेट: शिक्षकों को आधुनिक तकनीक और शिक्षण पद्धतियों का प्रशिक्षण दिया गया।वैश्विक मानक: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे बदलावों से शिक्षकों को रूबरू कराया गया।नवाचार का आदान-प्रदान: बेहतर कार्य करने वाले शिक्षकों के अनुभवों को अन्य शिक्षकों के साथ साझा किया गया।
बदलते दौर की मांग: प्रशिक्षण और नवाचार
सम्मानित शिक्षिका लखी नेगी का कहना है कि आज का दौर तेजी से बदल रहा है। शिक्षकों को केवल किताबों तक सीमित रहने के बजाय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे नवाचारों को समझना होगा। उन्होंने कहा:“शिक्षकों के लिए समय-समय पर ट्रेनिंग लेना अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के अन्य जनपदों में भी इस तरह के आयोजन किए जा रहे हैं, जो शिक्षा के मापदंडों को वैश्विक स्तर पर ले जाने की एक सराहनीय कोशिश है।”
छात्रों के भविष्य के लिए नई पहल
कौशलम कार्यक्रम का सीधा लाभ उत्तराखंड के छात्र-छात्राओं को मिलेगा। जब शिक्षक स्वयं प्रशिक्षित और नई ऊर्जा से भरे होंगे, तो वे छात्रों को बेहतर और कौशल-आधारित शिक्षा दे पाएंगे। राज्य सरकार का यह प्रयास 1966 के शिक्षा सुधारों की मूल भावना को नए स्वरूप में पेश करता है, जहाँ नवाचार ही शिक्षा का आधार है।
DIET पौड़ी में आयोजित इस एक्सपो ने यह साबित कर दिया है कि ‘कौशलम कार्यक्रम’ भविष्य में भी शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। शिक्षकों में रुचि पैदा करना और उन्हें संसाधनों से लैस करना ही एक बेहतर शैक्षिक भविष्य की नींव है। लखी नेगी जैसे शिक्षकों का सम्मान अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।
