उत्तराखंड में खेल संस्कृति को मिलेगी नई धार: आरके सुधांशु प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री से मिलीं ओलंपिक पदक विजेता मैरीकॉम, कॉर्पोरेट सहयोग से युवाओं को तराशने पर बनी रणनीति
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उत्तराखंड में खेल संस्कृति को मिलेगी नई धार: आरके सुधांशु प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री से मिलीं ओलंपिक पदक विजेता मैरीकॉम, कॉर्पोरेट सहयोग से युवाओं को तराशने पर बनी रणनीति
देहरादून, 11 जून, 2026: उत्तराखंड को खेल और खिलाड़ियों के अंतरराष्ट्रीय हब के रूप में विकसित करने की दिशा में गुरुवार को राजधानी देहरादून में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु से मुख्यमंत्री कार्यालय में ओलंपिक पदक विजेता, विश्व विख्यात मुक्केबाज और पूर्व राज्यसभा सदस्य पद्म विभूषण मैरीकॉम ने शिष्टाचार भेंट की। इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान उत्तराखंड के युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने, उनकी खेल प्रतिभाओं को निखारने तथा राज्य में एक मजबूत खेल पारिस्थितिकी तंत्र (स्पोर्ट्स इकोसिस्टम) तैयार करने को लेकर विस्तृत और सार्थक चर्चा हुई।

कॉर्पोरेट और गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के सहयोग पर जोर
बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु खेल क्षेत्र में निजी और कॉर्पोरेट निवेश को बढ़ावा देना रहा। चर्चा के दौरान इस बात पर विशेष बल दिया गया कि केवल सरकारी प्रयासों के भरोसे रहने के बजाय कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) और देश-विदेश के प्रतिष्ठित गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के सहयोग से खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाए।
मैरीकॉम और प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु के बीच हुई इस बातचीत में यह सहमति बनी कि यदि कॉर्पोरेट जगत का सहयोग उत्तराखंड के सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों तक पहुंचे, तो वहां छुपी हुई खेल प्रतिभाओं को वैश्विक मंच पर लाया जा सकता है। इसके तहत राज्य के युवाओं को प्रोत्साहित करने और उनके कौशल विकास के लिए विभिन्न संभावनाओं को धरातल पर उतारने की रणनीति पर विचार किया गया।
मुख्यमंत्री के विजन ‘खेलो उत्तराखंड’ को धरातल पर उतारने की तैयारी
प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु ने बैठक में कहा कि माननीय मुख्यमंत्री का विजन उत्तराखंड के युवाओं को देश की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का है। मुख्यमंत्री की इसी सोच के अनुरूप, राज्य सरकार युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं, विश्वस्तरीय प्रशिक्षण (कोचिंग) और सही अवसर उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इस रणनीति के तहत राज्य में एक ऐसी मजबूत खेल संस्कृति का निर्माण किया जा रहा है, जिससे न केवल युवा नशे और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर खेलों के प्रति प्रेरित होंगे, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन कर सकेंगे। मैरीकॉम ने भी इस विजन की सराहना की और उत्तराखंड के युवाओं में छुपी शारीरिक क्षमता और जुझारू प्रवृत्ति को खेल के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट बताया।
पर्वतीय क्षेत्रों के खिलाड़ियों को मिलेंगे अंतरराष्ट्रीय अवसर
चर्चा के दौरान इस बात पर विशेष ध्यान आकर्षित किया गया कि उत्तराखंड के ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों के युवाओं में स्वाभाविक रूप से स्टेमिना और ताकत होती है, जो मुक्केबाजी, एथलेटिक्स और अन्य खेलों के लिए बेहद अनुकूल है। कमी केवल आधुनिक ट्रेनिंग और सही गाइडेंस की है।
मैरीकॉम ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए सुझाव दिए कि कैसे जमीनी स्तर (ग्रासरूट लेवल) पर खेल अकादमियों की स्थापना और समय-समय पर टैलेंट हंट कार्यक्रमों के जरिए प्रतिभाओं की पहचान की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सही उम्र में अगर खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं और एक्पोजर मिले, तो उत्तराखंड से कई और ओलंपिक पदक विजेता निकल सकते हैं।
बैठक में उच्चाधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
खेलों के विकास के इस महामंथन के दौरान खेल विभाग और मुख्यमंत्री सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। इस महत्वपूर्ण अवसर पर सचिव रणवीर सिंह, खेल निदेशक दीप्ती सिंह एवं अपर सचिव मुख्यमंत्री मनमोहन मैनाली मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
खेल निदेशक और सचिव ने राज्य में वर्तमान में चल रही खेल योजनाओं और बुनियादी ढांचे की प्रगति के बारे में जानकारी साझा की। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि मैरीकॉम जैसी वैश्विक खेल हस्ती के अनुभवों और सुझावों का लाभ उठाकर उत्तराखंड जल्द ही खेल के मानचित्र पर एक अग्रणी राज्य बनकर उभरेगा। यह भेंट आने वाले समय में राज्य की खेल नीति और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है।
