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उत्तराखण्ड एससी/एसटी एम्प्लाइज फेडरेशन का प्रान्तीय अधिवेशन संपन्न: पदोन्न्ति में आरक्षण की माँग, गढ़वाल मण्डल कार्यकारिणी गठित

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उत्तराखण्ड एससी/एसटी एम्प्लाइज फेडरेशन का प्रान्तीय अधिवेशन संपन्न: पदोन्न्ति में आरक्षण की माँग, गढ़वाल मण्डल कार्यकारिणी गठित

​देहरादून, 14 जून 2026: उत्तराखण्ड एससी/एसटी एम्प्लाइज फेडरेशन के तत्वावधान में आज ऑफिसर्स ट्रांजिट हॉस्टल, रेसकोर्स, देहरादून के सभागार में एक दिवसीय प्रान्तीय अधिवेशन का आयोजन किया गया। यह महत्वपूर्ण अधिवेशन दो वैचारिक व संगठनात्मक सत्रों में संपन्न हुआ, जिसमें प्रदेश भर से आए विभागीय कर्मचारियों, कर्मचारी नेताओं और सामाजिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। अधिवेशन में मुख्य रूप से राजकीय सेवाओं की पदोन्नति में आरक्षण को बहाल करने तथा अनुसूचित जाति (SC) व अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए आगामी रणनीति पर गहन मंथन किया गया।
​प्रथम सत्र: पदोन्न्ति में आरक्षण की गूँज और इरशाद आयोग की रिपोर्ट पर आर-पार की माँग
​अधिवेशन के प्रथम सत्र की शुरुआत देश के महान नीति-निर्माताओं और महापुरुषों को याद करते हुए की गई। इस सत्र का मुख्य एजेंडा उत्तराखण्ड के सरकारी विभागों में पदोन्नति में आरक्षण की स्थिति और कर्मचारियों के अधिकारों का हनन रहा। मंच से बोलते हुए तमाम वक्ताओं ने एक सुर में उत्तराखण्ड सरकार के खिलाफ तीखे तेवर अपनाए। बैठक में मौजूद सभी वक्ताओं ने सरकार से पुरजोर माँग की कि माननीय इरशाद आयोग की रिपोर्ट को अविलंब विधान सभा सदन के पटल पर पेश किया जाए। वक्ताओं ने कहा कि इस रिपोर्ट पर सदन के भीतर व्यापक और खुली चर्चा होनी चाहिए ताकि एससी/एसटी कर्मचारियों के साथ हो रहे प्रशासनिक सौतेले व्यवहार का सच सामने आ सके। फेडरेशन ने चेतावनी दी कि सरकार इस संवेदनशील विषय पर टालमटोल की नीति बंद करे और तत्काल ठोस व सकारात्मक निर्णय लेकर आरक्षण व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करे।
​इस सत्र के दौरान समस्त प्रान्तीय कार्यकारिणी और वक्ताओं ने राज्य के भीतर सरकारी नौकरियों और पदोन्नति में एससी/एसटी वर्ग की लगातार की जा रही उपेक्षा पर गहरी चिंता और भारी आक्रोश व्यक्त किया। वक्ताओं का कहना था कि यदि कर्मचारियों के संवैधानिक अधिकारों से इसी तरह खिलवाड़ होता रहा, तो संगठन सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए विवश होगा। इस गरिमामयी अधिवेशन की अध्यक्षता फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रघुवीर सिंह तोमर ने की। उन्होंने संगठन की मजबूती और एकजुटता पर बल दिया। कार्यक्रम का कुशल व सफल संचालन प्रदेश महासचिव इं. सुनील सिंह द्वारा किया गया।
​इस अधिवेशन में क्षेत्र के लोकप्रिय माननीय विधायक मुन्ना सिंह चौहान को मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करनी थी, परंतु कुछ अपरिहार्य और आकस्मिक कारणों के चलते वे कार्यक्रम में नहीं पहुँच सके। वहीं, दूसरी ओर उत्तराखण्ड कांग्रेस एससी विभाग के प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल ने सम्मेलन में विशेष रूप से शिरकत की और कर्मचारियों की इस लड़ाई को अपना पूर्ण राजनीतिक व नैतिक समर्थन देने का ऐलान किया। इसके अलावा ओबीसी महासभा के अध्यक्ष कल्याण सिंह, अनुराखी तथा वर्षा कटारिया सहित कई अन्य सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी कर्मचारियों की आवाज बुलंद करने के लिए मंच पर उपस्थित रहे।
​द्वितीय सत्र: लोकतांत्रिक प्रक्रिया से ‘गढ़वाल मण्डल कार्यकारिणी’ का निर्विरोध चुनाव
​अधिवेशन के दूसरे तकनीकी सत्र में संगठन के विस्तार और मण्डलीय मजबूती पर ध्यान केंद्रित किया गया। इस सत्र के दौरान पूर्णतः लोकतांत्रिक और पारदर्शी व्यवस्था के तहत गढ़वाल मण्डल कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया शुरू की गई। चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए प्रदेश अध्यक्ष रघुवीर सिंह तोमर ने प्रो. जयपाल सिंह एवं रघुनाथ लाल आर्य को प्राधिकृत पर्यवेक्षक नियुक्त किया, जबकि एम.पी. शिल्पकार को चुनाव अधिकारी (इलेक्शन ऑफिसर) की जिम्मेदारी सौंपी गई। चुनावी मंच पर गढ़वाल मण्डल के सभी जनपदों के प्रतिनिधियों की आम सहमति और आपसी तालमेल के बाद पूरी कार्यकारिणी का गठन सर्वसम्मति और निर्विरोध रूप से संपन्न हुआ, जो संगठन की आंतरिक एकता को दर्शाता है।

 


​नवनिर्वाचित गढ़वाल मण्डल कार्यकारिणी में लोकतांत्रिक सर्वसम्मति से मांगे राम मौर्य को अध्यक्ष चुना गया। इसके साथ ही कार्यकारिणी के अन्य महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी सौंपते हुए किरन पाल को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, भजन लाल शाह को उपाध्यक्ष (पुरुष), भारती प्रकाश को उपाध्यक्ष (महिला) और नागपाल सिंह कटारिया को महासचिव नियुक्त किया गया। संगठन की मण्डलीय गतिविधियों को गति देने के लिए अजय भारती को सचिव, नरेन्द्र सिंह को कोषाध्यक्ष, लेखपाल को संयुक्त सचिव, नन्दीया आर्य उर्फ रजिन्द्र लाल शास्त्री को संगठन सचिव तथा छत्रपाल सिंह को सचिव (प्रचार-प्रसार) की जिम्मेदारी दी गई।
​इस दो-सत्रीय प्रांतीय महाधिवेशन और चुनावी प्रक्रिया को सफ़ल बनाने में संगठन के शीर्ष नेतृत्व और संरक्षक मंडल ने अपनी अहम भूमिका निभाई। इस अवसर पर मुख्य रूप से संरक्षक मदन कुमार शिल्पकार, सह-उपाध्यक्ष विनोद कुमार, उपाध्यक्ष इं. बबलू सिंह, राजेन्द्र सिंह, सहसचिव इं. सुनील सिंह, कोषाध्यक्ष व उपाध्यक्ष डॉ. मनोहर लाल, दिनेश धीमान, राकेश टम्टा, राजेन्द्र शाह, डॉ. प्रदीप कुमार, प्रमोद चौधरी, भीम लाल मेहरा और सुन्दर लाल शाह सहित सैकड़ों की संख्या में विभागीय कर्मचारी और फेडरेशन के प्रान्तीय सदस्य उपस्थित रहे। अधिवेशन के अंत में नवनिर्वाचित गढ़वाल मण्डल के अध्यक्ष मांगे राम मौर्य और उनकी पूरी टीम को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि वे कर्मचारियों के शोषण के खिलाफ हर स्तर पर संघर्ष करेंगे और फेडरेशन के सिद्धांतों को आगे बढ़ाएंगे। सभा के अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ प्रांतीय अधिवेशन के समापन की घोषणा की गई।

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