देश की खुशहाली का मार्ग रसोई से: उत्तराखण्ड में भाजपा महिला मोर्चा ने शुरू किया ‘कम तेल की थाली, स्वस्थ भारत की खुशहाली’ अभियान
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देश की खुशहाली का मार्ग रसोई से: उत्तराखण्ड में भाजपा महिला मोर्चा ने शुरू किया ‘कम तेल की थाली, स्वस्थ भारत की खुशहाली’ अभियान
नई दिल्ली/देहरादून। देश में बढ़ती गैर-संचारी बीमारियों (NCDs) जैसे मोटापा, हृदय रोग और उच्च रक्तचाप पर नियंत्रण पाने तथा नागरिकों को एक स्वास्थ्य-सचेत जीवनशैली की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से उत्तराखण्ड में एक अनूठी मुहिम की शुरुआत की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वस्थ भारत’ के आह्वान और उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘स्वस्थ उत्तराखण्ड संकल्प’ को धरातल पर उतारते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महिला मोर्चा ने राज्यव्यापी जागरूकता अभियान तेज कर दिया है।
इसी क्रम में उत्तराखण्ड के चम्पावत जिले के विभिन्न मंडलों में “कम तेल की थाली, स्वस्थ भारत की खुशहाली” विषय पर केंद्रित विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अभियान का नेतृत्व महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष श्रीमती दीपा जोशी ने किया, जिसे भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रुचि भट्ट के दिशा-निर्देशन में संचालित किया जा रहा है।
मंडलों में मातृशक्ति की जुटी भारी भीड़, लिया स्वास्थ्य का संकल्प
चम्पावत जिले के मैदानी और सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों में इस अभियान को लेकर महिलाओं में अभूतपूर्व उत्साह देखा गया। जिले के तीन प्रमुख मंडलों में स्थानीय स्तर पर कमान संभालते हुए महिला पदाधिकारियों ने इस जन-जागरूकता कार्यक्रम को आगे बढ़ाया:मंच तामली मंडल: यहाँ कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष श्रीमती कुसुम जोशी ने की। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं को रसोई में अत्यधिक तेल-मसालों के उपयोग से होने वाले शारीरिक नुकसान के प्रति सचेत किया।रीठा मंडल: इस मंडल में कार्यक्रम अध्यक्ष उर्वशी मेहता की देखरेख में महिलाओं को पौष्टिक और पारंपरिक आहार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।लोहाघाट नगर मंडल: नगर मंडल अध्यक्ष चंद्रकला मेहता की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में शहरी जीवनशैली में आ रहे बदलावों और जंक फूड के खतरों पर व्यापक चर्चा हुई।
खान-पान में बदलाव से ‘स्वस्थ भारत’ की नींव
राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीतियों और पोषण अभियानों के समानांतर चल रहे इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि किसी भी परिवार के स्वास्थ्य की धुरी उस घर की रसोई और मातृशक्ति होती है। यदि दैनिक भोजन में तेल की खपत को नियंत्रित कर लिया जाए, तो देश के नागरिकों को एक बड़े स्वास्थ्य संकट और आर्थिक बोझ से बचाया जा सकता है।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया:
- स्थानीय और पारंपरिक मोटे अनाजों (Millets) को बढ़ावा: उत्तराखण्ड के पारंपरिक अनाज जैसे मडुआ (रागी) और झंगोरा को कम तेल में पकाकर पौष्टिक थाली तैयार करने की विधियों पर चर्चा की गई।
- दैनिक जीवनशैली में सुधार: महिलाओं को केवल खान-पान ही नहीं, बल्कि योग, प्राणायाम और शारीरिक श्रम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की शपथ दिलाई गई।
- घर-घर तक संदेश पहुँचाने का संकल्प: महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने यह ज़िम्मेदारी ली कि वे इस संदेश को चम्पावत के प्रत्येक गांव और प्रत्येक घर तक पहुँचाएंगी।
सुशासन और अंत्योदय का विज़न
भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष श्रीमती दीपा जोशी ने राष्ट्रीय मीडिया को बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार अंत्योदय (अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति का उदय) के सिद्धांत पर काम कर रही है। एक समृद्ध राज्य की कल्पना तब तक अधूरी है जब तक कि वहां का नागरिक शारीरिक रूप से स्वस्थ न हो।
यह अभियान आने वाले दिनों में उत्तराखण्ड के अन्य जिलों में भी बड़े पैमाने पर आयोजित किया जाएगा, ताकि देश की मातृशक्ति के माध्यम से ‘स्वस्थ भारत, सशक्त भारत’ के विज़न को नई गति दी जा सके।
