लखनऊ में कर्ज के दलदल ने उजाड़ा परिवार: माँ-बेटे की मौत, पिता की हालत गंभीर; बंथरा के नींवा गांव में पसरा मातम
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लखनऊ में कर्ज के दलदल ने उजाड़ा परिवार: माँ-बेटे की मौत, पिता की हालत गंभीर; बंथरा के नींवा गांव में पसरा मातम
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बंथरा थाना क्षेत्र से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ के नींवा गांव में कर्ज के भारी बोझ से दबे एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने मौत को गले लगाने का खौफनाक कदम उठा लिया। जहरीला पदार्थ खाने के कारण माँ और बेटे की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि परिवार के मुखिया (पिता) की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। इस सामूहिक आत्महत्या के प्रयास ने इलाके में सनसनी फैला दी है।
घटनाक्रम: डायल 112 की सूचना पर मची खलबली
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को बंथरा के नींवा गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया जब पुलिस कंट्रोल रूम (डालय 112) को एक ही घर के तीन लोगों द्वारा जहर खाने की सूचना मिली। मौके पर पहुँची पुलिस टीम ने देखा कि रूपनारायण चौरसिया, उनकी पत्नी तारावती और बेटे संदीप चौरसिया अचेत अवस्था में पड़े थे और उनके मुँह से झाग निकल रहा था।
पुलिस ने बिना देरी किए तीनों को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने संदीप और तारावती को मृत घोषित कर दिया। रूपनारायण की साँसें अभी चल रही हैं, लेकिन उनकी स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है और वे आईसीयू (ICU) में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं।
कर्ज का काल: सुसाइड नोट से खुला राज
प्राथमिक जांच और मृतक संदीप की जेब से बरामद सुसाइड नोट ने इस सामूहिक आत्महत्या की वजह साफ कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, परिवार पिछले काफी समय से भारी आर्थिक तंगी और कर्ज के बोझ से जूझ रहा था। सुसाइड नोट में कर्जदारों के दबाव और बेबसी का जिक्र होने की बात सामने आ रही है।
- फॉरेंसिक जांच: मौके पर पहुँची एफएसएल (FSL) टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं।
- पोस्टमार्टम: पुलिस ने माँ-बेटे के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ताकि जहर के प्रकार और मृत्यु के सटीक समय का पता चल सके।
गांव में शोक की लहर, सुरक्षा व्यवस्था तैनात
नींवा गांव में इस घटना के बाद से ही सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि चौरसिया परिवार मिलनसार था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि वे इतने बड़े मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। बंथरा पुलिस ने किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए गांव में अतिरिक्त बल तैनात किया है।
प्रशासनिक रुख और जांच के बिंदु
लखनऊ पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि मामला प्रथम दृष्टया आत्महत्या का ही लग रहा है, क्योंकि शरीर पर किसी भी बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस अब उन लोगों की तलाश कर रही है जिनसे परिवार ने कर्ज लिया था। क्या उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा था? क्या कोई उन्हें सुसाइड के लिए उकसा रहा था? इन सभी बिंदुओं पर गहनता से जांच की जा रही है।
