यूपी भाजपा में संगठन के कायाकल्प की तैयारी: एक सप्ताह के भीतर घोषित होंगी जिला टीमें; पंकज चौधरी और धर्मपाल सिंह की मैराथन बैठकें शुरू
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यूपी भाजपा में संगठन के कायाकल्प की तैयारी: एक सप्ताह के भीतर घोषित होंगी जिला टीमें; पंकज चौधरी और धर्मपाल सिंह की मैराथन बैठकें शुरू
लखनऊ। उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर ‘मिशन 2027’ की तैयारियों ने अब रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश संगठन के पुनर्गठन की प्रक्रिया के तहत अगले एक सप्ताह के भीतर सभी जिला इकाइयों के गठन की कार्यवाही पूरी कर ली जाएगी। पार्टी के प्रदेश नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि सात दिनों के अंदर नई जिला टीमों की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी। इस महत्वपूर्ण सांगठनिक कवायद को अंतिम रूप देने के लिए प्रदेश मुख्यालय पर बैठकों का दौर शुरू हो चुका है।
तीन दिवसीय मैराथन बैठकें: प्रदेश मुख्यालय बना रणनीतिक केंद्र
संगठन को नए सिरे से खड़ा करने के लिए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह आज से लगातार तीन दिनों तक मैराथन बैठकें करेंगे।
- शेड्यूल: आज (शुक्रवार), शनिवार और रविवार को प्रदेश भाजपा मुख्यालय पर बैठकों का सिलसिला सुबह से देर रात तक चलेगा।
- प्रतिभागी: इन बैठकों में जिला पर्यवेक्षक, क्षेत्रीय प्रभारी, क्षेत्रीय अध्यक्ष और वर्तमान जिलाध्यक्ष शामिल होंगे।
संभावित नामों का पैनल तैयार: पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट पर होगा मंथन
भाजपा ने जिला इकाइयों के गठन के लिए बेहद लोकतांत्रिक और सांगठनिक प्रक्रिया अपनाई है। सभी जिलों में पहले ही पर्यवेक्षक भेजे गए थे, जिन्होंने स्थानीय कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से रायशुमारी कर संभावित नामों का एक पैनल तैयार किया है।
- अब इन तीन दिनों की बैठकों में पंकज चौधरी और धर्मपाल सिंह उसी पैनल पर चर्चा करेंगे।
- नामों के चयन में जातीय समीकरण, क्षेत्रीय संतुलन और कार्यकर्ता की सक्रियता को प्राथमिकता दी जा रही है।
कोर कमेटी की बैठक: अंतिम मुहर की तैयारी
जिला इकाइयों के गठन की इस गहन प्रक्रिया के बीच पार्टी की कोर कमेटी की भी एक महत्वपूर्ण बैठक होनी तय है। माना जा रहा है कि जिला अध्यक्षों और जिला टीमों के नामों पर कोर कमेटी में चर्चा के बाद ही अंतिम सूची जारी की जाएगी। यह फेरबदल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी उन चेहरों को आगे लाना चाहती है जो आगामी विधानसभा चुनावों में जमीनी स्तर पर मतदाताओं को जोड़ने में सक्षम हों।
नए और पुराने चेहरों का दिखेगा संगम
सूत्रों का कहना है कि संगठन के इस नए स्वरूप में कई पुराने और अनुभवी चेहरों को बरकरार रखा जा सकता है, जबकि निष्क्रिय प्रदर्शन वाले जिलाध्यक्षों की छुट्टी होना तय है। ‘वन मैन, वन पोस्ट’ (एक व्यक्ति, एक पद) के सिद्धांत का भी कड़ाई से पालन किया जाएगा, ताकि सरकार और संगठन के बीच कार्यों का स्पष्ट बंटवारा हो सके।
2027 के महासंग्राम की पहली बिसात
भाजपा का यह सांगठनिक विस्तार केवल पदों का वितरण नहीं है, बल्कि 2027 के चुनावी महासंग्राम की पहली बिसात है। मजबूत जिला इकाइयां ही भाजपा की बूथ स्तर की रणनीति को सफल बनाती हैं। एक सप्ताह के भीतर आने वाली यह सूची यूपी की राजनीति में भाजपा की नई दिशा तय करेगी।
