इलाहाबाद हाईकोर्ट: पटाखा माफिया कादिर की जमानत पर सुनवाई; 25 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा, अब इनकम टैक्स रडार पर
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इलाहाबाद हाईकोर्ट: पटाखा माफिया कादिर की जमानत पर सुनवाई; 25 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा, अब इनकम टैक्स रडार पर
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के चर्चित पटाखा माफिया कादिर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। करोड़ों की ठगी के मामले में जेल में बंद कादिर की जमानत याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) में हुई सुनवाई के दौरान चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। विवेचक द्वारा कोर्ट में पेश किए गए साक्ष्यों ने इस मामले को एक बड़े वित्तीय घोटाले की ओर मोड़ दिया है। अब इस प्रकरण में इनकम टैक्स (IT) की भी एंट्री होने जा रही है।
25 करोड़ का लेनदेन: ‘प्री रिचार्ज पे’ कंपनी के जरिए खेल
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान विवेचक ने अदालत को बताया कि जांच में 25 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन का पता चला है। यह पूरा आर्थिक मायाजाल ‘प्री रिचार्ज पे’ (Pre Recharge Pay) नाम की कंपनी के जरिए बुना गया था।
- विवेचक का दावा: विवेचक ने कोर्ट के समक्ष साक्ष्य पेश करते हुए कहा कि जैसे-जैसे जांच का दायरा बढ़ रहा है, वैसे-वैसे और भी बड़े वित्तीय खुलासे होने की उम्मीद है।
- फर्जीवाड़ा: आरोप है कि इस कंपनी और कादिर ने निवेशकों के करोड़ों रुपये इधर से उधर किए हैं।
रकम दोगुनी करने का लालच देकर की ठगी
पटाखा माफिया कादिर पर आरोप है कि उसने सैकड़ों निर्दोष निवेशकों को उनकी जमा पूंजी दोगुनी करने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी की। पीड़ितों ने प्रयागराज के शाहगंज थाने में कादिर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
हाईकोर्ट सख्त: इनकम टैक्स कमिश्नर को निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि इतने बड़े पैमाने पर हुए लेनदेन की गहराई से जांच आवश्यक है।
- अगली सुनवाई: कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 8 अप्रैल 2026 की तारीख मुकर्रर की है।
- आईटी रिपोर्ट: हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि अगली तारीख पर इनकम टैक्स कमिश्नर की जांच रिपोर्ट भी अदालत के समक्ष पेश की जाए। इससे यह साफ होगा कि करोड़ों की इस रकम का स्रोत क्या था और क्या इसमें टैक्स चोरी या मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर मामले शामिल हैं।
शाहगंज थाना पुलिस की जांच तेज
शाहगंज पुलिस अब कादिर के अन्य सहयोगियों और उस नेटवर्क की तलाश कर रही है जिसने इस ठगी को अंजाम देने में मदद की। पुलिस का मानना है कि ‘प्री रिचार्ज पे’ कंपनी के जरिए ठगी गई रकम का आंकड़ा 25 करोड़ से कहीं अधिक हो सकता है।
