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प्रयागराज में ऐतिहासिक फैसला: मासूम से रेप और हत्या के दोषी मुकेश पटेल को फांसी की सजा, 40 दिन में चार्जशीट और डेढ़ साल में इंसाफ

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प्रयागराज में ऐतिहासिक फैसला: मासूम से रेप और हत्या के दोषी मुकेश पटेल को फांसी की सजा, 40 दिन में चार्जशीट और डेढ़ साल में इंसाफ

प्रयागराज: न्याय की चौखट से एक ऐसा फैसला आया है जिसने अपराधियों के अंतर्मन में खौफ पैदा कर दिया है। प्रयागराज की स्पेशल पोक्सो (POCSO) कोर्ट ने अक्टूबर 2024 में सोरांव क्षेत्र में हुई एक मासूम बच्ची की रेप और हत्या के मामले में दोषी मुकेश पटेल को फांसी की सजा सुनाई है। यह प्रयागराज के न्यायिक इतिहास का संभवतः पहला मामला है, जहाँ पोक्सो एक्ट के तहत किसी दोषी को मौत की सजा मुकर्रर की गई है।

क्या था पूरा मामला?

​घटना 3 अक्टूबर 2024 की है। सोरांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक मासूम बच्ची अचानक लापता हो गई थी। जांच के दौरान पता चला कि मुकेश पटेल नाम के युवक ने मासूम के साथ न केवल दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया, बल्कि अपनी पहचान छिपाने के लिए उसकी निर्मम हत्या कर दी। इस घटना ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया था और जनता में भारी आक्रोश था।

पुलिस की सक्रियता: 40 दिन में दाखिल की चार्जशीट

​प्रयागराज पुलिस ने इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को समझते हुए ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ के तहत त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने महज 40 दिनों के भीतर कोर्ट में पुख्ता साक्ष्यों के साथ चार्जशीट पेश कर दी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, मामले को अंजाम तक पहुँचाने के लिए वैज्ञानिक साक्ष्यों का सहारा लिया गया:CCTV फुटेज: आरोपी मुकेश पटेल बच्ची को बहला-फुसलाकर ले जाते हुए सीसीटीवी में कैद हुआ था। इस फुटेज की फॉरेंसिक जांच कराकर उसे पुख्ता सबूत बनाया गया। ​DNA और ब्लड सैंपल: मृतिका और आरोपी के ब्लड सैंपल मैच कर गए, जिसने मुकेश की मौके पर मौजूदगी और अपराध में संलिप्तता को वैज्ञानिक रूप से सिद्ध किया।

गवाहियां: कोर्ट में कुल 15 लोगों की गवाही दर्ज की गई, जिन्होंने अभियोजन पक्ष के दावों को मजबूती दी।

कोर्ट की टिप्पणी: ‘दुर्लभतम से दुर्लभ’ अपराध

​करीब डेढ़ साल तक चली निरंतर सुनवाई (Day-to-day hearing) के बाद, पोक्सो स्पेशल कोर्ट ने माना कि यह अपराध ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ (दुर्लभतम से दुर्लभ) की श्रेणी में आता है। सरकारी वकील विनय त्रिपाठी ने बताया कि बचाव पक्ष की दलीलों को खारिज करते हुए कोर्ट ने माना कि जिस क्रूरता से मासूम की जान ली गई, वह समाज के लिए असहनीय है। कोर्ट ने मुकेश पटेल को फांसी की सजा सुनाते हुए समाज को एक कड़ा संदेश दिया है।

न्याय की जीत और भविष्य का संदेश

​इस फैसले के बाद मृतिका के परिजनों ने राहत की सांस ली है। कानूनी जानकारों का मानना है कि इतनी तेजी से आए फैसले और कड़ी सजा से पोक्सो मामलों में अपराधियों के हौसले पस्त होंगे। सरकारी वकील विनय त्रिपाठी के अनुसार, पुलिस और अभियोजन के बेहतर समन्वय के कारण ही इतने कम समय में फांसी की सजा तक पहुँचा जा सका।

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