UP के सरकारी स्कूलों में गूंजेगा AI का डंका ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के तहत कक्षा 9 से 12 तक AI जरूरी
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UP के सरकारी स्कूलों में गूंजेगा AI का डंका ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के तहत कक्षा 9 से 12 तक AI जरूरी
संदीप कुमार लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के युवाओं को ग्लोबल जॉब मार्केट के लिए तैयार करने की दिशा में एक बड़ा क्रांतिकारी कदम उठाया है। प्रदेश में ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के तहत अब सरकारी स्कूलों के छात्र भी दुनिया की सबसे आधुनिक तकनीक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की पढ़ाई करेंगे। कौशल विकास मिशन के इस बड़े टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन से प्रदेश के 2 लाख से ज्यादा छात्र सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।
2026-27 सत्र से लागू होगा अनिवार्य कोर्स
शासन के निर्णय के अनुसार, आगामी सत्र 2026-27 से कक्षा 9 से 12 तक के सभी छात्रों और प्रशिक्षकों (Instructors) के लिए AI का कोर्स अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए ‘AI for All’ नाम से 4 घंटे का एक विशेष ओरिएंटेशन मॉड्यूल तैयार किया गया है, जो छात्रों को इस तकनीक की बुनियादी समझ विकसित करने में मदद करेगा।
कौशल विकास के साथ AI का संगम
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने अपने मौजूदा 210 घंटे के सर्टिफिकेट कोर्स में अब AI मॉड्यूल को भी जोड़ दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार के आधुनिक अवसरों के काबिल बनाना है। अब छात्र निम्नलिखित ट्रेडों के साथ AI का तालमेल सीखेंगे:
- आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स
- हेल्थकेयर
- ब्यूटी और वेलनेस
आज प्रशिक्षकों के लिए विशेष वर्कशॉप
इस मुहिम को धरातल पर उतारने के लिए आज, 28 मार्च को राज्य भर के प्रशिक्षकों (Instructors) के लिए एक ऑनलाइन वर्कशॉप का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्कशॉप में शिक्षकों को AI मॉड्यूल के संचालन और छात्रों को इसे पढ़ाने के तरीकों के बारे में विस्तार से प्रशिक्षित किया जाएगा।
रोजगार के बढ़ेंगे अवसर
विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूल स्तर पर ही AI की शिक्षा मिलने से यूपी के छात्र निजी क्षेत्र और टेक कंपनियों की डिमांड के अनुसार खुद को ढाल सकेंगे। ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के तहत यह कदम उत्तर प्रदेश को देश का ‘टेक्नोलॉजी हब’ बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
