जेवर एयरपोर्ट से पहली उड़ान के साथ ‘हवाई शक्ति’ बना उत्तर प्रदेश; अब 24 एयरपोर्ट वाला राज्य बनने की राह पर
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जेवर एयरपोर्ट से पहली उड़ान के साथ ‘हवाई शक्ति’ बना उत्तर प्रदेश; अब 24 एयरपोर्ट वाला राज्य बनने की राह पर
जेवर/नोएडा। उत्तर प्रदेश के नागरिक उड्डयन क्षेत्र में आज एक ऐतिहासिक क्षण दर्ज किया गया, जब एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शुमार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के रनवे से पहली आधिकारिक उड़ान ने आसमान की ओर रुख किया। इस गौरवशाली पल के साक्षी बने प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जिन्होंने राजकीय वायुयान के माध्यम से जेवर से लखनऊ तक का सफर तय कर इस हवाई अड्डे का औपचारिक उद्घाटन किया।
ऐतिहासिक पल: जेवर से लखनऊ का पहला सफर
जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन समारोह के दौरान जैसे ही राजकीय वायुयान ने रनवे छोड़कर आसमान की ऊंचाइयों को छुआ, पूरा परिसर ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मौके पर कहा कि जेवर एयरपोर्ट केवल एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के विकास की नई ‘उड़ान’ है, जो आने वाले समय में लाखों युवाओं के लिए रोजगार और निवेश के द्वार खोलेगा। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने इसे महिला सशक्तिकरण और आधुनिक भारत की एक भव्य तस्वीर करार दिया।
24 एयरपोर्ट वाला प्रदेश बनने की ओर अग्रसर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘उड़े देश का आम नागरिक’ (UDAN) विजन के तहत उत्तर प्रदेश अब 24 एयरपोर्ट वाला राज्य बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। वर्तमान में प्रदेश की स्थिति कुछ इस प्रकार है:
1. संचालित एयरपोर्ट (कुल 17):
उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 17 एयरपोर्ट पूरी तरह संचालित हैं, जो कनेक्टिविटी के मामले में देश में मिसाल पेश कर रहे हैं।अंतरराष्ट्रीय (05): लखनऊ (अमौसी), वाराणसी (बाबतपुर), कुशीनगर, अयोध्या (महर्षि वाल्मीकि) और अब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट।घरेलू (12): आगरा, त्रिशूल (बरेली), गोरखपुर, हिंडन (गाजियाबाद), प्रयागराज, कानपुर, अलीगढ़, आजमगढ़, मुरादाबाद, श्रावस्ती, चित्रकूट और सहारनपुर।
2. प्रक्रियाधीन एयरपोर्ट (कुल 07):
आगामी समय में उत्तर प्रदेश में 7 और नए एयरपोर्ट्स पर काम चल रहा है, जो विकास की रफ्तार को और तेज करेंगे:म्योरपुर (सोनभद्र), ललितपुर, मेरठ, पलिया (लखीमपुर), फुरसतगंज (अमेठी), गाजीपुर और झांसी।
सामरिक और आर्थिक महत्व
जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली के आईजीआई (IGI) एयरपोर्ट पर दबाव कम होगा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों जैसे गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़ और मथुरा के आर्थिक परिदृश्य में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट और यहाँ बनने वाला ‘एयरोसिटी’ प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने में इंजन की भूमिका निभाएगा।
नया हब
कभी पिछड़े राज्यों की श्रेणी में गिना जाने वाला उत्तर प्रदेश आज 5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट्स के साथ देश का अग्रणी ‘एविएशन हब’ बन चुका है। आज की यह पहली उड़ान न केवल जेवर से लखनऊ की दूरी को कम कर रही है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई गाथा लिख रही है।
