Uttrakhand DSP Transfer: पदोन्नति के साथ 15 पुलिस उपाधीक्षकों के तबादले, राजधानी की कमान में बदलाव
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Uttrakhand DSP Transfer: पदोन्नति के साथ 15 पुलिस उपाधीक्षकों के तबादले, राजधानी की कमान में बदलाव
देहरादून। उत्तराखंड शासन और पुलिस मुख्यालय ने राज्य की कानून व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। शासन के आदेशानुसार, निरीक्षक और दलनायक स्तर के अधिकारियों को पुलिस उपाधीक्षक (कनिष्ठ वेतनमान, लेवल-10) के पद पर पदोन्नति देते हुए नई तैनातियां सौंपी गई हैं। इसके साथ ही, लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारियों का स्थानांतरण कर पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने स्पष्ट संकेत दिया है कि फील्ड में प्रदर्शन और कार्यकुशलता ही प्राथमिकता होगी।

पदोन्नति के साथ मिली नई जिम्मेदारी
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी सूची के अनुसार, 10 अधिकारियों को निरीक्षक से पुलिस उपाधीक्षक के पद पर प्रोन्नत कर महत्वपूर्ण जनपदों और इकाइयों में भेजा गया है। इसमें चन्द्र मोहन को टिहरी गढ़वाल, भावना कैंथोला को अल्मोड़ा, होशियार सिंह को पीटीसी नरेन्द्रनगर और देवेन्द्र सिंह को चम्पावत की जिम्मेदारी दी गई है।

इसी क्रम में चंचल शर्मा को उत्तरकाशी, अंजना नेगी को नैनीताल और उमेश मलिक को पिथौरागढ़ भेजा गया है। इंटेलिजेंस और विशेष इकाइयों को मजबूत करते हुए संतोष कुमार बगड्वाल को अभिसूचना मुख्यालय, वेद प्रकाश को रुद्रप्रयाग और संजय कुमार उप्रेती को एसडीआरएफ (SDRF) में तैनात किया गया है।
प्रशासनिक सर्जरी: राजधानी और अन्य जिलों में फेरबदल
इस पूरी प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण पांच अन्य पुलिस उपाधीक्षकों के तबादले रहे हैं, जिन्हें जनहित और रिक्तियों के सापेक्ष बदला गया है। अनुज को जीआरपी हरिद्वार भेजा गया है, जबकि अनुज कुमार को अब देहरादून की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। रीना राठौर को आईआरबी-द्वितीय देहरादून, विमल प्रसाद को चम्पावत और निटिन लोहानी को देहरादून में नवीन तैनाती दी गई है।
जानकारों का मानना है कि लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव कर पुलिस मुख्यालय ने ‘डेडवुड’ को हटाने और नई ऊर्जा के साथ काम करने की रणनीति अपनाई है।
ऑपरेशन प्रहार और कानून व्यवस्था की चुनौतियां
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, यह फेरबदल केवल सामान्य प्रक्रिया नहीं है, बल्कि प्रदेश में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ को गति देने का एक हिस्सा है। इस अभियान के तहत इनामी बदमाशों की धरपकड़ और संगठित अपराध पर नकेल कसने की तैयारी है। हाल के दिनों में घटी कुछ बड़ी घटनाओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए थे, जिसके बाद राजधानी देहरादून में पुलिस प्रशासन की टीम लगातार मुस्तैदी का दावा कर रही है।
बार-रेस्टोरेंट पर पुलिस का डंडा
राजधानी देहरादून में कानून व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक अनुशासन बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार सक्रिय है। जिले के विभिन्न बार और रेस्टोरेंट में देर रात तक छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है। नियमों की अनदेखी करने वाले संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है, ताकि शहर की शांति व्यवस्था भंग न हो।
निष्कर्ष: पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने सभी अधिकारियों को बधाई देते हुए साफ कर दिया है कि नई चुनौतियों के बीच जनता को सुरक्षित महसूस कराना ही पुलिस का प्राथमिक लक्ष्य है। इन नियुक्तियों से सीमावर्ती जनपदों और राजधानी की पुलिसिंग में बड़े बदलाव की उम्मीद है।
