UP police constable Recruitment यूपी पुलिस में 81,000+ पदों पर होगी बंपर भर्ती, लंबे समय से जमे अफसरों की होगी छुट्टी
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UP police constable Recruitment यूपी पुलिस में 81,000+ पदों पर होगी बंपर भर्ती, लंबे समय से जमे अफसरों की होगी छुट्टी
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग के आधुनिकीकरण और कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री आवास पर संपन्न हुई इस बैठक में सीएम योगी ने भर्ती प्रक्रिया, साइबर सुरक्षा, और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर कड़े निर्देश जारी किए। बैठक में भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ और पारदर्शिता पर सबसे अधिक जोर दिया गया।
भर्ती में ऐतिहासिक कदम: 81 हजार नए पदों पर बहाली
मुख्यमंत्री ने बेरोजगार युवाओं के लिए बड़ी घोषणा करते हुए निर्देश दिया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में उत्तर प्रदेश पुलिस में 81,000 से अधिक पदों पर भर्ती की जाएगी।
- पारदर्शिता: सीएम ने स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया में मेरिट, आरक्षण और समयबद्धता का सख्ती से पालन होना चाहिए।
- प्रशिक्षण: आगामी वर्ष में 60,000 से अधिक आरक्षियों (कांस्टेबलों) और 4,500 उपनिरीक्षकों (SI) के प्रशिक्षण की रूपरेखा भी तैयार कर ली गई है।
इनपुट: लंबे समय से तैनात अफसरों का होगा तबादला
बैठक में सीएम योगी ने पुलिस महकमे में नई ऊर्जा फूंकने के लिए कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री आवास, राजभवन और पुलिस मुख्यालय में जो अधिकारी या कर्मचारी लंबे समय से तैनात हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाया जाए। इसी तरह लखनऊ के विभिन्न विंग्स में जमे पुलिसकर्मियों के भी तबादले के निर्देश दिए गए हैं।
रिस्पांस टाइम और आधुनिकीकरण पर फोकस
यूपी-112 की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने वर्तमान रिस्पांस टाइम (6 मिनट) की सराहना की, लेकिन इसे और कम करने के निर्देश दिए।
- PRV मूवमेंट: पीआरवी वाहनों को ‘स्ट्रेटजिक लोकेशन’ पर तैनात करने और उनका लगातार मूवमेंट सुनिश्चित करने को कहा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच सके।
- टेक्नोलॉजी: पुलिस रेडियो सिस्टम को सभी 75 जिलों में ई-ऑफिस और डिजिटल सिस्टम से लैस किया जाएगा।
- फॉरेंसिक साक्ष्य: अपराधियों को सजा दिलाने के लिए फॉरेंसिक एविडेंस कलेक्शन पर विशेष ध्यान देने का प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
अग्निशमन और साइबर सुरक्षा: नई रणनीति
बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक ₹425.7 करोड़ की साइबर ठगी रोकी जा चुकी है। साइबर हेल्पलाइन ‘1930’ की क्षमता और जागरूकता अभियान को और तेज किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, अग्निशमन सेवा के लिए ‘एक तहसील-एक फायर टेंडर’ योजना को गति देने और हर जिले में हाइड्रोलिक फायर टेंडर अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
जेल सुधार और सामाजिक सुरक्षा
- डिजिटल पेशी: जेलों में बंद कैदियों की पेशी अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी।
- ऑपरेशन मुस्कान: सीएम ने बताया कि इस अभियान के तहत 2,325 बच्चों को उनके परिवारों से मिलाया गया है, जिसे आगे भी संवेदनशीलता से जारी रखा जाएगा।
- नागरिक सुरक्षा: 7,500 नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण कार्य में तेजी लाई जाएगी।
बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद, डीजीपी राजीव कृष्ण, डीजी नीरा रावत, और डीजी आशुतोष पांडेय समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अंत में चेतावनी दी कि लंबित जांचों का निस्तारण समय पर हो और भ्रष्टाचार में संलिप्त किसी भी कर्मी को बख्शा न जाए।
