UP EXPRESS WAY TOLL HYKE : यूपी के टोल दरों में हुई भारी बढ़ोतरी, जानें आगरा-लखनऊ से बुंदेलखंड तक का नया रेट कार्ड
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UP EXPRESS WAY TOLL HYKE : यूपी के टोल दरों में हुई भारी बढ़ोतरी, जानें आगरा-लखनऊ से बुंदेलखंड तक का नया रेट कार्ड
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की रफ्तार के गलियारों यानी एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों की जेब पर अब अतिरिक्त बोझ बढ़ने वाला है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने प्रदेश के प्रमुख एक्सप्रेसवे पर टोल दरों में बढ़ोतरी कर दी है। आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल, बुंदेलखंड और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर अब वाहन चालकों को पहले के मुकाबले अधिक शुल्क चुकाना होगा। बढ़ी हुई दरें तत्काल प्रभाव से लागू मानी जा रही हैं।
एक्सप्रेसवे वार नई टोल दरें: एक नजर में
टोल दरों में यह बढ़ोतरी वाहन की श्रेणी और एक्सप्रेसवे की लंबाई के आधार पर की गई है। नीचे विस्तार से समझें कि अब आपको किस वाहन के लिए कितना टोल देना होगा:
1. कार, जीप और वैन (हल्के वाहन)
सभी प्रमुख एक्सप्रेसवे पर निजी कारों और हल्के वाहनों के लिए बेस टोल रेट में औसतन 10 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। छोटे सफर के लिए यह मामूली लग सकता है, लेकिन लंबी दूरी तय करने वालों के लिए यह खर्च बढ़ जाएगा।
2. बस और ट्रक (भारी वाहन)
बड़े वाहनों के लिए टोल में अच्छी-खासी वृद्धि देखने को मिली है:आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे: 2100 रुपये से बढ़कर अब 2150 रुपये।पूर्वांचल एक्सप्रेसवे: 2225 रुपये से बढ़कर 2240 रुपये।बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे: 2010 रुपये से बढ़कर 2025 रुपये।गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे: 840 रुपये से बढ़कर 845 रुपये।
3. भारी मशीनरी और मल्टी एक्सल वाहनआगरा-लखनऊ: 3225 से बढ़कर 3290 रुपये।पूर्वांचल: 3420 से बढ़कर 3430 रुपये।बुंदेलखंड: 3085 से बढ़कर 3100 रुपये।
4. विशालकाय वाहन (7 या अधिक एक्सल)
सबसे भारी और ओवरसाइज वाहनों के लिए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर अब 4230 रुपये तक का भुगतान करना होगा, जो पहले 4145 रुपये था। इसी तरह पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर यह दर 4400 रुपये पहुंच गई है।
राजधानी लखनऊ: एक्सप्रेसवे का हब
लखनऊ आज उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क का केंद्र बन चुका है। यहाँ से प्रमुख रूप से तीन बड़े एक्सप्रेसवे जुड़ते हैं:आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे: यह दिल्ली और पश्चिमी यूपी को जोड़ता है।पूर्वांचल एक्सप्रेसवे: यह लखनऊ को गाजीपुर और बिहार की सीमा तक जोड़ता है।लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे: (निर्माणाधीन/प्रस्तावित) जो औद्योगिक गलियारे को मजबूती देगा।
ये एक्सप्रेसवे न केवल लखनऊ को पूर्वांचल और बुंदेलखंड से जोड़ते हैं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी गति दे रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था: एक्सप्रेसवे पर अभेद्य कवच
बढ़ी हुई टोल दरों के साथ यात्रियों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे पर निम्नलिखित सुरक्षा इंतजाम मौजूद हैं:एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS): इसके जरिए ओवरस्पीडिंग करने वाले वाहनों पर कैमरों से नजर रखी जाती है।डायल 112 और एम्बुलेंस: हर कुछ किलोमीटर की दूरी पर पीआरवी (PRV) वाहन और क्विक रिस्पांस टीमें तैनात रहती हैं।पशु अवरोधक बाड़: एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ फेंसिंग की गई है ताकि आवारा पशु सड़क पर न आ सकें।इंटेलिजेंट मॉनिटरिंग: मुख्य कंट्रोल रूम से हर गतिविधि की 24×7 निगरानी की जाती है।
आम जनमानस पर प्रभाव
सरकार का तर्क है कि टोल से प्राप्त राशि का उपयोग एक्सप्रेसवे के रख-रखाव और नई कनेक्टिविटी परियोजनाओं के लिए किया जाता है। हालांकि, बस और ट्रक के किराए में बढ़ोतरी का सीधा असर माल ढुलाई और आम यात्रियों के टिकट पर भी पड़ सकता है। ‘मिशन 2027’ की ओर बढ़ती सरकार के लिए इन ढांचागत विकास परियोजनाओं को आत्मनिर्भर बनाना प्राथमिकता है, जिसके चलते यह रिव्यु किया गया है।
