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टिहरी के मदननेगी में खुलेगा नया केंद्रीय विद्यालय: मुख्यमंत्री धामी ने केंद्र का जताया आभार, शिक्षा के क्षेत्र में नए युग की शुरुआत

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टिहरी के मदननेगी में खुलेगा नया केंद्रीय विद्यालय: मुख्यमंत्री धामी ने केंद्र का जताया आभार, शिक्षा के क्षेत्र में नए युग की शुरुआत

देहरादून/टिहरी गढ़वाल।

​उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा के सुदृढ़ीकरण और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। जनपद टिहरी गढ़वाल के मदननेगी क्षेत्र में नए केन्द्रीय विद्यालय (Kendriya Vidyalaya) की स्थापना को केंद्र सरकार ने आधिकारिक मंजूरी प्रदान कर दी है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का हृदय से आभार व्यक्त किया है।

​यह नया केंद्रीय विद्यालय केवल एक भवन मात्र नहीं, बल्कि टिहरी के दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा का एक सशक्त केंद्र बनेगा।

शैक्षणिक सत्र 2026-27 से होगा संचालन

​केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, मदननेगी में यह विद्यालय सिविल सेक्टर के अंतर्गत स्थापित किया जा रहा है। सबसे खास बात यह है कि इसकी शुरुआत के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा। आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से ही इस विद्यालय में पठन-पाठन का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।

​मुख्यमंत्री ने इस निर्णय पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है और केंद्र का यह सहयोग उत्तराखंड के ‘नोनीहालों’ (बच्चों) के सुनहरे भविष्य की नींव रखेगा।

प्रवेश प्रक्रिया और कक्षाओं का स्वरूप

​प्रारंभिक चरण में विद्यालय को चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की योजना बनाई गई है:​कक्षाएं: शुरुआत में यह विद्यालय कक्षा 1 से 5 तक संचालित होगा। प्रत्येक कक्षा में अभी एक सेक्शन की अनुमति दी गई है।​विस्तार: आगामी वर्षों में जैसे-जैसे छात्रों की संख्या और आवश्यकता बढ़ेगी, विद्यालय को क्रमिक रूप से उच्च माध्यमिक स्तर (12वीं) तक विस्तारित किया जाएगा।त्वरित कार्रवाई: सभी आवश्यक औपचारिकताओं और कागजी कार्रवाई के पूर्ण होने के मात्र 30 दिनों के भीतर प्रवेश प्रक्रिया (Admission Process) शुरू कर दी जाएगी, ताकि स्थानीय बच्चों का समय व्यर्थ न हो।

85 नए विद्यालयों की श्रृंखला का हिस्सा

​मदननेगी में खुलने वाला यह विद्यालय भारत सरकार की उस वृहद योजना का हिस्सा है, जिसके तहत देश भर में कुल 85 नए केंद्रीय विद्यालय खोले जाने की पूर्व स्वीकृति दी गई थी। टिहरी के मदननेगी का चयन इस सूची में होना इस क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों और शैक्षिक आवश्यकता को दर्शाता है।

​मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा, “हमारी सरकार ‘संकल्प से सिद्धि’ के मंत्र पर काम कर रही है। केंद्र और राज्य के साझा प्रयासों से अब पहाड़ के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को भी वही विश्वस्तरीय शिक्षा मिल सकेगी, जो बड़े शहरों में उपलब्ध है।”

स्थानीय स्तर पर सकारात्मक प्रभाव

​मदननेगी और इसके आसपास के दर्जनों गांवों के लिए यह खबर किसी उत्सव से कम नहीं है।​गुणवत्तापूर्ण शिक्षा: अब स्थानीय अभिभावकों को अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए बड़े शहरों या जिला मुख्यालय की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा।​आर्थिक राहत: केंद्रीय विद्यालय की कम फीस और उच्च मानक से मध्यम व निम्न आय वर्ग के परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।​शैक्षिक ढांचा: विद्यालय खुलने से क्षेत्र में अन्य सहायक गतिविधियों और शैक्षिक परिवेश को भी मजबूती मिलेगी।

शिक्षा के प्रति अटूट संकल्प

​मुख्यमंत्री ने दोहराया कि युवाओं के भविष्य को संवारना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मदननेगी में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना से न केवल साक्षरता दर में सुधार होगा, बल्कि यहाँ के छात्र भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं और राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धाओं में भी अपनी धाक जमा सकेंगे।

​निश्चित रूप से, टिहरी गढ़वाल के लिए यह निर्णय विकास की नई इबारत लिखने वाला साबित होगा, जहाँ शिक्षा के प्रकाश से आने वाली पीढ़ी का मार्ग प्रशस्त होगा।

ब्यूरो रिपोर्ट, देहरादून।

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